चंडीगढ़, 23 दिसंबर (हि.स.)। हरियाणा के कुरुक्षेत्र में अंगीठी की गैस से दम घुटने से पांच प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई। पांचों श्रमिक सोमवार रात कुरुक्षेत्र के एक हाेटल में पहुंचे थे और मंगलवार से यहां पेंट का काम शुरू करना था। सभी मृतक मजदूर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के रहने वाले थे। मंगलवार सुबह सभी मजदूर एक कमरे में मृत पाए गए। प्रारंभिक जांच में पुलिस का कहना है कि ठंड के कारण अंगीठी जलाकर सोए थे और गैस की चपेट में आने से सभी की मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, सोमवार शाम को सहारनपुर से ठेकेदार नूर के साथ चार लोग पेंट करने के लिए कुरुक्षेत्र पहुंचे थे। शाम को यहां पहुंचे मजदूर रात कोखाना खाने के बाद हाेटल के एक कमरे में सो गए थे। बंद कमरे का दरवाजा जब सुबह देर तक नहीं खुला तोहोटल में काम करने वाले कर्मचारियों ने उन्हें जगाने का प्रयास किया। उनके न उठनेपर इसकी सूचना पुलिस और मैनेजर को दी गई। कमरे के अंदर अंगीठी जली हुई थी।प्राथमिक तौर पर इसी अंगीठी के धुएं में दम घुटने का अनुमान लगाया जा रहा है।
होटल कर्मचारियों के मुताबिक, कमरे के अंदर कोयले की अंगीठी जलीहुई थी। प्राथमिक तौर पर इसी अंगीठी के धुएं में दम घुटने का अनुमान लगाया जा रहाहै। फिलहाल, पुलिस ने होटल मालिक को बुला लिया है। साथ ही सभी पांचों मृतकों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
हरिद्वार, 23 दिसंबर (हि.स.)। उत्तराखंड के स्कूलों में भगवत गीता के श्लोक पढ़ाये जाने के सरकार के निर्णय पर साधु संत समाज भी संतुष्ट नजर आ रहे हैं। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी महाराज ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि गीता पाठ केवल स्कूलों तक सीमित नहीं है, बल्कि कॉलेजों में भी पढ़ाया जाना चाहिए।
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी महाराज ने एक बातचीत में कहा कि धामी सरकार सनातन के संरक्षण और संवर्धन के लिए काम कर रही है।सावन माह में की गई यह घोषणा अब धरातल पर उतर चुकी है। उन्होंने कहा कि गीता पाठ केवल स्कूलों तक सीमित नहीं है, बल्कि कॉलेजों में भी इसका पाठ पढ़ाया जाना चाहिए। जो समाज के लिए एक सकारात्मक और प्रेरणादायक संदेश है।
उन्होंने कहा कि भारत अब सनातनी हो रहा है, इस पहल से आने वाली पीढ़ी को सही दिशा और मजबूत संस्कार मिलेंगे।
उन्होंने कहा कि श्रीमद् भगवद गीता विश्व में सबसे अधिक मान्य ग्रंथों में से एक है और देश के सभी प्रमुख दर्शन गीता के सिद्धांतों से ही पुष्ट होते हैं। सभी आचार्यों ने भी गीता के आधार पर अपने सिद्धांतों की पुष्टि की है।
बता दें कि सरकारी स्कूलों में अब श्रीमद् भगवद गीता के श्लोकों का पाठ अनिवार्य कर दिया गया है। यह निर्णय कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों पर तत्काल प्रभाव से लागू होगा। बाकायदा शिक्षा विभाग ने इसका आदेश भी जारी किया है। सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और जीवन दर्शन से जोड़ना है, ताकि शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों का भी विकास हो सके।
