तुर्किये में बड़ा विमान हादसा पेश आया है। इसमें लीबिया सैन्य प्रमुख समेत सात लोगों की मौत हो गई। लीबियाई अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना का कारण विमान में तकनीकी खराबी थी।
लीबिया के प्रधानमंत्री अब्दुल-हमीद दबीबे ने तुर्किये में हुए विमान हादसे में देश के सैन्य प्रमुख (मिलिट्री चीफ) मुहम्मद अली अहमद अल-हद्दाद समेत सात लोगों की मौत की पुष्टि की है। यह हादसा मंगलवार शाम उस समय हुआ, जब लीबियाई प्रतिनिधिमंडल तुर्किये की राजधानी अंकारा से आधिकारिक दौरे के बाद अपने देश लौट रहा था।
प्रधानमंत्री दबीबा ने एक बयान में इस घटना को दुर्घटनापूर्ण और बेहद दुखद बताया। कहा कि यह लीबिया के लिए एक बड़ी क्षति है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की। लीबिया के सैन्य प्रमुख, चार अन्य अधिकारियों और तीन चालक दल के सदस्यों को ले जा रहा एक निजी विमान राजधानी अंकारा से उड़ान भरने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सवार सभी लोगों की मौत हो गई। लीबियाई अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना का कारण विमान में तकनीकी खराबी थी।
भारतीय महिला टीम की सलामी बल्लेबाज़ शेफाली वर्मा ने कहा कि क्रिकेट उन्हें लगातार सीख देता है और बेहतर खिलाड़ी बनने के लिए अपनी कमजोरियों को स्वीकार करना बेहद ज़रूरी है। मंगलवार को विशाखापट्टनम में खेले गए दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में श्रीलंका के खिलाफ भारत को सात विकेट से जीत दिलाने के बाद शेफाली ने यह बात कही।
इस मुकाबले में शेफाली वर्मा ने 34 गेंदों पर नाबाद 69 रन की शानदार पारी खेली, जिसके लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। मैच के बाद शेफाली ने अपने खेल में आए बदलाव और आत्मविश्वास की वापसी पर बात करते हुए कहा कि बल्लेबाज़ी में खामियों को समझना और उन पर काम करना उनके लिए अहम रहा है।
शेफाली ने कहा,“क्रिकेट हमेशा आपको कुछ न कुछ सिखाता है। अपनी कमजोरियों को स्वीकार करना बहुत जरूरी है, तभी आप सुधार कर सकते हैं। शुरुआत में गेंद थोड़ी रुककर आ रही थी, इसलिए मैंने जमीन पर खेलते हुए सिंगल लेने की कोशिश की। शुरुआती ओवरों में गेंदबाज़ों ने अच्छी गेंदबाज़ी की, लेकिन बाद में चीज़ें हमारे पक्ष में रहीं।”
उन्होंने मुख्य कोच अमोल मजूमदार का भी आभार जताया और बताया कि कठिन परिस्थितियों में कैसे बल्लेबाज़ी करनी है, इस पर उन्हें खास मार्गदर्शन मिला।
शेफाली ने कहा,“कोच ने मुझे पहले जमीन पर खेलने और फिर मौके मिलने पर हवा में शॉट खेलने की सलाह दी। मैंने खुद को शांत रखा, जमीन पर खेलती रही और जब गेंद सही आने लगी तो रन बनाए। मुझे भरोसा है कि अगर मैं जमीन पर खेलूं तो रन जरूर बना सकती हूं।”
गौरतलब है कि शेफाली ने चोटिल प्रतीका रावल के स्थान पर वनडे विश्व कप के सेमीफाइनल और फाइनल में टीम में वापसी की थी, जहां उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ फाइनल में अर्धशतक लगाने के साथ दो विकेट भी झटके थे।
इससे पहले मुकाबले में भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी चुनी। श्रीलंका की कप्तान चमारी अटापट्टू ने पावरप्ले में आक्रामक शुरुआत करते हुए भारतीय गेंदबाज़ों पर दबाव बनाया। हालांकि, स्नेह राणा के आने के बाद मैच का रुख बदल गया। अस्वस्थ दीप्ति शर्मा की जगह खेलते हुए राणा ने चार ओवर में सिर्फ 11 रन देकर अटापट्टू का विकेट लिया और श्रीलंका की रनगति पर ब्रेक लगाया।
अटापट्टू के आउट होते ही श्रीलंका की पारी लड़खड़ा गई। हर्षिता समरविक्रमा ने संघर्ष किया, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से सहयोग नहीं मिला। भारतीय स्पिनरों ने लगातार दबाव बनाए रखा। वैष्णवी शर्मा ने अहम विकेट लिए, जबकि श्री चरनी ने पहले मैच की खराब शुरुआत से उबरते हुए दो बल्लेबाज़ों को पवेलियन भेजा। तीन रनआउट भी श्रीलंका के लिए नुकसानदेह साबित हुए और पूरी टीम एक साधारण स्कोर पर सिमट गई।
लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की शुरुआत में स्मृति मंधाना 16 रन बनाकर आउट हुईं, लेकिन इसके बाद शेफाली वर्मा ने मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने स्पिन और तेज़ गेंदबाज़ी दोनों पर आक्रामक अंदाज़ में रन बटोरे। इनोका रणवीरा और शशिनी गिम्हानी उनकी आक्रामक बल्लेबाज़ी का शिकार बनीं, जबकि चमारी अटापट्टू के एक ओवर में शेफाली ने 4, 6 और 4 जड़ दिए। दूसरी ओर, जेमिमा रोड्रिग्स ने भी तेज़ रन बनाकर अच्छा साथ निभाया, जिससे भारत ने 12वें ओवर में ही मुकाबला अपने नाम कर लिया।
ढाका, 24 दिसंबर (हि.स.)। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान 17 साल के वनवास के बाद कल (25 दिसंबर) अपनी पत्नी और बेटी के साथ स्वदेश लौट रहे हैं। तीनों लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट से बांग्लादेश के समयानुसार शाम 6:15 बजे बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस की फ्लाइट से रवाना होंगे। उम्मीद है कि वे कल दोपहर के आसपास सिलहट होते हुए ढाका के हजरत शाहजलाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचेंगे। बीएनपी स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य उनका स्वागत करेंगे। इसके बाद वे सड़क मार्ग से पूर्वाचल के 300 फीट इलाके में एक स्वागत कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। पार्टी के नेता और कार्यकर्ता उनका स्वागत करने के लिए सड़क के दोनों ओर खड़े रहेंगे।
द डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, इसके बाद तारिक सड़क मार्ग से एवरकेयर अस्पताल जाएंगे। वो वहां अपनी बीमार मां पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया से मिलेंगे। खालिदा का वहां एक महीने से ज़्यादा समय से इलाज चल रहा है। मां से मिलने के बाद वे गुलशन में फिरोजा जाएंगे। यहीं वह रुकेंगे। पार्टी वरिष्ठ संयुक्त महासचिव रुहुल कबीर रिजवी के अनुसार, उम्मीद है इस अवसर पर ढाका में लगभग 50 लाख लोग इकट्ठा होंगे। समर्थक एयरपोर्ट से 300 फीट इलाके तक सड़क के दोनों ओर खड़े होकर उनका स्वागत करेंगे।
उधर, देश में अशांति के बीच तारिक की वापसी को सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है। तारिक के काफिले के आसपास भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बीएनपी नेताओं ने आधीरात तक सुरक्षा अधिकारियों से इंतजामात पर चर्चा की है। एयरपोर्ट से गुलशन तक तारिक की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी शम्सुल इस्लाम को सौंपी गई है। इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि आज शाम छह बजे से कल शाम 6:00 बजे तक हजरत शाहजलाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट इलाके में सिर्फ यात्रियों को ही प्रवेश दिया जाएगा। तारिक का स्वागत करने के लिए 300 फीट इलाके में एक मंच तैयार किया जा रहा है। इस दौरान सिर्फ तारिक का ही भाषण होगा। भाषण के वैश्विक प्रसारण की व्यवस्था की गई है।
बांग्लादेश रेलवे बीएनपी समर्थकों को राजधानी लाने के लिए 10 स्पेशल ट्रेनें चलाएगा। इसके किराए से लगभग 36 लाख टका की कमाई होगी।
ट्रेनें कॉक्स बाज़ार-ढाका, जमालपुर-मैमनसिंह-ढाका, टांगेल-ढाका, भैरब बाज़ार-नरसिंगडी-ढाका, जॉयदेबपुर-ढाका कैंटोनमेंट, पंचगढ़-ढाका, खुलना-ढाका, चटमोहर-ढाका कैंटोनमेंट, राजशाही-ढाका और जशोर-ढाका सहित रूट पर चलेंगी। तारिक 26 दिसंबर को सुरक्षा स्थितियों के आधार पर अपने पिता की कब्र पर जा सकते हैं और बाद में 13वें संसदीय चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र जमा करने के लिए बोगरा जा सकते हैं। वह बोगरा-6 से चुनाव लड़ेंगे।
