महाराष्ट्र के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष नाना भाऊ पटोले ने अजय राय के साथ किया बाबा विश्वनाथ का दर्शन पूजन

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—प्रयागराज में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ हुई धक्का-मुक्की की निंदा की

वाराणसी, 21 जनवरी (हि.स.)। महाराष्ट्र के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष नाना भाऊ पटोले और उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने बुधवार को कार्यकर्ताओं के साथ श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में हाजिरी लगाई। बाबा विश्वनाथ के दरबार में विधि विधान से दर्शन पूजन के बाद दोनों नेताओं ने बाबा से देश व प्रदेश के लिए सद्बुद्धि, न्याय और सनातन परंपरा की रक्षा की कामना की। दर्शन–पूजन के उपरांत दोनों नेताओं ने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने काशी की सनातन परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक अस्मिता की रक्षा का संकल्प लिया।

दर्शन पूजन के बाद उत्तर प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर उनसे प्रार्थना की है कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सद्बुद्धि प्रदान करें, ताकि काशी की आस्था, संस्कृति और सनातन परंपरा के साथ हो रहे खिलवाड़ को रोका जा सके। प्रधानमंत्री ने 2023 में मणिकर्णिका घाट के सुंदरीकरण का शिलान्यास किया था, लेकिन सौंदर्यीकरण के नाम पर घाट की मूल आत्मा को नुकसान पहुँचाया गया। मणिकर्णिका घाट पूरी दुनिया में सनातन धर्म की आस्था का केंद्र है, जहाँ दाह संस्कार को मोक्ष का द्वार माना जाता है। और यह तीर्थ स्थल है मैं मुख्यमंत्री से सीधा सवाल करता हूँ कि यदि मूर्ति से जुड़ा वीडियो एआई जनरेटेड है, तो उसके ठोस सबूत सार्वजनिक किए जाएं। साथ ही यह भी बताया जाए कि वह मूर्ति इस समय कहाँ है। एक तरफ सरकार के मंत्री और अधिकारी मूर्ति टूटने की बात स्वीकार कर रहे हैं, दूसरी तरफ उसे एआई वीडियो भी बता रहे है। यह विरोधाभास सरकार की नीयत पर सवाल खड़े करता है।

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष महाराष्ट्र नाना भाऊ पटोले ने कहा कि काशी आकर बाबा विश्वनाथ के दर्शन करना सौभाग्य की बात है। हमने बाबा से प्रार्थना की है कि वे देश और प्रदेश की सरकार को सद्बुद्धि दें, ताकि काशी की ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान सुरक्षित रह सके। उन्होंने कहा कि मणिकर्णिका घाट केवल एक घाट नहीं, बल्कि मोक्ष की अवधारणा का प्रतीक है। यहाँ की चिता की अग्नि सदियों से जल रही है, जिस मणिकर्णिका घाट का संरक्षण लोकमाता अहिल्याबाई होलकर ने किया, उसी घाट पर उनकी मंदिर तोड़ना और धार्मिक प्रतीकों को नुकसान पहुँचाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। यह सनातन परंपरा और इतिहास का अपमान है। यदि सरकार कहती है कि मूर्ति तोड़ने का वीडियो एआई से बनाया गया है, तो पूरे तकनीकी प्रमाण सार्वजनिक किए जाएँ और यह बताया जाए कि मूर्ति फिलहाल कहाँ है। सवाल पूछना अपराध नहीं है। ज्योतिषपीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ प्रयागराज संगम तट पर हुई धक्का-मुक्की और साधु-संतों का अपमान यह दर्शाता है कि भाजपा सरकार को न तो सनातन मर्यादा की समझ है और न ही लोकतांत्रिक मूल्यों की। कांग्रेस काशी और मणिकर्णिका घाट की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी। इस दौरान वाराणसी जिलाध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल , महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे , फसाहत हुसैन बाबू , दुर्गा प्रसाद गुप्ता,सतनाम सिंह , मनीष मोरोलिया, चंचल शर्मा आदि भी मौजूद रहे।

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