नई दिल्ली, 28 दिसंबर (हि.स.)। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने आगामी श्रीलंका दौरे के लिए रविवार को टी20 टीम की घोषणा कर दी। पाकिस्तान की टीम अगले महीने श्रीलंका के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज खेलेगी। सीरीज के तीनों मुकाबले दांबुला में 7, 9 और 11 जनवरी को आयोजित होंगे।
टी20 सीरीज के लिए घोषित पाकिस्तानी टीम की कप्तानी सलमान अली आगा को सौंपी गई है। टीम से कई वरिष्ठ खिलाड़ियों को बाहर रखा गया है। पूर्व कप्तान बाबर आजम, तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी, हारिस रऊफ और विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान इस सीरीज का हिस्सा नहीं होंगे। वहीं, युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ख्वाजा नफे को पहली बार 15 सदस्यीय टीम में शामिल किया गया है।
इस सीरीज के लिए ऑलराउंडर शादाब खान की टीम में वापसी हुई है। 27 वर्षीय शादाब इस वर्ष कंधे की सर्जरी के कारण लंबे समय तक मैदान से दूर रहे थे। राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में सफल पुनर्वास के बाद वे पूरी तरह फिट हो चुके हैं और फिलहाल ऑस्ट्रेलिया में बिग बैश लीग में खेल रहे हैं।
यह सीरीज पाकिस्तान के लिए आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 से पहले अपनी टीम को अंतिम रूप देने का अवसर प्रदान करेगी। आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 की शुरुआत 7 फरवरी से हो रही है। टूर्नामेंट का फाइनल मैच 8 मार्च को खेला जाएगा।
श्रीलंका के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए पाकिस्तान टीम
सलमान अली आगा (कप्तान), अब्दुल समद, अबरार अहमद, फहीम अशरफ, फखर जमां, ख्वाजा नफे, मोहम्मद नवाज, मोहम्मद सलमान मिर्जा, मोहम्मद वसीम जूनियर, नसीम शाह, साहिबजादा फरहान, सैम अयूब, शादाब खान, उस्मान खान, उस्मान तारिक।———–
सिलीगुड़ी, 28 दिसंबर (हि.स)। सिलीगुड़ी के व्यस्त हिल कार्ट रोड इलाके में सोने की दुकान में चोरी की घटना से हड़कंप मच गया है। शहर के प्रमुख मार्ग पर स्थित बीपीएस ज्वेलर्स में देर रात चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया है।
रविवार सुबह दुकान खुलते ही चोरी का पता चला, पुलिस को सूचना दी गई।
दुकान मालिक के अनुसार, चोर लगभग 30 किलो चांदी और 100 से 200 ग्राम सोना लेकर फरार हो गए। हालांकि, दुकान के भीतर रखे लॉकर को काटने की कोशिश की गई, लेकिन उसमें रखे सोने तक चोर नहीं पहुंच सके। लॉकर नहीं काट पाने के कारण दुकान को बड़ी क्षति से बचा लिया गया। चोरों ने चोरी के दौरान दुकान में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों को काट दिया और डीवीआर बॉक्स भी अपने साथ ले गए। हालांकि, एक मेमोरी वाला कैमरा मौजूद था, जिससे कुछ अहम सुराग मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
प्रारंभिक जांच में अनुमान लगाया जा रहा है कि चोर पिछले कई दिनों से दुकान की पिछली दीवार को धीरे-धीरे काट रहे थे और फिर सुनियोजित तरीके से देर रात इस बड़ी चोरी को अंजाम दिया। दुकान के शटर और अंदरूनी हिस्सों में तोड़फोड़ के स्पष्ट निशान मिले हैं। पुलिस का मानना है कि चोरी में विशेष उपकरणों का इस्तेमाल किया गया है।
घटना की सूचना मिलते ही सिलीगुड़ी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और आरोपितों को जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही शहर की प्रमुख ज्वेलरी दुकानों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
नई दिल्ली, 28 दिसंबर (हि.स.)। राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस के अवसर पर रविवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इलेक्ट्रिक कृषि ट्रैक्टरों के लिए भारतीय मानक ‘आईएस 19262:2025 इलेक्ट्रिक एग्रीकल्चरल ट्रैक्टर्स टेस्ट कोड’ जारी किया। यह मानक ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (बीआईएस) द्वारा तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य इलेक्ट्रिक ट्रैक्टरों के परीक्षण को एकरूप, पारदर्शी और वैज्ञानिक बनाना है।
