उपराष्ट्रपति ने महामना मालवीय की जयंती पर उनकी रचना संग्रह’ की अंतिम श्रृंखला ‘महामना वांग्मय’ का विमोचन किया

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उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने आज भारत रत्न पंडित मदन मोहन मालवीय जी की जयंती पर “मदन मोहन मालवीय की रचनाओं के संग्रह” (खंड 12 से 23) की अंतिम श्रृंखला का विमोचन किया।

नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम के सभागार-एक में आयोजित समारोह में महामना मालवीय मिशन और केन्‍द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के प्रकाशन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आरंभ की गई महत्वपूर्ण द्विभाषी प्रकाशन परियोजना संपन्‍न हो गई। 12 खंडों की यह अंतिम श्रृंखला 11 खंडों की पहली श्रृंखला के बाद प्रकाशित हुई है, जिसका विमोचन प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने 25 दिसंबर 2023 को किया था।

इस परियोजना में आधुनिक भारत के निर्माताओं में शामिल रहे श्री मालवीय जी की विरासत को संरक्षित करने के लिए देश भर से मूल दस्तावेजों का शोध और संकलन शामिल किया गया। लगभग 3,500 पृष्ठों के संकलित दस्तावेजों से युक्‍त दूसरी श्रृंखला महामना के बहुआयामी जीवन का व्यापक स्वरूप प्रस्तुत करती है।

इस संग्रह की प्रमुख विशेषताओं में केंद्रीय विधानसभा में उनके द्वारा दिए गए सभी 200 भाषणों का समावेश है, जो सांसद के रूप में उनकी प्रतिभा को प्रदर्शित करता है। इन खंडों में भारतीय औद्योगिक आयोग के सदस्य के रूप में महामना द्वारा देश भर के 135 उद्योगपतियों के साथ साक्षात्कारों का एक दुर्लभ और महत्वपूर्ण ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी शामिल है।

इस संग्रह में द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में उनके सभी सम्‍बोधन शामिल हैं। इसमें पूना पैक्‍ट से संबंधित दुर्लभ सामग्री भी शामिल की गई है, जिससे नए नज़रिए से इस ऐतिहासिक घटना को देखने और अनुसंधान से संभावित बदलाव की संभावना है।

महामना मालवीय के विशिष्ट कानूनी कार्य जीवन को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में उनके द्वारा लड़े गए 170 मुकदमों के माध्यम से दर्शाया गया है, जिसमें चौरी-चौरा कांड के आरोपियों को न्याय दिलाने के लिए न्यायालय में उल्लेखनीय तौर पर अधिवक्‍ता के रूप में उनकी वापसी भी शामिल है। यह संग्रह धर्म ध्वजवाहक के रूप में उनकी भूमिका को भी उजागर करता है, जिसमें सनातन धर्म महासभा में उनकी भागीदारी और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में गीता प्रवचन द्वारा उनके आध्यात्मिक चिंतन का दस्तावेजीकरण किया गया है।

महामना वांग्मय विमोचन समारोह में विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और संसदीय कार्य राज्य मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल तथा सांसद और कोयला, खान एवं इस्पात संबंधी संसद की स्थायी समिति के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह ठाकुर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

आयोजन में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष पद्म भूषण राम बहादुर राय उपस्थित थे ।इनके नेतृत्‍व में शोध और संकलन टीम ने मूल दस्तावेजों का संग्रह किया। प्रकाशन विभाग के प्रधान महानिदेशक भूपेंद्र कैंथोला भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

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