हरिद्वार, 23 दिसंबर (हि.स.)। ग्रामीण इलाकों में लगातार हो रही बिजली कटौती से नाराज झबरेड़ा विधायक से कांग्रेस विधायक वीरेंद्र जाती ने बिजली विभाग के अधिकारियों के परिसरों की बिजली लाइन खुद खंभे पर चढ़कर काट दी।
इस दौरान विधायक लाइनमैन के रूप में पीछे प्लास लगाए नजर आए। बताया गया कि देहात क्षेत्रों में सुबह-सुबह बार-बार बिजली कटौती होने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इसे लेकर विधायक वीरेंद्र जाती ने पूर्व में बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता से वार्ता कर व्यवस्था सुधारने के लिए तीन दिन का समय दिया था। तय समय सीमा पूरी होने के बावजूद भी बिजली आपूर्ति में कोई सुधार नहीं हुआ।
समय सीमा समाप्त होने के बाद विधायक ने विरोध स्वरूप यह कदम उठाया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की बिजली लाइन भी काटी जाएगी।
भारत की प्राचीन जहाज निर्माण और समुद्री परंपराओं को पुन: साकार करते हुए, भारतीय नौसेना का प्राचीन पाल विधि से निर्मित पोत, आईएनएसवी कौंडिन्य 29 दिसंबर 2025 को अपनी पहली समुद्री यात्रा पर रवाना होगा। यह पोत गुजरात के पोरबंदर से ओमान के मस्कट तक की यात्रा करते हुए प्रतीकात्मक रूप से उन ऐतिहासिक समुद्री मार्गों का पुनर्मूल्यांकन करेगा जिन्होंने सहस्राब्दियों से भारत को व्यापक हिंद महासागर दुनिया से जोड़ा है।
इसे प्राचीन भारतीय पोतों के चित्रण से प्रेरणा लेते हुए पूरी तरह से पारंपरिक सिलाई-तख्ता तकनीक का उपयोग करके निर्मित किया गया है। आईएनएसवी कौंडिन्य इतिहास, शिल्प कौशल और आधुनिक नौसैनिक विशेषज्ञता का एक दुर्लभ संगम है। समकालीन पोतों के विपरीत, इसके लकड़ी के तख्तों को नारियल के रेशे की रस्सी से सिला गया है और प्राकृतिक राल से सील किया गया है। यह भारत के तटों और हिंद महासागर में प्राचीन समय में प्रचलित पोत निर्माण की परंपरा को दर्शाता है। इस तकनीक ने भारतीय नाविकों को आधुनिक नौवहन और धातु विज्ञान के आगमन से बहुत पहले पश्चिम एशिया, अफ्रीका और दक्षिण पूर्व एशिया तक लंबी दूरी की यात्राएं करने में सक्षम बनाया था।
यह परियोजना का शुभारंभ संस्कृति मंत्रालय, भारतीय नौसेना और होडी इनोवेशन्स के बीच एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन के माध्यम से किया गया था। यह भारत द्वारा स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों को पुनः खोजने और उन्हें पुन: निर्मित करने के प्रयासों का एक हिस्सा है। मास्टर शिपराइट श्री बाबू शंकरन के मार्गदर्शन में पारंपरिक शिल्पियों द्वारा निर्मित और भारतीय नौसेना एवं शैक्षणिक संस्थानों द्वारा व्यापक अनुसंधान, डिजाइन और परीक्षण के सहयोग से, यह पोत पूरी तरह से समुद्र में यात्रा करने योग्य और महासागर में नौकायन में सक्षम है।
इस पोत का नाम पौराणिक नाविक कौंडिन्य के नाम पर रखा गया है, जिनके बारे में माना जाता है कि उन्होंने प्राचीन काल में भारत से दक्षिण पूर्व एशिया तक की यात्रा की थी। यह पोत एक समुद्री राष्ट्र के रूप में भारत की ऐतिहासिक भूमिका का भी प्रतीक है।