इस बीच, फेसबुक पोस्ट में तारिक की बेटी जायमा रहमान ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वह बांग्लादेश के पुनर्निर्माण में योगदान देंगी और लौटने पर सीधे लोगों से जुड़ेंगी। उन्होंने अपनी दादी खालिदा के साथ बचपन की यादों को साझा करते हुए लिखा, “बांग्लादेश से 17 साल दूर रहना बदलाव लाने वाला रहा है, लेकिन मैं अपनी जड़ों को सींचना और पोषित करना कभी नहीं भूली।” उसने कहा कि वह अपने पिता के चुनाव अभियान में शामिल होगी। उल्लेखनीय है कि पहली सितंबर 1978 को बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति जिया-उर-रहमान ने राष्ट्रवादी विचारधारा वाले लोगों को एकजुट करने के उद्देश्य से बीएनपी की स्थापना की थी। बीएनपी आज अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग की प्रमुख प्रतिद्वंद्वी पार्टी है। बीएनपी अध्यक्ष खालिदा देश की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं।
लखनऊ: मुख्य सचिव एस.पी.गोयल की अध्यक्षता में नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर (एनकॉर्ड) की राज्य स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मादक पदार्थों की तस्करी, सेवन एवं विक्रय पर अंकुश लगाने तथा नशा मुक्ति जागरूकता अभियानों को और प्रभावी बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। अपने संबोधन में मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी जनपदों में प्रत्येक माह कम से कम एक बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित की जाए। जिन जनपदों में बैठकें कम हुई हैं, उन्हें इस संबंध में कड़े निर्देश जारी किए जाएं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि अवैध मादक पदार्थों का सेवन एवं क्रय-विक्रय करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश के स्कूलों, कॉलेजों, हॉस्टलों तथा अन्य संवेदनशील क्षेत्रों के आसपास चिह्नित हॉटस्पॉट्स पर प्राथमिकता के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। जहां हॉटस्पॉट बनने की आशंका हो, वहां विशेष निगरानी रखी जाए तथा नियमित रूप से नशा मुक्ति जागरूकता अभियान चलाए जाएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि कोडीन युक्त कफ सीरप की सप्लाई एवं बिक्री पर सतत निगरानी रखी जाए। फर्जी फर्मों, अवैध भंडारण या बिक्री पाए जाने पर उचित वैधानिक कार्रवाई की जाए। बैठक में पुलिस महानिरीक्षक, एएनटीएफ अब्दुल हमीद ने जानकारी दी कि वर्ष 2025 में अब तक एनकॉर्ड के अंतर्गत कुल 774 जिला स्तरीय गोष्ठियां आयोजित की जा चुकी हैं। उत्तर प्रदेश में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई में अब तक 47,253.19 किलोग्राम मादक पदार्थ बरामद किए गए हैं, एएनटीएफ द्वारा 12,722.92 किलोग्राम की बरामदगी की गई, जिसकी अनुमानित कीमत 143 करोड़ 91 लाख 65 हजार रुपये है। मादक पदार्थों के सेवन के विरुद्ध साइकिल रैली, नुक्कड़ नाटक, योगा एवं स्कूली बच्चों के साथ पैदल मार्च का आयोजन किया गया। नशे के विरुद्ध पैम्फलेट एवं बैज वितरित किए गए, ई-शपथ दिलाई गई तथा लघु फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। धर्माचार्यों के माध्यम से प्रचार-प्रसार के साथ-साथ सिनेमाघरों, ट्रैफिक कंट्रोल रूम एवं रेडियो चैनलों द्वारा भी जागरूकता अभियान चलाया गया। उत्तर प्रदेश में मादक पदार्थों का निस्तारण एवं डिस्पोजल नियमित रूप से किया जा रहा है। एएनटीएफ के गठन के बाद 2022 से 2025 (नवंबर तक) कुल 2,67,234 किलोग्राम माल का निस्तारण किया जा चुका है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 875 करोड़ रुपये है। वर्ष 2025 में गैंगेस्टर एक्ट की धारा 14(1) के अंतर्गत अवैध संपत्ति की जब्ती का अनुमानित मूल्य 9,17,23,164.6 रुपये रहा है। इस दौरान 02 गैंगों का पंजीकरण किया गया तथा 61 हिस्ट्रीशीट खोली गई। कोडीन युक्त कफ सीरप की सप्लाई एवं बिक्री की ट्रैकिंग के लिए 02 सहायक आयुक्त (औषधि) एवं 02 औषधि निरीक्षकों की समिति गठित की गई है। वर्ष 2025 में अक्टूबर माह तक 11 प्रकरणों में 16 अभियुक्तों की गिरफ्तारी कर 3.39 करोड़ रुपये मूल्य की औषधि सीज की गई है। बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