केंद्रीय उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अनुसार, आईएस 19262:2025 में इलेक्ट्रिक कृषि ट्रैक्टरों की जांच के लिए सरल दिशा-निर्देश और एक समान शब्दावली निर्धारित की गई है। इसमें पीटीओ पावर, ड्रॉबार पावर, बेल्ट-पुली प्रदर्शन, कंपन परीक्षण तथा ट्रैक्टर के विभिन्न घटकों के निरीक्षण से जुड़ी आवश्यक परीक्षण प्रक्रियाएं शामिल हैं। मंत्रालय का कहना है कि इससे किसानों और निर्माताओं, दोनों को एक स्पष्ट और भरोसेमंद परीक्षण ढांचा मिलेगा।
मंत्रालय की ओर से बताया गया कि डीजल से चलने वाले ट्रैक्टरों की तुलना में इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर खेतों में धुआं नहीं छोड़ते, कम शोर उत्पन्न करते हैं और संचालन लागत भी अपेक्षाकृत कम होती है। इनमें चलित पुर्जों की संख्या कम होने के कारण मरम्मत और रखरखाव की आवश्यकता भी कम पड़ती है। लंबे समय तक खेतों में काम करने वाले किसानों के लिए इन्हें पर्यावरण-अनुकूल और स्वास्थ्य की दृष्टि से बेहतर विकल्प माना जा रहा है।
बीआईएस ने यह मानक कृषि मंत्रालय के अनुरोध पर प्राथमिकता के आधार पर विकसित किया है। इसके निर्माण में इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर निर्माता कंपनियों, शोध संस्थानों और कृषि अभियांत्रिकी विशेषज्ञों की सक्रिय भागीदारी रही। इस प्रक्रिया में आईसीएआर–केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान (भोपाल), केंद्रीय फार्म मशीनरी परीक्षण संस्थान (बुदनी), ट्रैक्टर एंड मेकेनाइजेशन एसोसिएशन (नई दिल्ली), ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (पुणे) और ऑल इंडिया फार्मर्स एलायंस जैसे संगठनों ने सहयोग किया।
हालांकि, यह मानक फिलहाल स्वैच्छिक है, लेकिन सरकार और बीआईएस का मानना है कि इसके लागू होने से देश में इलेक्ट्रिक कृषि ट्रैक्टरों के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा, नई तकनीकों को अपनाने में तेजी आएगी और खेती में प्रदूषण कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।
लखनऊ, 28 दिसम्बर (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए सांगठनिक दृष्टि से वर्ष 2025 काफी अहम रहा। लोकसभा चुनाव 2024 में लगे झटके के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं को निराशा के भंवर से निकालना आसान नहीं था। ऐसे में पार्टी ने वर्ष 2025 में जहां कई अभियान चलाकर बूथ स्तर तक के कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया, वहीं सर्व समाज को पार्टी से जोड़ने के लिए अनेक कार्यक्रम आयोजित किये। इन अभियानों की सफलता के लिए प्रदेश संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह ने स्वयं प्रदेश से लेकर बूथ स्तर तक के कार्यकर्ताओं से संवाद कर कार्यकर्ता भाव जगाने का कार्य किया।
संगठन पर्व के तहत पार्टी ने सदस्यता अभियान चलाकर रिकार्ड भी बनाया। बूथ अध्यक्ष से लेकर मण्डल अध्यक्ष व जिलाध्यक्षों की नियुक्ति कर नये चेहरों को भी मौका दिया। कुल मिलाकर देखा जाए तो मिशन 2027 की जमीन मजबूत करने में ही पार्टी का पूरा फोकस रहा। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में मंत्रिमण्डल विस्तार व नये प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर भाजपा सर्वाधिक चर्चा में रही। अंतत: दिसम्बर माह में भाजपा को नया प्रदेश अध्यक्ष मिल गया।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अवनीश त्यागी ने कहा कि पार्टी ने अभियानों व कार्यक्रमों के जरिए अनेक कीर्तिमान स्थापित किए हैं।लगातार जनता से सम्पर्क व संवाद के जरिए भाजपा ने विपक्ष के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) को ध्वस्त करने का काम किया है। उपचुनावों में भी भाजपा ने एकतरफा जीत हासिल की है।
मिल्कीपुर उपचुनाव की जीत से भाजपा को राहत अयोध्या जिले की मिल्कीपुर विधानसभा के उपचुनाव के नतीजे को लेकर भाजपा चर्चा में रही। भाजपा के चन्द्रभान पासवान ने उपचुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) के उम्मीदवार अजीत प्रसाद को हराया था। मिल्कीपुर से विधायक रहे अवधेश प्रसाद के वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में अयोध्या से सांसद चुने जाने के बाद यह सीट खाली हुई थी। लोकसभा में सपा के अवधेश प्रसाद ने भाजपा के लल्लू सिंह को हराया था। मिल्कीपुर में भाजपा ने उनके बेटे को उन्हीं की सीट पर परास्त किया।