नई दिल्ली, 23 दिसंबर (हि.स.)। भारतीय डाक विभाग के लिए साल 2025 ऐतिहासिक रहा। इस साल डाक विभाग पासपोर्ट सेवा, आधार अपडेट, निर्यात हब, वित्तीय सेवाएं और डिजिटल नवाचार का केंद्र बनकर उभरा है। विभाग ने इस साल पूरे देश में 452 पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र संचालित कर जनवरी से नवंबर तक 29 लाख से अधिक पासपोर्ट आवेदन निपटाए। इनमें 1.54 लाख पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट शामिल हैं। इससे विभाग ने 114 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई भी की। विभाग ने देशभर में संचालित 13,352 आधार केंद्रों से 2.35 करोड़ से अधिक नामांकन और अपडेट कर 129 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया। विभाग ने 1 अगस्त से 15 अगस्त तक चलाए गए देशव्यापी ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में 28 लाख से ज्यादा राष्ट्रीय झंडे बांटकर इतिहास बनाया। इसके अलावा विभाग ने 1,013 डाकघर निर्यात केंद्रों के जरिए छोटे कारीगरों, महिला उद्यमियों और एमएसएमई को सीधे विदेश निर्यात का मौका देकर 12.31 लाख शिपमेंट और करीब 287 करोड़ रुपये के निर्यात को सुगम बनाया। विभाग ने इसरो और आईआईटी हैदराबाद के साथ विकसित नवाचार आधारित 10-अक्षर वाले जियोकोडेड डिजिटल एड्रेस सिस्टम (डिजिपिन) को एशियन पैसिफिक पोस्टल यूनियन फोरम में इनोवेशन के लिए स्पेशल मेंशन अवॉर्ड भी हासिल किया।
केंद्रीय संचार मंत्रालय के अनुसार, विभाग ने विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर पूरे देश में आंध्र प्रदेश के अराकू, तमिलनाडु के तिरुपुर और पोलाची, बिहार के बखरा और राजनगर, केरल के कलपेट्टा, मध्य प्रदेश के खरगोन, भिंड और मंडला तथा उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में 10 पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र खोलकर इन केंद्रों की संख्या 452 तक पहुंचा दी। अब डाक विभाग की योजना हर लोकसभा क्षेत्र में एक केंद्र खोलने की है ताकि लोगों को पासपोर्ट बनवाने में होने वाली दिक्कतों को कम किया जा सके। इस साल जनवरी से नवंबर तक यहां से 29 लाख से ज्यादा पासपोर्ट आवेदन रिव्यू किए गए, जिनमें 1.54 लाख पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट शामिल हैं। इन आवेदनों से विभाग ने 114 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की।
डाक विभाग ने बताया कि आधार सेवाओं की बात करें तो डाक विभाग ने पूरे देश में 13,352 आधार केंद्र चल रहे हैं जहां लोग घर के पास नया आधार बनवा सकते हैं या पुराना अपडेट करवा सकते हैं। जनवरी से नवंबर तक 2.35 करोड़ से ज्यादा नामांकन और अपडेट हुए, जिससे विभाग ने 129 करोड़ रुपये का राजस्व हांसिल किया। साथ ही विभाग ने दूरदराज के गांवों तक पहुंच बनाने के लिए मोबाइल और लैपटॉप आधार किट बांटे गए, जिससे कैंप लगाकर सेवा दी जा सकती है। अक्टूबर में नेशनल पोस्टल वीक के दौरान स्कूलों में 1,552 कैंप आयोजित किए गए। 5 साल और 15 साल की उम्र पूरी करने वाले बच्चों का जरूरी बायोमेट्रिक अपडेट हुआ, जिसमें 4,335 नए नामांकन और 35,606 अपडेट शामिल हैं। सबसे खास बात यह रही कि सियाचिन में आधार केंद्र खुल गया, जो देश का सबसे ऊंचा आधार केंद्र बन गया। सेना के इलाकों में 110 केंद्र काम कर रहे हैं। इससे लोगों को अब आधार में नाम, पता, मोबाइल नंबर बदलवाना या फिंगरप्रिंट और आंख की रेटीना का अपडेट करवाना बेहद आसान हो गया है।
