भारत-अमेरिका ट्रेड डील ऐतिहासिक, यह भारतीय अर्थव्यवस्था को देगी नई ऊंचाइयां : शिवराज सिंह

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– केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने भोपाल स्थित अपने निवास पर भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर पत्रकार-वार्ता को संबोधित किया

भोपाल, 08 फरवरी (हि.स.)। केन्द्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच हुई हालिया ट्रेड डील को ऐतिहासिक और अभूतपूर्व बताया है। यह समझौता भारतीय अर्थव्यवस्था को नई गति और नई ऊंचाइयां देने वाला साबित होगा।

केन्द्रीय कृषि मंत्री चौहान रविवार को भोपाल स्थित निवास पर पत्रकार-वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ट्रेड डील केवल एक व्यापारिक समझौता नहीं, बल्कि भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रतीक भी है। यह डील भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ उसे नई दिशा प्रदान करेगी। यह समझौता पूरी दुनिया के लिए भी एक स्पष्ट संदेश है। यह डील दुनिया को संदेश देती है कि भारत की नीति कमिटमेंट की है, कॉम्प्रोमाइज की नहीं।

उन्होंने कहा कि हम आत्मविश्वास के साथ देश के हित में निर्णय लेते हैं। भारत अंतरराष्ट्रीय मंच पर संतुलित और सकारात्मक रणनीति के साथ आगे बढ़ रहा है। हम सौदेबाजी की राजनीति नहीं करते, बल्कि संतुलित रणनीति अपनाकर सकारात्मक संवाद में विश्वास रखते हैं। यही वजह है कि आज भारत वैश्विक स्तर पर एक भरोसेमंद और मजबूत साझेदार के रूप में उभर रहा है।

प्लोमेसी, डेवलपमेंट और डिग्निटीकेन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह ट्रेड डील डिप्लोमेसी, डेवलपमेंट और डिग्निटी का एक उत्तम उदाहरण है। डिप्लोमेसी का अर्थ है राष्ट्र प्रथम, और इस समझौते में भारत के राष्ट्रीय हित सर्वोपरि रखे गए हैं। डेवलपमेंट यानी विकसित भारत की दिशा में बढ़ते कदम यह डील उसके लिए भी एक मजबूत आधार प्रदान करती है। डिग्निटी का मतलब है किसान की गरिमा और मुझे गर्व है कि इस समझौते में किसान की गरिमा का पूरा ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि, भारतीय कृषि और किसानों को लेकर देश के मन में जो भी चिंताएं थीं, उनका इस ट्रेड डील में समाधान किया गया है। यह समझौता हमारे किसानों को पूरी तरह से सुरक्षित रखता है। यह डील केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि नए अवसरों का द्वार भी खोलती है। यह ट्रेड डील हमारे कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार में नए अवसर प्रदान करेगी और किसानों की आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी। यही आत्मनिर्भर और विकसित भारत की मजबूत नींव है।

मेरिका में भारतीय कृषि उत्पादों पर शून्य शुल्कचौहान ने कहा कि भारतीय किसानों के कई कृषि उत्पादों को अमेरिका में शून्य शुल्क पर निर्यात किया जाएगा। लेकिन अमेरिकी किसानों के कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में यह छूट नहीं मिली है। भारत के कृषि और डेयरी के हित पूरी तरह से सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने कृषि क्षेत्र के कई उत्पादों पर टैरिफ में बड़ी कटौती की है। कई कृषि उत्पादों पर जो टैरिफ पहले 50 प्रतिशत तक था, उसे अमेरिका ने घटाकर शून्य कर दिया है। इसमें मसाले, चाय, कॉफी, नारियल, नारियल तेल, सुपारी, काजू, वनस्पति वैक्स, एवोकाडो, केला, अमरूद, आम, कीवी, पपीता, अनानास, मशरूम और कुछ अनाज भी शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि, वर्ष 2024-25 में भारत का कृषि निर्यात 4.45 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है। मसाला निर्यात में 88 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। अब इस ट्रेड डील के बाद हमारे मसालों को अमेरिका में भी नया और बड़ा बाजार मिलेगा। उन्होंने कहा कि भारत पहले से ही मसालों के वैश्विक बाजार में मजबूत स्थिति रखता है। दुनिया भर के करीब 200 स्थानों पर भारत मसाले और मसालों के उत्पाद निर्यात करता है। इस समझौते से मसालों और अन्य कृषि उत्पादों के निर्यात को और गति मिलेगी। भारतीय बाजार की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं हुआ है। अगर विदेशी कृषि उत्पाद भारतीय कृषि बाजार में आते हैं, तो उन्हें टैरिफ देना होगा। हमारे किसानों को पूरी छूट और पूरा संरक्षण प्राप्त है। यही इस ट्रेड डील की सबसे बड़ी ताकत है।