सर्व समाज को जोड़ने के लिए हुए अनेक कार्यक्रमसर्वसमाज को पार्टी से जोड़ने और मिशन 2027 की सफलता के लिए भाजपा ने वर्ष 2025 में अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया। महिला सम्मेलन, युवा सम्मेलन, व्यापारी सम्मेलन व प्रबुद्ध सम्मेलनों का आयोजन कर पार्टी की शक्ति बढ़ाने का प्रयास किया गया। अनुसूचित जाति एवं जनजाति समाज के बीच पैठ बनाने के लिए उनके साथ संवाद आयोजित किये गये। आत्मनिर्भर भारत अभियान के निमित्त सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के साथ भी बैठकें हुईं। इसके अलावा पार्टी ने विशेष सम्पर्क अभियान चलाकर विभिन्न श्रेणियों के प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर के लोगों से उनके घर पर जाकर भेंट की गयी।
महापुरूषों के पुण्य स्मरण में आगे रही पार्टीभाजपा महापुरूषों के पुण्य स्मरण में भी पीछे नहीं रही। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्म जयंती के अवसर पर पार्टी ने “सेवा पखवाड़ा” मनाया। वहीं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जन्म जयंती शताब्दी वर्ष पर अनेक कार्यक्रम हुए। सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित एकता यात्रा और रन फार यूनिटी के आयोजन हुए। पुण्यश्लोक लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जन्म त्रिशताब्दी वर्ष स्मृति अभियान के उपलक्ष्य में “महिला सशक्तिकरण सम्मेलन” पार्टी की ओर आयोजित किये गये। भगवान बिरसा मुण्डा के जन्मदिवस पर जनजातीय गौरव दिवस और गुरू पुत्रों के त्याग व बलिदान से समाज को परिचित कराने के लिए वीर बाल दिवस के आयोजन प्रदेशभर में हुए।
अभियानों में उप्र भाजपा ने बनाया रिकार्डउत्तर प्रदेश भाजपा ने युवाओं को पार्टी की रीति नीति से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किये। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर युवा मोर्चा ने प्रदेशभर में “तिरंगा यात्रा निकाली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में आयोजित “सेवा पखवाड़ा” के तहत भाजपा कार्यकर्ताओं ने गांव चलो अभियान शुरू कर मंदिरों की सफाई एवं घर-घर संपर्क किया। इस दौरान लाभार्थी परिवारों से भी कार्यकर्ताओं ने सम्पर्क किया। व्यापारियों के बीच जीएसटी बचत उत्सव’ व मुस्लिमों के बीच वक्फ सुधार जनजागरण अभियान चलाया गया। “एक राष्ट्र- एक चुनाव” व मदताता पुनरीक्षण अभियान पार्टी की ओर से अभी चल रहा है।
बांकुड़ा, 28 दिसंबर (हि.स.)। पश्चिमी बंगाल के बांकुड़ा जिले के बिष्णुपुर में चल रहे मेले में शनिवार रात उस समय हालात बेकाबू हो गए, जब अभिनेता जीत के कार्यक्रम के दौरान भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ी और हालात इतने बिगड़ गए कि पूरे कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी मची और तोड़फोड़ शुरू हो गई।
23 दिसंबर से बिष्णुपुर में शुरू हुआ यह मेला राढ़ बंगाल के कुटीर उद्योग, पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। मेला शुरू होने के बाद शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन शनिवार रात तस्वीर पूरी तरह बदल गई। यदुभट्ट मंच पर अभिनेता जीत समेत अन्य कलाकारों के नृत्य-संगीत कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। तय कार्यक्रम के अनुसार रात करीब साढ़े आठ बजे मंच पर कार्यक्रम शुरू हुआ।
कार्यक्रम देखने के लिए न केवल बिष्णुपुर बल्कि पूरे बांकुड़ा जिले के अलग-अलग इलाकों से बड़ी संख्या में लोग मेले में पहुंचे। जैसे-जैसे कार्यक्रम आगे बढ़ता गया, भीड़ भी लगातार बढ़ती गई। हालात ऐसे बन गए कि पुलिस के लिए भीड़ को संभालना मुश्किल हो गया और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। कुछ ही पलों में कार्यक्रम स्थल युद्ध क्षेत्र में तब्दील हो गया।
उत्तेजित दर्शकों के एक हिस्से ने मंच के सामने लगे बैरिकेड तोड़ दिए। इसके साथ ही मंच के सामने रखी गई सैकड़ों कुर्सियों को तोड़कर तहस-नहस कर दिया गया। आरोप है कि वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों को भी नहीं बख्शा गया। इसके अलावा मेले में लगे कई दुकानों में भी तोड़फोड़ और लूटपाट की घटनाएं सामने आई हैं। मंच पर लगे कई बैनर और फ्लेक्स भी फाड़ दिए गए।