विभाग ने 01 से 15 अगस्त तक चलाए गए देशव्यापी ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में जबरदस्त भूमिका निभाते हुए स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 28 लाख 13 हजार से ज्यादा तिरंगा झंडे बांटे। झंडों को हर डाकघर में झंडे बिक्री के लिए रखा गया और ई पोस्ट ऑफिस पोर्टल पर भी ऑनलाइन उपलब्ध कराया गया। इस दौरान डाक कर्मियों ने गांव गांव रैलियां निकालीं, प्रभात फेरी की, घर घर जाकर झंडे बांटे, बाइक रैली की और स्कूलों में बच्चों से राखी और पत्र बनवाए।
छोटे कारोबारियों और कारीगरों के लिए डाकघर निर्यात केंद्र योजना के तहत पूरे देश में 1,013 केंद्र हैं जो 762 जिलों में फैले हुए हैं। साथ ही देश के पूर्वोत्तर के हिस्से में भी 122 केंद्र खोले गए है। इससे कारीगर, बुनकर, महिला उद्यमी, सेल्फ हेल्प ग्रुप और छोटे एमएसएमई बिना किसी बिचौलिए के सीधे विदेश निर्यात कर रहे हैं। इन केंद्रों से साल भर में 12.31 लाख शिपमेंट हुए जिनकी कुल कीमत करीब 287 करोड़ रुपये रही।
डाक विभाग का इस साल लांच डिजिपिन सबसे बड़ा गेम चेंजर साबित हुआ है। इसरो और आईआईटी हैदराबाद के साथ मिलकर बनाया गया 10 अक्षर का कोड देश के हर 4 बाई 4 मीटर हिस्से को अलग पहचान देता है। यह इस साल के मार्च में लॉन्च हुआ और मई में वेब ऐप आया। अब पता ढूंढना बहुत आसान हो जाएगा। ई कॉमर्स, सरकारी योजनाएं और इमरजेंसी सर्विस सब इसका फायदा उठा रही हैं। डाक विभाग की इस पहल को बैंकॉक में एशियन पैसिफिक पोस्टल यूनियन फोरम ने इनोवेशन के लिए स्पेशल मेंशन अवॉर्ड भी दिया।
वित्तीय सेवाओं में डाक विभाग ने अपने योगदान को बढ़ाकर म्यूचुअल फंड निवेशकों का केवाईसी करने के लिए अपने डाकिया घर जाकर करना अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए डाक विभाग ने यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया, एसयूयूटीआई, निप्पॉन इंडिया, एसबीआई फंड्स और जुलाई में एएमएफआई के साथ समझौते किए। एएमएफआई करार से सभी 50 म्यूचुअल फंड कंपनियों के निवेशक कवर हो गए। नवंबर तक 5 लाख केवाईसी पूरे हो चुके। अब डाकघर म्यूचुअल फंड बेचने भी लगेंगे, जिससे ग्रामीण इलाकों में निवेश की जागरूकता बढ़ेगी।
इसके अलावा विभाग ने बीएसएनएल के साथ सितंबर में करार किया। अब डाकघरों में बीएसएनएल सिम बिकेगी और रिचार्ज होगा। असम में पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा है, अब विभाग इसे पूरे देश में लागू करेगा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर बात करें तो यूपीआई को यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन से जोड़कर डाक विभाग ने विदेशी रेमिटेंस को आसान बना दिया है। इसके लिए विभाग ने इस साल मार्च में जयपुर में एशिया पैसिफिक पोस्टल लीडर्स फोरम आयोजित की गई थी, जिसमें 28 देशों के प्रतिनिधि आए थे। साथ ही दिसंबर महीने में डाक विभाग ने रूस पोस्ट के साथ ट्रैक्ड पैकेट सर्विस का समझौता हुआ।