👉ओबीसी हकमारी पर क्यों चुप हैं भाजपा के ओबीसी, एससी नेता-लौटनराम निषाद
लखनऊ। उतर प्रदेश में एक बार फिर से आरक्षण घोटाला का मामला सामने आया है। लेखपाल भर्ती विज्ञापन के बाद पशु चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ शिक्षा अधिकारी एवं चिकित्साधिकारी (आयुर्वेद) के पदों पर होने वाली भर्ती के विज्ञापन में ओबीसी, एससी कोटे के पदों की खुलेआम हकमारी और डकैती की गयी है। भारतीय ओबीसी महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौ.लौटनराम निषाद ने कहा कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में अधिकांश पदों पर होने वाली भर्ती में खुलकर उत्तर प्रदेश आरक्षण नियमावली का उल्लंघन किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि जाति के नाम पर मलाई खाने वाले भाजपा के कुर्मी, काछी,निषाद, चौहान, राजभर, पाल, साहू,प्रजापति, लोधी, यादव, जाट, गूजर,जाटव, चमार, धोबी, पासी, सोनकर, वाल्मीकि आदि चुप क्यों हैं, उनकी जुबान पर ताला क्यों लग गया है?
चौ.लौटनराम निषाद ने बताया कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के द्वारा विज्ञापित चिकित्साधिकारी (आयुर्वेद) के 168 पदों पर भर्ती आयी है। जिसमें 27% आरक्षण कोटा के हिसाब से ओबीसी को कुल 45 पद मिलने चाहिए थे, लेकिन दिए गए है सिर्फ 15 पद,ओबीसी के 30 पद की खुलेआम डकैती कर ली गई है। उन्होंने बताया कि एससी को 35 पदों के सापेक्ष मात्र 15 पद आरक्षित कर 20 पदों की लूट कर ली गई है,एसटी को मिलनेवाली 3 की तीनों सीटों लूट लिया गया है। जहां ईडब्ल्यूएस 10% के हिसाब से 16 की 16 सीटें आरक्षित हैं,वही अनारक्षित 67 सीटों के सापेक्ष 122 सीटें अनारक्षित कर ओबीसी, एससी, एसटी के 55 पदों की लूट कर ली गयी।
निषाद ने बताया कि यूपीपीएससी द्वारा स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी के कुल 221 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया है जिसमें ओबीसी वर्ग को मात्र 20 पद दिए गए हैं जो कुल पदों का मात्र 9 प्रतिशत है, जबकि ईडब्ल्यूएस को 10 प्रतिशत के हिसाब से 22 पद दिए गए हैं।कुल 221 पदों का वर्गवार विवरण अनारक्षित-143, ओबीसी को 20, ईडब्ल्यूएस को 22, एससी को 21, एसटी को 15 पद आरक्षित किया गया है। स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी के कुल 221 पदों के सापेक्ष 27 प्रतिशत आरक्षण के हिसाब से ओबीसी को लगभग 60 पद मिलने थे लेकिन मिला मात्र 20 पद जो कुल पदों का मात्र 9 प्रतिशत है।इस तरह एक बार फिर से योगी सरकार ने पिछड़ों (ओबीसी) के 40 पदों पर डाका डाल दिया है।एससी को जहां 46 की जगह मात्र 21 सीट आरक्षित कर 25 पद की लूट की गई है,वही एसटी 4 के सापेक्ष 15 सीट आरक्षित कर 11 अतिरिक्त पद आरक्षित किया गया है। उन्होंने कहा कि एसटी को कोटा से अधिक सीट देने मकसद अनुपलब्ध उम्मीदवार दिखाकर सामान्य वर्ग को देने का षड्यंत्र होता है।
निषाद ने आगे बताया कि पशु चिकित्साधिकारी के 404 पद के विज्ञापन में 161 अनारक्षित पद संख्या की जगह 243 पद अनारक्षित कर दिया गया गया है। एससी व ईडब्ल्यूएस को उनका पूरा का पूरा कोटा दिया गया है,वही एसटी को 8 पदों सापेक्ष 37 पद आरक्षित कर 29 अतिरिक्त पद आरक्षित किया गया है,जबकि ओबीसी का सभी 109 पदों की लूट कर ली गयी है।उन्होंने कहा कि क्या यही भाजपा का हिन्दुत्व, रामराज व सबका साथ सबका विकास सबका विकास सबका प्रयास नारे की सार्थकता है?