स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा, लेकिन इससे नाराजगी और बढ़ गई। धक्का-मुक्की में कई दर्शकों के घायल होने की भी खबर है। पुलिस ने मौके से कुछ लोगों को अव्यवस्था फैलाने के आरोप में हिरासत में लिया, हालांकि बाद में उन्हें व्यक्तिगत बॉन्ड पर रिहा कर दिया गया।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “ऐसा लग रहा था जैसे जान ही चली जाएगी। परिवार के लोगों को सुरक्षित घर ले जाना मुश्किल हो गया था। हमें डर था कि हम वापस लौट पाएंगे या नहीं। पुलिस उस समय क्या कर रही थी, वह सिर्फ खड़ी होकर देखती रही।”
हालांकि, मेला आयोजकों का दावा है कि इस अव्यवस्था के बावजूद मुख्य कार्यक्रम प्रभावित नहीं हुआ। अभिनेता जीत और अन्य कलाकार निर्धारित समय तक मंच पर प्रस्तुति देने के बाद सुरक्षित रूप से कार्यक्रम स्थल से रवाना हो गए। फिलहाल, प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है ताकि मेले के आगामी दिनों में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
बिजनौर, 28 दिसम्बर , उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर में शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित बिजनाैर-दिल्ली हाइवे बैराज रोड पर शनिवार देर रात को एक कार में आग लग गई। हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन आग से जलकर कार स्वाह हो गई।चालक का आराेप है कि कार खराब हाेने पर उसमें सवार सवारियाें ने उसके साथ मारपीट की थी। इसके बाद कार में आग लग गई। आग लगी या लगाई गई इसकी जांच पुलिस करें। उसने थाना में शिकायत दर्ज करायी है।
शहर कोतवाल धर्मेंद्र सोलंकी ने बताया कि यह घटना देर रात बैराज रोड हाईवे पर हेमराज कॉलोनी के पास की है। बिजनौर से बैराज की ओर जा रही कार सैनी ढाबे के पास खराब हो गई। कार खराब होने के बाद उसमें सवार यात्रियों ने चालक अबरार के साथ मारपीट की मौके पर पहुंचे लोगों ने बीच बचाव कर मामला शांत कराया। इसके बाद चालक और यात्री दोनों वहां से चले गए। कुछ देर बाद कार में अचानक आग लग गई। चालक ने खुद के साथ मारपीट और आगजनी की शिकायत दर्ज करायी है।
शहर कोतवाल धर्मेंद्र सोलंकी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया कार में आग किसी ने लगाई थी या स्वयं लगी, पुलिस सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच कर रही है।
धर्मशाला, 28 दिसंबर (हि.स.)। कांगड़ा वैली कार्निवाल 2025 की चौथी सांस्कृतिक संध्या पर शनिवार देररात द्वितीय बालीवुड नाइट में कलाकारों न3 दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। इस दौरान बॉलीवुड संगीत, नृत्य और रंगारंग प्रस्तुतियों ने उत्सव के माहौल को नई ऊंचाइयों तक पंहुचा दिया। कार्यक्रम में आयुष, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री यादविंद्र गोमा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
यादविंद्र गोमा ने कहा कि कांगड़ा वैली कार्निवाल जैसे आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता को सशक्त मंच प्रदान करते हैं। ऐसे उत्सव न केवल स्थानीय कलाकारों को पहचान दिलाते हैं, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा देकर युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सृजित करते हैं।
उन्होंने कहा कि कांगड़ा वैली कार्निवाल प्रदेश की लोक-संस्कृति, परंपराओं और आधुनिक कला का सशक्त मंच बनकर उभरा है। ऐसे आयोजन न केवल सांस्कृतिक विरासत को संजोने का कार्य करते हैं, बल्कि पर्यटन को बढ़ावा देकर स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करते हैं। उन्होंने युवाओं से आहवान किया कि वे अपनी लोक-संस्कृति से जुड़ें और इसे आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम के दौरान कुमार साहिल की ऊर्जावान प्रस्तुति ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। मंच पर कुमार साहिल की सशक्त गायकी और ऊर्जावान प्रस्तुति से दर्शक उनके लोकप्रिय गीतों पर दर्शक देर रात तक थिरकते रहे।