विभाग ने इस साल 42 ऐतिहासिक टिकट भी जारी किए। इनमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सौ साल, कोडाइकनाल ऑब्जर्वेटरी के 125 साल, सिक्किम राज्य के 50 साल, वंदे मातरम के 150 साल, चेनाब रेल ब्रिज और एमएस स्वामीनाथन जैसे महान व्यक्तित्व शामिल हैं। साथ ही विभाग ने 47 पर्सनलाइज्ड माई स्टैंप भी जारी किए।
इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र के 80 साल पूरे होने पर डाक विभाग की ओर से आयोजित की गई स्टैंप डिजाइन कॉम्पिटिशन में 7.4 लाख बच्चों ने हिस्सा लिया।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की 1.69 लाख यूनिट्स का सत्यापन किया गया। एटीएम नेटवर्क अपग्रेड कर 1000 से ज्यादा नई मशीनें भी लगाई गईं। डाक विभाग ने जनवरी से ई-केवाईसी अभियान शुरू कर 1 लाख से ज्यादा अकाउंट खोले और 24 लाख ट्रांजेक्शन भी किए।
इस साल दिसंबर में ट्राई के साथ ग्रामीण मोबाइल कनेक्टिविटी सर्वे करा रहा है। डाक सेवक ऐप से 6.5 लाख गांवों का सर्वे करेंगे। एमएसएमई उद्यम रजिस्ट्रेशन और अनौपचारिक माइक्रो इंटरप्राइज का सत्यापन भी डाक विभाग करेगा। इससे असली उद्यमियों को ही सब्सिडी और लोन मिलेगा।
लखनऊ, 23 दिसंबर (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि भाजपा यूपी का अध्यक्ष होना गौरव की बात है। 35 साल का मेरा अनुभव है। सबको साथ लेकर चलता हूं। प्रदेश की टीम में भी सबको साथ लेकर चलने का कार्य करूंगा। कार्यकर्ता के आधार पर ही निर्णय करूंगा। कार्यकर्ता ही मेरे लिए सर्वोपरि है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि इस समय तीन कार्यक्रम पार्टी के चल रहे हैं। इनमें 25 से 31 दिसंबर तक अटल स्मृति कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रधानमंत्री मोदी 25 को लखनऊ आ रहे हैं। हमारे महापुरुषों अटल जी, दीनदयाल जी और मुखर्जी जी की मूर्तियां लगी हैं। पीएम मोदी उसका लोकार्पण करेंगे।
चौधरी ने कहा कि एसआईआर के कार्य को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा) पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का मतलब समय समय पर बदलती है। मेरे हिसाब से पारिवारिक दल अलाएंस है। 1992 में सपा आई है। 1984 में हमारी पार्टी ने कल्याण सिंह को नेता विरोधी दल बनाने का कार्य किया। 1991 में उन्हें मुख्यमंत्री बनाया गया। लगातार तीसरी बार नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने हुए हैं। हमारी पार्टी सबको साथ लेकर चलती है।
बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ बॉक्स ऑफिस पर लगातार मजबूती से टिकी हुई है। रिलीज के करीब तीन हफ्ते बाद भी फिल्म की कमाई का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। भले ही 18वें दिन कलेक्शन में हल्की गिरावट दर्ज की गई हो, लेकिन इसके बावजूद ‘धुरंधर’ ने ऐसे रिकॉर्ड बना दिए हैं, जिससे यह इस साल की सबसे बड़ी फिल्मों में शामिल हो गई है। खास बात यह है कि फिल्म ने दुनियाभर की कमाई में ऋषभ शेट्टी की सुपरहिट ‘कांतारा: चैप्टर 1’ को भी पीछे छोड़ दिया है।