भी संवेदनशील वस्तुएं समझौते से बाहरकेन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील में कृषि और कृषि उत्पादों के मामले में भारतीय किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है और ऐसा कोई भी उत्पाद समझौते में शामिल नहीं है, जिससे किसानों को नुकसान हो। सभी संवेदनशील वस्तुओं को समझौते के बाहर रखा गया है। सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, चीनी, मोटे अनाज, पोल्ट्री, डेयरी, केला, स्ट्रॉबेरी, चेरी, खट्टे फल, हरी मटर, काबुली चना, मूंग, तिलहन, इथेनॉल और तंबाकू जैसे उत्पादों पर किसी भी तरह की टैरिफ छूट नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी चिंता देश के प्रमुख अनाजों को लेकर थी। सबसे ज्यादा चिंता इसी बात की थी कि, हमारे प्रमुख अनाज सुरक्षित रहने चाहिए और मैं गर्व से कह सकता हूं कि, वो सभी पूरी तरह सुरक्षित रखे गए हैं। प्रमुख अनाज, प्रमुख फल और डेयरी उत्पादों के लिए अमेरिका के लिए कोई द्वार नहीं खोला गया है।

उन्होंने कहा कि कई अमेरिकी कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में प्रवेश नहीं कर पाएंगे। छिलका रहित अनाज, आटा, गेहूं, मक्का, चावल, बाजरा, आलू, प्याज, मटर, बीन्स, खीरा, मशरूम, दलहनी उत्पाद, फ्रोजन सब्जियां, संतरे, अंगूर, नींबू, स्ट्रॉबेरी और मिक्स्ड डिब्बाबंद सब्जियां भारत नहीं आएंगी। डेयरी उत्पादों को लेकर भी उन्होंने कहा कि, दुग्ध उत्पादों में लिक्विड मिल्क, पाउडर, क्रीम, योगर्ट, बटर मिल्क, मक्खन, घी, बटर ऑयल, पनीर और चीज़, इनमें से किसी को भी भारत में एंट्री नहीं मिलेगी। कृषि और डेयरी के अलावा भारत, अमेरिका से काली मिर्च, लौंग, सूखी हरी मिर्च, दालचीनी, धनिया, जीरा, हींग, अदरक, हल्दी, अजवाइन, मेथी, केसिया, सरसों, राई, भूसी और अन्य पाउडर मसाले नहीं मंगवाएगा। मतलब साफ है हमारे मसाले और हमारे किसान पूरी तरह सुरक्षित हैं।

सान, महिलाओं और युवाओं को आगे बढ़ने का अवसरकेन्द्रीय मंत्री ने कहा कि इस समझौते से भारतीय किसान, महिलाएं और खासकर युवा वर्ग को आगे बढ़ने के नए अवसर मिलेंगे। हमारे कई सेक्टर जैसे टेक्सटाइल में अब प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में हमारा टैरिफ काफी कम होकर करीब 18 प्रतिशत रह गया है। इससे टेक्सटाइल निर्यात को नई गति और नई दिशा मिलेगी। टेक्सटाइल निर्यात का सीधा लाभ किसानों को भी मिलेगा। टेक्सटाइल का मतलब है किसानों को फायदा, खासकर कपास उत्पादक किसानों को। इसके साथ ही जेम्स एंड ज्वेलरी, ऑटो कंपोनेंट, इंजीनियरिंग गुड्स और एमएसएमई सेक्टर के लिए भी ढेर सारे नए व्यापारिक अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि, हमारे सेल्फ हेल्प ग्रुप की बहनों का जीवन भी इस समझौते से समृद्ध होगा, क्योंकि कई उत्पादों के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। यह डील उनके परिश्रम और हुनर को वैश्विक पहचान दिलाएगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अब तक नौ एफटीए हो चुके हैं। अमेरिका के अलावा यूएई के 27 देशों, ओमान, न्यूजीलैंड और यूके के साथ एफटीए किया जा चुका है और अन्य देशों से बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि इन सभी समझौतों का व्यापक लाभ देश को मिलेगा। इन डील्स का फायदा भारतीय अर्थव्यवस्था को, किसानों को, मजदूरों को, गरीबों को, निर्यातकों और निर्माताओं को होने वाला है। इसी के माध्यम से हम 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करेंगे। आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में यह समझौता और ऐसे सभी समझौते मील के पत्थर साबित होंगे। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री मोदी को हृदय से धन्यवाद देता हूं।

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