वहीं निधि रस्तोगी, तानूरा डांस, नितीश राजपूत और दिव्या भट्ट की आकर्षक प्रस्तुतियों ने खूब वाहवाही बटोरी। कलाकारों की तालबद्ध अदाएं, आकर्षक कोरियोग्राफी और शानदार मंच सज्जा ने दर्शकों से खूब तालियां बटोरीं।
इसके साथ ही सिरमौर नाटी और मंडी नाटी जैसी पारंपरिक लोकनृत्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों को हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराया। पारंपरिक वेशभूषा, लोकसंगीत और नृत्य की मनमोहक छटाओं ने पूरे पंडाल को तालियों की गड़गड़ाहट से गुंजायमान कर दिया। पारंपरिक वेशभूषा, लोकसंगीत और नृत्य की लय ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया और पूरे पंडाल में लोकसंस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिली।
कांगड़ा कार्निवाल : साइकिल राइड को किया गया रवाना
धर्मशाला, 28 दिसंबर (हि.स.)। कांगड़ा वैली कार्निवाल के पांचवें दिन रविवार की सुबह धर्मशाला में साइकिल राइड का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर धर्मशाला नगर निगम की मेयर नीनू शर्मा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करते हुए साइकिल राइड को झंडी दिखाकर रवाना किया। इस राइड में बच्चों से लेकर हर आयु वर्ग के लोग हिस्सा ले रहे हैं। इस दौरान में पूर्व मेयर देविंद्र जग्गी, उप महापौर तजेंद्र कौर, पार्षद अनुराग, उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा, एसपी कांगड़ा अशोक रत्न, एमसी कमिश्नर इकबाल जफर तथा अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार, एसडीएम मोहित रत्न सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
नेपीडॉ, 28 दिसंबर (हि.स.)।म्यांमार में निर्वाचित सरकार के तख्तापलट के करीब पांच साल बाद रविवार को सैन्य प्रशासन जुंटा के नियंत्रण में तीन चरणों में राष्ट्रीय चुनाव कराए जाने की शुरूआत हुई।सेना के सख्त नियंत्रण वाले इस चुनाव में विपक्ष गैर मौजूद है, व्यापक स्तर पर गृहयुद्ध के चलते सीमित क्षेत्र में यह मतदान हो रहा है, जिसकी वैधता पर बड़े सवाल उठ रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख और पश्चिमी देश इसे सैन्य शासन को मजबूत करने का बहाना बता रहे हैं। जबकि सेना का दावा है कि यह चुनाव लोकतंत्र की वापसी का रास्ता तैयार करेगा।
करीब पांच करोड़ आबादी वाले म्यांमार में सैन्य शासन के नियंत्रण वाले इलाकों में तीन चरणों में होने वाले मतदान का पहला दौर स्थानीय समयानुसार आज सुबह छह बजे शुरू हुआ। मतदान का दूसरा चरण 11 जनवरी और तीसरा चरण 25 जनवरी को होगा। करीब पांच साल से गृहयुद्ध से जूझ रहे म्यांमार के विद्रोहियों के नियंत्रण वाले इलाकों में मतदान नहीं हो रहा है। म्यांमार की कुल 330 में से करीब 65 संसदीय ऐसी सीटें हैं जिनपर मतदान नहीं हो रहा है। खास बात यह है कि मतों की गिनती के बारे में तारीखों की घोषणा अभी नहीं हुई है।
संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख पश्चिमी देशों ने इस चुनाव की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि चुनाव सैन्य समर्थकों के पक्ष में तैयार किया गया है और असहमति पर सख़्त कार्रवाई की जा रही है।
इससे पहले जुंटा ने मतदान से पहले पर्यापत सुरक्षा सुनिश्चित करने के मकसद से एक नए कानून के तहत सैकड़ों उन लोगों को गिरफ्तार किया जिनपर चुनाव बाधित करने या इसकी आलोचना करने वालों को आपराधिक कृत्य करार देता है। मतदान के दौरान भी सेना ने विरोधियों के खिलाफ अपने अभियान जारी रखे हैं।
म्यांमार की चुनी हुई सरकार के तख्तापलट के करीब पांच साल बाद सैन्य जुंटा ने मतदान शुरू कराया। यह चुनाव फरवरी 2021 में सत्ता पर कब्जा करने के बाद से जुंटा की ओर से करवाया जा रहा पहला चुनाव है। सेना समर्थित यूनियन सॉलिडेरिटी एंड डवलपमेंट पार्टी के सबसे बड़ी पार्टी बनने की संभावना जताई जा रही है।
यह चुनाव ऐसे समय पर हो रहा है जब देश की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक नेता आंग सान सू और उनके समर्थक नेता तब से जेल में जब साल 2021 में सेना ने उनकी सरकार का तख्तापलट किया था। उनकी पार्टी नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी (एनएलडी) भंग कर दी गई। वे और उनकी पार्टी राजनीतिक प्रक्रिया से बाहर है। म्यांमार में तख्तापलट के बाद देश के विभिन्न हिस्सों में व्यापक स्तर पर शुरू हुआ विरोध-प्रदर्शन गृहयुद्ध में बदल गया जो अबतक जारी है।