18वें दिन भी कायम रहा ‘धुरंधर’ का दबदबाबॉक्स ऑफिस ट्रैकर सैकनिल्क के मुताबिक, ‘धुरंधर’ ने अपने तीसरे सोमवार यानी 18वें दिन भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 16 करोड़ रुपये का कारोबार किया। यह फिल्म की अब तक की सबसे कम एकदिवसीय कमाई जरूर है, लेकिन कुल आंकड़ों की बात करें तो सिर्फ 18 दिनों में फिल्म ने भारत में 571.75 करोड़ रुपये का शानदार कलेक्शन कर लिया है। अब फिल्म की नजरें 600 करोड़ क्लब में एंट्री पर टिकी हैं, जो मौजूदा रफ्तार को देखते हुए जल्द पूरी होती दिख रही है।
ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर भी रचा इतिहासभारत के साथ-साथ विदेशी बाजारों में भी ‘धुरंधर’ का जलवा बरकरार है। फिल्म का वर्ल्डवाइड कलेक्शन 872 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है। इस आंकड़े के साथ ‘धुरंधर’ ने श्रद्धा कपूर की ‘स्त्री 2’ (857 करोड़) और ‘कांतारा: चैप्टर 1’ (852 करोड़) के लाइफटाइम कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया है। इन रिकॉर्ड्स के साथ रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ अब 2025 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म बन चुकी है और बॉक्स ऑफिस पर इसका दबदबा लगातार बढ़ता जा रहा है।
बॉलीवुड अभिनेता शाहिद कपूर की पिछली फिल्म ‘देवा’ दर्शकों पर खास असर नहीं छोड़ पाई थी, लेकिन अब वह एक बार फिर विशाल भारद्वाज के साथ मिलकर दमदार वापसी की तैयारी में हैं। दोनों की नई फिल्म ‘ओ रोमियो’ को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्सुकता है। यह फिल्म फिलहाल शूटिंग स्टेज में है और खास बात यह है कि नए साल का जश्न होने के बावजूद शाहिद ने शूटिंग से ब्रेक न लेने का फैसला किया है।
एक्शन सीक्वेंस की शूटिंग में जुटेंगे शाहिद
रिपोर्ट के मुताबिक, ‘ओ रोमियो’ की शूटिंग का आखिरी चरण 28 दिसंबर से शुरू होगा। माना जा रहा है कि नए साल पर भी शूटिंग जारी रहेगी, क्योंकि निर्माता मुंबई में करीब 10 दिनों की पैच शूटिंग की योजना बना रहे हैं। इस दौरान फिल्म के अहम एक्शन सीक्वेंस शूट किए जाएंगे। सूत्र के अनुसार, “यह शूटिंग टुकड़ों में की जा रही है, जिसमें कुछ हाई-ऑक्टेन एक्शन और संवाद प्रधान दृश्य शामिल हैं।”
‘ओ रोमियो’ से जुड़ी अहम जानकारी
रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि नए साल के छोटे से ब्रेक के बाद जनवरी 2026 में फिल्म की शूटिंग दोबारा शुरू होगी, जिसमें लगभग 8 दिनों का शेड्यूल रखा गया है। मेकर्स की कोशिश है कि फिल्म तय समय पर यानी 13 फरवरी, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हो जाए। हाई-ऑक्टेन एक्शन थ्रिलर ओ रोमियो का निर्माण नाडियाडवाला ग्रैंडसन एंटरटेनमेंट के बैनर तले किया जा रहा है।फिल्म में शाहिद कपूर के साथ तृप्ति डिमरी, रणदीप हुड्डा और नाना पाटेकर भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।
बेंगलुरु, 23 दिसंबर (हि.स.)। भ्रष्टाचार मामलाें काे लेकर लोकायुक्त अधिकारियों की टीमाें ने मंगलवार सुबह कर्नाटक के कई जिलों में सरकारी अधिकारियों के आवासों और कार्यालयों पर एक साथ छापेमारी की। लाेकायुक्त की टीम दस्तावेजों और संपत्ति के विवरणों का सत्यापन किया ।
