ब्लूबर्ड ब्लॉक-दो के सफल प्रक्षेपण की कामना को तिरुपति मंदिर पहुंचे इसराे प्रमुख

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इससे भारत की ग्लोबल स्पेस मार्केट में साख और मजबूत होगी: वी नारायणन

तिरुमला, 22 दिसंबर (हि.स.)। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रमुख वी. नारायणन ने कहा कि 24 दिसंबर को ब्लूबर्ड-2 का प्रक्षेपण किया जाएगा। यह मिशन भारत की धरती से प्रक्षेपित किए जाने वाले अब तक के सबसे भारी उपग्रह को अंतरिक्ष में ले जाने का है। इस मिशन से भारत की ग्लोबल स्पेस मार्केट में साख और मजबूत होगी और डिजिटल कनेक्टिविटी के नए रास्ते खुलेंगे।

इसरो प्रमुख वी. नारायणन साेमवार काे तिरुमाला में बालाजी मंदिर में श्री वेंकटेश्वर स्वामी के दर्शन करने पहुंचे। उन्हाेंने भगवान के चरणों में ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 संचार उपग्रह का मॉडल रख कर सफलता के लिए विशेष प्रार्थना की। इसरो इस संचार उपग्रह काे बुधवार 24 दिसंबर को एलवीएम3-एम6/ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 मिशन का प्रक्षेपण करने वाला है। यह एक समर्पित वाणिज्यिक मिशन है। जिसे एलवीएम3 प्रक्षेपण यान के जरिए अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। यह ऐतिहासिक मिशन अमेरिका आधारित एएसटी स्पेसमोबाइल के ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 संचार उपग्रह को अंतरिक्ष में ले जाएगा। इसराे प्रमुख नारायण ने यहां पत्रकाराें से वार्ता के दाैरान कहा कि ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 संचार उपग्रह का उपयोग 4जी और 5जी संचार उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। 24 दिसंबर, 2025 की सुबह 08:54 बजे श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 सैटेलाइट को एलवीए 3-एम6 मिशन के तहत भेजा जाएगा। इस सैटेलाइट के जरिए पहाड़ों, समुद्रों और दूरदराज इलाकों तक मोबाइल नेटवर्क पहुंचाने का लक्ष्य है। यह मिशन इसराे के लिए कमर्शियल स्पेस सेक्टर में एक अहम कदम माना जा रहा है। यह सैटेलाइट करीब 520 किलोमीटर ऊंचाई पर लो-अर्थ ऑर्बिट में स्थापित किया जाएगा, जहां से यह बेहतर कवरेज देगा।

उन्हाेंने कहा कि लॉन्चिंग के बाद यह भारत से भेजा गया अब तक का सबसे भारी कमर्शियल कम्युनिकेशन सैटेलाइट होगा। इस मिशन से भारत की ग्लोबल स्पेस मार्केट में साख और मजबूत होगी और डिजिटल कनेक्टिविटी के नए रास्ते खुलेंगे। इस मिशन से भारत की ग्लोबल स्पेस मार्केट में साख और मजबूत होगी और डिजिटल कनेक्टिविटी के नए रास्ते खुलेंगे।

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