नई दिल्ली, 28 दिसम्बर (हि.स.)। कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने रविवार को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 141वें स्थापना दिवस पर कार्यकर्ताओं और देशवासियों को शुभकामनाएं दीं।
दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में इस अवसर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अजय माकन, लालजी देसाई, दिग्विजय सिंह, सलमान खुर्शीद और जयराम रमेश सहित कई वरिष्ठ पार्टी नेता एकत्र हुए।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक्स पर कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा भारत की जनता के कल्याण, सशक्तिकरण और समावेशी विकास के लिए काम किया है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का 140 वर्ष का गौरवशाली इतिहास सत्य, अहिंसा, त्याग, संघर्ष और देशभक्ति की महान गाथा का वर्णन करता है।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने एक्स पर कहा, “भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के स्थापना दिवस पर सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं और करोड़ों समर्थकों को बधाई एवं शुभकामनाएं! “
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि कांग्रेस पार्टी संवैधानिक मूल्यों की रक्षा एवं लोकतंत्र को मज़बूत करने के लिए संकल्पबद्ध है।
कांग्रेस के महासचिव के सी वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस नफरत और विभाजन की उन ताकतों के खिलाफ मजबूती से खड़ी है।
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिव कुमार ने कहा कि कांग्रेस के प्रत्येक कार्यकर्ता की निष्ठा इस महान आंदोलन को जीवित रखती है।
कर्नाटक के कैबिनेट मंत्री प्रियांक खरगे ने कहा कि वह आज अपने संस्थापकों की दूरदृष्टि, नेताओं के बलिदानों और राष्ट्र निर्माण में उनके अटूट योगदान को अत्यंत श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं।
उल्लेखनीय है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 28 दिसंबर, 1885
नई दिल्ली, 28 दिसंबर (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में देशवासियों से दवाओं के उपयोग में सावधानी बरतने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि दवा लेने से पहले उचित गाइडेंस लेना और एंटीबायोटिक के सेवन के लिए डॉक्टर की सलाह अवश्य लेनी चाहिए।
प्रधानमंत्री ने इस संदर्भ में आईसीएमआर (इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च) की एक हालिया रिपोर्ट का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट के अनुसार निमोनिया और यूटीआई जैसी कई बीमारियों के खिलाफ एंटीबायोटिक दवाएं कमजोर साबित हो रही हैं। इसका मुख्य कारण लोगों द्वारा बिना सोचे-समझे एंटीबायोटिक का सेवन करना है। इसलिए उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी मनमर्जी से दवाओं का उपयोग करने से बचें।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम की 129वीं कड़ी और वर्ष के अंतिम एपिसोड की शुरुआत वर्ष 2025 में देश की उपलब्धियों से की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भारत ने कई मील का पत्थर साबित होने वाली उपलब्धियां हासिल की हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा (ऑपरेशन सिंदूर), खेल (महिला विश्वकप) और वैज्ञानिक नवाचार जैसे क्षेत्रों में हुई प्रगति ने वैश्विक मंच पर भारत के प्रभाव को दर्शाया है।
उन्होंने कहा कि साल 2025 में आस्था, संस्कृति और भारत की आध्यात्मिक विरासत एक साथ दिखाई दी। वर्ष की शुरुआत प्रयागराज के कुंभ से हुई और अंत अयोध्या में राम मंदिर के ध्वजारोहण कार्यक्रम के साथ हुआ, जिसने हर भारतीय को गर्व से भर दिया।
