भारत–नेपाल सीमा पर काली नदी का मोटरपुल जल्द होगा चालू

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नेपाल के भारत में राजदूत ने निर्माणाधीन पुल का लिया जायजा।उत्तराखंड काे नेपाल काे जाेड़ने वाला यह दूसर माेटरमार्ग हाेगादोनों देशों के बीच आवागमन, व्यापार और सहयोग हाेंगे और सुदृढ़ : शर्मा

पिथौरागढ़/धारचूला, 25 दिसंबर (हि.स.)। नेपाल के भारत में राजदूत डॉ. शंकर प्रसाद शर्मा ने कहा कि भारत–नेपाल सीमा पर स्थित काली नदी का मोटरपुल जल्द ही चालू हाे जाएगा। इससे दाेनाें देशाें के बीच वाणिज्यिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

नेपाल के राजदूत डॉ. शंकर प्रसाद शर्मा गुरुवार काे धारचूला उप-मंडल के छारछुम गांव पहुंचे और भारत–नेपाल सीमा पर स्थित काली नदी पर निर्माणाधीन मोटरपुल का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आशा व्यक्त की कि शीघ्र ही इस पुल से वाणिज्यिक गतिविधियां प्रारंभ होंगी, जिससे भारत–नेपाल व्यापारिक एवं सामाजिक संबंधों को नई मजबूती मिलेगी। डॉ. शर्मा ने कहा कि चंपावत जनपद के बनबसा पुल के बाद यह उत्तराखंड काे नेपाल को जोड़ने वाला दूसरा मोटरपुल है, जो दोनों देशों के बीच आवागमन, व्यापार और आपसी सहयोग को सुदृढ़ करेगा।

निरीक्षण के दौरान नेपाल के राजदूत के साथ उप-मिशन प्रमुख (डीसीएम) डॉ. सुरेन्द्र थापा, राजनयिक अम्बिका जोशी एवं प्रकाश मल्ला, तथा सहयोगी रविन्द्र जंग थापा और भीष्म प्रसाद भुर्येल भी उपस्थित रहे।

राज्य लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिशासी अभियंता अरुण ने बताया कि 110 मीटर स्पैन का पुल लगभग पूर्ण हो चुका है, जिसकी कुल चौड़ाई 10.50 मीटर एवं 7.5 मीटर कैरिज-वे है। उन्होंने बताया कि राजमार्ग से पुल को जोड़ने वाली 150 मीटर लंबी संपर्क सड़क मार्च 2026 तक पूर्ण कर ली जाएगी, जबकि दूसरी ओर की संपर्क सड़क इस माह के अंत तक तैयार हो जाएगी। पीडब्ल्यूडी अस्कोट खंड के अधिशासी अभियंता ने स्पष्ट किया कि भारत एवं नेपाल—दोनों ओर संपर्क सड़कों के निर्माण तथा सुरक्षा एवं कस्टम्स के लिए शेडों के निर्माण के पश्चात यह परियोजना संचालन के लिए पूर्णतः तैयार हो जाएगी।

इस संबंध में जिलाधिकारी पिथौरागढ़ आशीष भटगांई ने गत सप्ताह आयोजित बैठक में पुल को शीघ्र खोलने के उद्देश्य से सुरक्षा एवं कस्टम्स के लिए अस्थायी शेडों के निर्माण के निर्देश पीडब्ल्यूडी को दिए हैं। वहीं, धारचूला के उपजिलाधिकारी जितेन्द्र वर्मा ने बताया कि भारतीय प्राधिकरण दोनों ओर संपर्क सड़कों के निर्माण कार्य में तेजी से जुटे हैं।

उल्लेखनीय है कि भारत–नेपाल सीमा पर स्थित इस महत्वपूर्ण मोटरपुल की आधारशिला वर्ष 2022 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रखी थी। यह पुल सीमांत क्षेत्र के विकास, व्यापार विस्तार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का सशक्त माध्यम बनेगा।

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