लखनऊ। राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेशीय मुख्यालय, लखनऊ में किसान मसीहा एवं भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की 123वीं जयंती हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर प्रदेश कार्यालय परिसर स्थित चौधरी साहब की प्रतिमा के समक्ष वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ यज्ञ एवं हवन का आयोजन किया गया। यज्ञ में राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रामाशीष राय, राष्ट्रीय महासचिव अनिल दुबे, राष्ट्रीय सचिव विजय श्रीवास्तव सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने आहुति डालकर चौधरी साहब को नमन किया।
हवन-पूजन के पश्चात प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रामाशीष राय एवं राष्ट्रीय महासचिव अनिल दुबे के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने विधान भवन स्थित चौधरी चरण सिंह जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान “चौधरी साहब अमर रहें” और “जब तक सूरज-चांद रहेगा, चौधरी साहब का नाम रहेगा” जैसे गगनभेदी नारों से विधान भवन परिसर गूंज उठा। इसके उपरांत पार्टी कार्यालय में “वर्तमान परिस्थितियों में चौधरी चरण सिंह की विचारधारा एवं नीतियों की प्रासंगिकता” विषय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसका संचालन प्रदेश मीडिया प्रभारी मयंक त्रिवेदी ने किया।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रामाशीष राय ने कहा कि चौधरी चरण सिंह जी किसानों, ग्रामीण भारत और सामाजिक न्याय की सशक्त आवाज थे। उन्होंने कहा कि गांव और किसान को केंद्र में रखे बिना देश का समग्र विकास संभव नहीं है। आज के समय में जब किसान कई चुनौतियों से जूझ रहा है, तब चौधरी साहब की नीतियां और अधिक प्रासंगिक हो गई हैं। राष्ट्रीय लोकदल उनके विचारों को आगे बढ़ाते हुए किसानों के हक और सम्मान की लड़ाई निरंतर लड़ता रहेगा।
राष्ट्रीय महासचिव अनिल दुबे ने कहा कि चौधरी चरण सिंह जी ने सिद्धांतों और ईमानदारी की राजनीति को हमेशा प्राथमिकता दी। उन्होंने किसानों को राष्ट्र की रीढ़ मानते हुए उनके अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष किया। राष्ट्रीय लोकदल चौधरी साहब के सपनों के भारत के निर्माण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।
गोष्ठी में राष्ट्रीय सचिव विजय श्रीवास्तव ने कहा कि चौधरी चरण सिंह जी की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
प्रदेश उपाध्यक्ष आदित्य विक्रम सिंह ने कहा कि किसानों और युवाओं को साथ लेकर ही चौधरी साहब के सपनों को साकार किया जा सकता है।
प्रदेश उपाध्यक्ष रजनीकांत मिश्रा ने कहा कि चौधरी साहब का जीवन ईमानदार और संघर्षशील राजनीति की मिसाल है।
रालोद व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष रोहित अग्रवाल ने कहा कि चौधरी साहब की नीतियों से ग्रामीण एवं व्यापारिक अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली।
प्रोफेशनल मंच के प्रदेश अध्यक्ष अम्बुज पटेल ने कहा कि चौधरी चरण सिंह जी का दृष्टिकोण समावेशी विकास पर आधारित था।
महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष परिणीता सिंह ने चौधरी साहब को नमन करते हुए कहा कि चौधरी साहब किसानों के सच्चे हितैषी थे।