प्रधानमंत्री ने युवाओं के देश के लिए कुछ करने के जज्बे को सलाम किया और कहा कि आज के युवा विभिन्न माध्यमों से राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहते हैं। इस संदर्भ में उन्होंने बताया कि 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जयंती पर ‘यंग लीडर डायलॉग’ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें वे स्वयं भी भाग लेंगे।
उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं में हमेशा कुछ नया करने का जुनून रहता है और वे उतने ही जागरूक भी हैं। इस क्रम में उन्होंने हाल ही में संपन्न हुए स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन का उल्लेख किया, जिसमें छात्रों ने जीवन से जुड़ी वास्तविक चुनौतियों के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
भविष्य को लेकर तकनीक से जुड़ी चिंताओं पर प्रधानमंत्री ने कहा कि मानव विकास के लिए अपनी जड़ों से जुड़े रहना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इस संदर्भ में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस में चल रहे ‘गीतांजलि’ जैसे संस्कृत प्रयास का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि आज विश्वस्तरीय शोध के साथ एक छोटी-सी संगीत कक्षा से शुरू हुआ यह प्रयास कैंपस का संस्कृत हृदय बन गया है। इसी क्रम में उन्होंने दुबई में बच्चों के लिए चल रही कन्नड़ भाषा की कक्षाओं का भी उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री ने मणिपुर के लोगों से जुड़े कई ऐसे प्रयासों का जिक्र किया, जो लोगों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। उन्होंनेकहा कि ‘जहां चाह, वहां राह’ कहावत को मणिपुर के युवा मोइरांगथेम सेठ जी ने साकार कर दिखाया है। 40 वर्ष से कम उम्र में उन्होंने अपने दूरस्थ क्षेत्र में बिजली की समस्या का स्थानीय समाधान खोजते हुए सोलर पावर को अपनाया और आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की। वहीं, सेनापति जिले की चोखोने क्रिचेना जी ने पारंपरिक खेती के अनुभव को आगे बढ़ाते हुए फूलों की खेती को अपना जुनून बनाया। आज वे अपने उत्पादों को विभिन्न बाजारों से जोड़कर स्थानीय समुदायों को सशक्त कर रही हैं और मणिपुर के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।
उन्होंने जम्मू-कश्मीर में पुरातत्व विभाग से जुड़ी एक हालिया खोज का भी उल्लेख किया, जिसके तहत बारामूला में जेहनपोरा नामक प्राचीन बौद्ध विरासत का पता चला है। इसके चित्र फ्रांस के एक संग्रहालय के अभिलेखागार में सुरक्षित मिले हैं। साथ उन्होंने बताया कि आंध्र प्रदेश के नारसापुरम जिले की लेस क्राफ्ट आज देशभर में पहचान बना रही है। पीढ़ियों से महिलाओं ने धैर्य, कौशल और बारीकी से इस पारंपरिक कला को सहेजते हुए नारी-शक्ति की रचनात्मक क्षमता का उदाहरण प्रस्तुत किया है।
प्रधानमंत्री ने एक बार फिर तमिल भाषा के गौरव और दुनिया भर में लोगों को जोड़ने की उसकी क्षमता की चर्चा की। उन्होंने फिजी का उदाहरण दिया, जहां नई पीढ़ी को तमिल भाषा से जोड़ने के प्रयास हो रहे हैं। साथ ही उन्होंने काशी-तमिल संगम का उल्लेख किया, जिसमें इस बार तमिल भाषा सीखने पर विशेष जोर दिया गया।
देश के अनसंग हीरो की श्रृंखला में इस बार प्रधानमंत्री ने ओडिशा की पार्वती गिरी के योगदान को याद किया। उन्होंने बताया कि पार्वती गिरी ने मात्र 16 वर्ष की आयु में भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिया था।
कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री ने गुजरात के कच्छ में आयोजित हो रहे रण उत्सव और उसकी सांस्कृतिक आभा का जिक्र किया तथा लोगों से वहां पर्यटन करने की अपील की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम के 129वें एपिसोड में रविवार को प्रधानमंत्री ने साल 2025 में आईसीसी चैंपियंस ट्राफी में पुरुष क्रिकेट टीम की जीत, पहली बार महिला क्रिकेट विश्व कप खिताब, महिला ब्लाइंड टी20 विश्व कप, एशिया कप टी20 में सफलता, पैरा एथलीटों के पदक, शुभांशु शुक्ला का आईएसएस तक पहुंचने वाले पहले भारतीय बनना, प्रयागराज महाकुंभ और अयोध्या राम मंदिर पर ध्वजारोहण जैसे तमाम पलों को याद किया। साथ ही उन्होंने स्मार्ट इंडिया हैकाथन 2025, आईआईएससी के गीतांजलि सांस्कृतिक केंद्र और दुबई की कन्नड़ पाठशाले जैसी प्रेरक पहलों की चर्चा करते