
महोबा, 24 दिसंबर (हि.स.)।बुंदेलखंड के महोबा जिले में एक लेखपाल द्वारा संवेदनहीनता दिखाते हुए एक ऐसी हास्यादपद बात कही गई , जोकि जिले भर में चर्चा का विषय बनी है। जहां लेखपाल साहब ने घर जलने से परेशान व्यक्ति को अधिक मुआवजा पाने के लिए मोटर साइकिल सहित ट्रक के नीचे आकर मरने की सलाह दे डाली, जिससे पीड़ित को पांच लाख तक का मुआवजा मिल जाएगा। जिसको सुनने के बाद पीड़ित हैरत में पड़ गया और एक दम शांत हो गया । जिसका ऑडियो वायरल हो रहा है। लेखपाल के द्वारा दी गई अमानवीय सलाह से सभी हैरान हैं।
दरअसल पूरा मामला जनपद के चरखारी तहसील क्षेत्र के चंदौली गांव का है। जहां ग्रामीण शिव प्रसाद अपनी पत्नी फुलिया के साथ गांव में रहकर जीवन यापन करते हैं। और उनके चार बेटे हैं। जिनमें जयपाल , बृजेंद्र, भूपेंद्र और राघवेंद्र चारों ईंट भट्टों में काम करते हैं।
राघवेंद्र ने बताया कि वह सब भाइयों के साथ महानगर में ईंट भट्टे में थे । घर में माता पिता अकेले थे। एक दिसंबर को उनके घर में आगजनी की घटना हो गई । इसमें भाई भूपेंद्र और चाचा चंद्रपाल का लाखों रूपये का सामान जलकर खाक हो गया था। सूचना पर पहुंचे लेखपाल ने नुकसान की तीन लाख रूपये की रिपोर्ट तैयार की थी।
राघवेंद्र ने ने बताया कि लेखपाल साहब से फोन पर आगजनी से हुए नुकसान का अधिक मुआवजा की गुहार लगाई तो साहब ने कहा कि केवल चार हजार ही मिलेगा जो करना हो सो कर लो। और फिर उनसे मिन्नत करने पर उन्होंने ऐसी बात कही जिसके सुनने के बाद उसकी बोलती बंद हो गई। लेखपाल ने अधिक मुआवजा पाने के उसको मोटर साइकिल के साथ ट्रक के नीचे आकर मरने की सलाह दे दी । कहा कि इसके बाद उसकी मौत पर पांच लाख का मुआवजा मिल जाएगा।
बुधवार को चरखारी तहसीलदार आर एन मिश्रा ने बताया कि पीड़ित का आंशिक नुकसान होने पर चार हजार रूपये की रिपोर्ट भेजी है। अधिक मुआवजा पाने के लिए लेखपाल के द्वारा जो बात कही गई है उसके वायरल ऑडियो की जांच की जा रही है। जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