छात्र सभा के प्रदेश अध्यक्ष अमन पाण्डे ने कहा कि चौधरी चरण सिंह जी की विचारधारा छात्र और युवा वर्ग के लिए प्रेरणास्रोत है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में राष्ट्रीय लोकदल के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं समर्थक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन चौधरी चरण सिंह के विचारों को आत्मसात कर आगे बढ़ने के संकल्प के साथ किया गया।
गोष्ठी में प्रदेश कोषाध्यक्ष बी एल प्रेमी,श्रम प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष महेश पाल धनगर, महासचिव संतोष यादव, मनोज सिंह चौहान, जितेंद्र सिंह, रमावती तिवारी, प्रीति श्रीवास्तव, अंकुर सक्सेना, पी के पाठक, प्रदेश सचिव प्रमोद शुक्ला, अशोक तिवारी, सम्राट सिंह चौहान, जिला अध्यक्ष सत्य प्रकाश तिवारी, रमेश कश्यप, विपिन द्विवेदी, मुकेश वर्मा, माया देवी, मंजू शुक्ला, सुरजीत श्रीवास्तव, आयशा, विनोद सिंह आदि लोगो ने अपने विचार व्यक्त किए
पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर अब मैदानी इलाकों में साफ दिखाई देने लगा है। एक सप्ताह तक उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों समेत देश के कई हिस्सों में ठंड और घने कोहरे का दायरा बढ़ेगा। इस दौरान न्यूनतम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक गिरावट हो सकती है।
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने कुछ राज्यों में शीतलहर की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर भारत के ऊपर इस समय एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है । दूसरा विक्षाेभ 27 दिसंबर तक आने की संभावना है। इन दोनों विक्षोभ के कारण जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में बर्फबारी का दौर जारी रहेगा। इसका सीधा असर मैदानी क्षेत्रों में ठंडी हवाओं के रूप में दिखेगा।
👉शोध प्रविधि पर आधारित दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ
लखनऊ। स्थानीय नेताजी सुभाष चंद्र बोस राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय अलीगंज में शोध प्रविधि पर आधारित दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में निदेशक उच्च शिक्षा प्रोफेसर अमित भारद्वाज मौजूद रहे।
बड़ी संख्या में उपस्थित शोधार्थियों को संबोधित करते हुए निदेशक ने कहा कि आज शोध प्रविधि को नए ढंग से समझे जाने की आवश्यकता है। आज देश को विकसित भारत के रूप में बदलने में शिक्षाविदों की बड़ी भूमिका है। उन्होंने शोधार्थियों के लिए कार्यशाला को अत्यंत उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिवेश में शोध में भी कृत्रिम बुद्धिमता का सावधानी पूर्वक उपयोग किया जाना चाहिए।
सहायक निदेशक प्रोफेसर बी एल शर्मा ने कहा कि शोध संरचना क्रियाविधि और अनुसंधान तथा आंकड़ों का एकत्रीकरण की प्रविधि को समझना भी जरूरी है। कार्यशाला के विधिवत उद्घाटन में प्राचार्य प्रोफेसर रश्मि बिश्नोई ने सभी अतिथियों एवं शोधार्थियों एवं विभिन्न महाविद्यालयों से आए शिक्षकों का स्वागत किया।
उन्होंने कहा कि इस महाविद्यालय में बड़ी संख्या में शोधार्थी अध्ययनरत हैं जिनके लिए ये कार्यशाला अत्यंत उपयोगी एवं फलदायी सिद्ध होगी। वर्कशॉप की संयोजक प्रोफेसर शिवानी श्रीवास्तव ने वर्कशॉप की थीम से सभी को परिचित कराते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसी कार्यशालाओं का आयोजन किया जायेगा।