हुए साल 2026 की चुनौतियों, संभावनाओं और विकास लक्ष्यों पर भी बात रखी। यह साल 2025 में मन की बात कार्यक्रम का अंतिम एपिसोड था, जिसमें प्रधानमंत्री ने 2025 की प्रमुख उपलब्धियों, नये वर्ष 2026 की चुनौतियों, संभावनाओं और विकास पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ ही दिनों में वर्ष 2026 दस्तक देने वाला है और उनके मन में पूरे एक साल की यादें घूम रही हैं। साल 2025 ने भारत को ऐसे अनेक पल दिये, जिन्होंने देश को एक साथ जोड़ा और हर भारतीय को गर्व की अनुभूति कराई। देश की सुरक्षा से लेकर खेल, विज्ञान, अंतरिक्ष और वैश्विक मंचों तक भारत ने अपनी सशक्त छाप छोड़ी। यह वक्त उन उपलब्धियों को याद करने और नये संकल्प लेने का है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के युवाओंं में कुछ नया करने का जुनून है और वे उतने ही जागरूक भी हैं। युवाओं की लगन विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति है और 2025 में कई ऐसे पल आये, जिन पर युवाओं को गर्व हुआ।
उन्होंने कहा कि साल 2025 खेल के लिहाज से ऐतिहासिक और यादगार वर्ष रहा। पुरुष क्रिकेट टीम ने 2025 में आईसीसी चैंपियंस ट्राफी जीती। वहीं, महिला क्रिकेट टीम ने पहली बार विश्वकप अपने नाम किया। भारत की बेटियों ने महिला ब्लाइंड टी20 विश्व कप जीतकर नया इतिहास रचा। एशिया कप टी20 में तिरंगा शान से लहराया। पैरा एथलीटों ने विश्व चैंपियनशिप में अनेक पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया। यह उपलब्धियां 2025 को खेल इतिहास में विशेष स्थान दिलाती हैं।
उन्होंने कहा कि विज्ञान और अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत ने बड़ी छलांग लगाई। शुभांशु शुक्ला 2025 में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) तक पहुंचने वाले पहले भारतीय बने। यह उपलब्धि भारत की अंतरिक्ष क्षमता, तकनीकी कौशल और वैज्ञानिक प्रगति का वैश्विक प्रमाण बनी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2025 में आस्था, संस्कृति और विरासत की सामूहिक शक्ति भी देखने को मिली। वर्ष की शुरुआत में प्रयागराज महाकुंभ के आयोजन ने पूरी दुनिया को चकित किया, जबकि वर्ष के अंत में अयोध्या में राम मंदिर पर ध्वजारोहण के कार्यक्रम ने हर भारतीय को गर्व से भर दिया। यह वर्ष भारत की सांस्कृतिक एकता और आध्यात्मिक चेतना का भी वर्ष रहा।
प्रधानमंत्री ने स्मार्ट इंडिया हैकाथन 2025 का जिक्र करते हुए कहा कि इस महीने इसका समापन हुआ, जिसमें 80 से अधिक सरकारी विभागों की 270 से अधिक समस्याओं पर छात्रों ने काम किया। छात्रों ने वास्तविक जीवन की चुनौतियों से जुड़े नवाचारी समाधान प्रस्तुत किये, जो शासन और समाज के लिये उपयोगी सिद्ध होंगे।
प्रधानमंत्री ने भारतीय शिक्षा परिसरों में विकसित हो रहे सांस्कृतिक नवजागरण का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी), बेंगलुरु का गीतांजलि केंद्र अब सिर्फ एक कक्षा नहीं, बल्कि पूरे परिसर का सांस्कृतिक केंद्र बन चुका है। यहां हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत, लोक परंपराएं और शास्त्रीय विधाओं का संगम देखने को मिलता है, जहां छात्र, प्रोफेसर और उनके परिवार एक साथ बैठकर रियाज और संवाद से सांस्कृतिक चेतना को आगे बढ़ा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने प्रवासी भारतीय समुदाय द्वारा मातृभाषा संरक्षण के प्रयासों की सराहना करते हुए दुबई में रहने वाले कन्नड़ परिवारों की पहल कन्नड़ पाठशाला का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन परिवारों ने खुद से पूछा कि बच्चे तकनीकी दुनिया में आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन कहीं अपनी भाषा से दूर तो नहीं हो रहे। इसी सवाल से कन्नड़ पाठशाले का जन्म हुआ, जहां बच्चों को कन्नड़ पढ़ना, लिखना और बोलना सिखाया जा रहा है। यह प्रयास प्रवासी समाज में भाषा और संस्कृति संरक्षण का प्रेरक मॉडल है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2025 की उपलब्धियां भारत की सामूहिक शक्ति का प्रमाण हैं और 2026 नये लक्ष्यों, संकल्पों और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का वर्ष होगा।