लोकायुक्त अधिकारियों की टीमाें ने बागलकोट, विजयपुरा, उत्तर कन्नड़ और रायचूर में सरकारी अधिकारियों के आवासों और उनके कार्यालयों पर एक साथ छापा मारा। इस दौरान मिले दस्तावेजों और संपत्ति के विवरणों का सत्यापन किया गया। बागलकोट जिले में जिला पंचायत योजना निदेशक श्याम सुंदर कांबले और गडग जिले के नरगंड स्थित आवासों की तलाशी ली गई। इसी दौरान लोकायुक्त की एक टीम ने बागेवाड़ी तालुक में कृषि विभाग के सहायक निदेशक मल्लाप्पा के घर पर भी छापा मारा।
एक अन्य टीम ने उत्तर कन्नड़ जिले के सिद्दापुर में कोला सिरसी ग्राम सेवा सहकारी संघ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मारुति यशवंत मलावी के आवास पर तलाशी ली और वहां से कई दस्तावेज जब्त किए गए। लोकायुक्त अधिकारियों ने रायचूर जिले में सेवानिवृत्त सहायक अभियंता विजयलक्ष्मी के आवास पर भी तलाशी ली। इन छापा मार कार्रवाई में क्या कुछ मिला है। इसके आधिकारिक जानकारी अभी नहीं दी गई है।
इस्लामाबाद, 23 दिसंबर (हि.स.)। पाकिस्तान के अशांत प्रांत खैबर पख्तूनख्वा के करक के गुरगुरी इलाके में आज एक पुलिस वैन पर हुए हमले में पांच कांस्टेबल मारे गए। जिला पुलिस अधीक्षक शौकत खान ने घटना और हताहत कांस्टेबलों की संख्या की पुष्टि की है।
डान अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, जिला पुलिस अधीक्षक खान ने बताया कि शहीद पुलिसकर्मियों की पहचान कांस्टेबल शाहिद इकबाल, समीउल्लाह, आरिफ, सफदर और मोहम्मद अबरार के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि इलाके को घेर लिया गया है। हमलावरों की तलाश की जा रही है। दुनिया न्यूज चैनल की रिपोर्ट के अनुसार, पांचों कांस्टेबल रोज की तरह गश्त पर निकले थे। हमलावरों ने घात लगाकर उनकी वैन पर गोलियां चला दीं।
दुनिया न्यूज चैनल की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल (2025) अब तक खैबर पख्तूनख्वा में हुएआतंकी हमलों में सुरक्षा अधिकारियों सहित 502 लोग मारे गए। खैबर पख्तूनख्वा पुलिस के अनुसार, कुल 1,588 आतंकवादी घटनाएं हुईं, जिनमें 223 नागरिकों की मौत हुई और 570 घायल हुए। इसके अलावा, 137 पुलिस अधिकारी शहीद हुए और 236 अन्य घायल हुए, जबकि विभिन्न एजेंसियों के 18 कानून प्रवर्तन कर्मियों ने भी अपनी जान गंवाई।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इन हमलों में फेडरल कांस्टेबुलरी के 124 कर्मी शहीद हुए और 244 घायल हुए। इस दौरान सुरक्षा बलों ने आतंकवाद से लड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विभिन्न अभियानों के दौरान 348 आतंकवादियों को मार गिराया गया। आतंकवाद से संबंधित सबसे ज्यादा 394 घटनाएं बन्नू क्षेत्र में हुईं। 41 पुलिस अधिकारी शहीद हो गए और 89 घायल हुए। इस क्षेत्र में 54 नागरिकों की मौत और 125 घायल होने की भी सूचना मिली।
डेरा इस्माइल खान, उत्तरी वजीरिस्तान और दक्षिणी वजीरिस्तान जैसे अन्य क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में घटनाएं हुईं। अकेले उत्तरी वजीरिस्तान में 181 मामले दर्ज किए गए, जिसके परिणामस्वरूप 38 नागरिकों की मौत हुई और 182 घायल हुए। दक्षिणी वजीरिस्तान में, 103 दर्ज मामलों में 39 नागरिक मारे गए और 86 घायल हुए।