क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी प्रोफेसर अश्वनी मिश्र ने कहा कि चरित्र का निर्माण करना एक शिक्षक का प्राथमिक कार्य है इसके अलावा शोध का क्षेत्र रोटी कपड़ा और मकान भी होना चाहिए। पूरे दिन चली इस वर्कशॉप में विभिन्न सत्रों में विद्वानों ने अपने विचार व्यक्त किया।
तकनीकी सत्र में प्रोफेसर अवधेश कुमार सिंह, प्रोफेसर सुभाष यादव तथा प्रोफेसर शैलेश कौशल ने शोधार्थियों से विचार विनिमय किया। कार्यक्रम का सहज और प्रभावी संचालन डाक्टर सनोबर हैदर तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रोफेसर राजीव यादव ने किया।
दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर वायु प्रदूषण के मुद्दे पर उनके दोहरे बयान और लापरवाही को लेकर कड़ा प्रहार किया है। एलजी ने कहा कि दिल्ली में आज जो आपातकाल जैसे हालात बने हैं, उसके लिए केजरीवाल और उनकी सरकार की 11 साल की अनदेखी और निष्क्रियता जिम्मेदार है।
एलजी ने अपने पत्र में केजरीवाल से हुई पुरानी बातचीत का जिक्र करते हुए लिखा कि केजरीवाल ने कहा था- “यह हर साल होता है, 15-20 दिन मीडिया और एक्टिविस्ट शोर मचाते हैं, फिर सब भूल जाते हैं, आप भी ज्यादा ध्यान मत दीजिए। एलजी ने इसे जनता के स्वास्थ्य के प्रति गंभीर उदासीनता बताया।
सड़कें, धूल और प्रदूषण पर बड़ा आरोप एलजी ने कहा कि वर्षों से टूटी सड़कों, गड्ढों और धूल के कारण PM-10 और PM-2.5 का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ा. मेट्रो फेज-4, RRTS और ई-बसों जैसी योजनाओं को सिर्फ राजनीतिक कारणों से रोका गया, जिससे प्रदूषण कम करने के प्रयास प्रभावित हुए।
यमुना, नाले और जलभराव का मुद्दा सक्सेना ने कहा कि 11 साल में यमुना की सफाई सिर्फ दावों तक सीमित रही. नालों और सीवर लाइनों की सफाई न होने से 80-90% तक जाम की स्थिति बनी और हर साल दिल्ली जलभराव से जूझती रही।
पानी और विकास पर भी निशाना एलजी ने कहा कि दिल्ली अपनी जरूरत के लिए पड़ोसी राज्यों पर निर्भर है, फिर भी 58% पानी ट्रांसमिशन में ही बर्बाद हो जाता है। वजीराबाद जलाशय 96% तक गाद से भर चुका है, लेकिन इसके लिए हरियाणा और यूपी को दोष दिया गया।
राजनीतिक शुचिता पर सवाल एलजी ने आरोप लगाया कि केजरीवाल सरकार ने न तो नियमित कैबिनेट बैठकें कीं, न ही CAG रिपोर्ट सदन में रखी. 500 नए स्कूलों और अस्पतालों के वादे पूरे नहीं किए गए, जबकि हजारों करोड़ रुपये विज्ञापनों पर खर्च कर दिए गए।
एलजी का पत्र के माध्यम से संदेश
एलजी सक्सेना ने लिखा कि वे यह पत्र जनता को सच्चाई बताने के लिए लिख रहे हैं, क्योंकि लोकतंत्र में जनता ही अंतिम न्यायाधीश होती है. उन्होंने कहा कि चुनावी हार के बावजूद केजरीवाल और उनकी पार्टी ने सबक नहीं लिया और आज भी छोटी राजनीति में उलझी हुई है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्नाव बलात्कार मामले में पूर्व बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को जमानत दी। अपील लंबित रहने तक कुलदीप सिंह सेंगर की सजा निलंबित, हाईकोर्ट का आदेश। कोर्ट ने सेंगर को पीड़िता के 5 किलोमीटर के दायरे में आने पर रोक लगाई। जमानत अवधि के दौरान सेंगर को दिल्ली में रहने और हर सोमवार पुलिस को रिपोर्ट करने का निर्देश। हाईकोर्ट की चेतावनी— किसी भी शर्त के उल्लंघन पर जमानत रद्द की जाएगी।
ट्रायल कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म मामले में सेंगर को आजीवन कारावास और 25 लाख रुपये जुर्माने की सजा दी थी।वर्ष 2017 में नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म का मामला, पीड़िता को 60 हजार रुपये में बेचे जाने का आरोप।