मकर संक्रांति पर पूर्वांचल यूनिवर्सिटी में अवकाश,परीक्षाएं स्थगित

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जौनपुर, 13 जनवरी (हि.स.)। यूपी के जौनपुर स्थित वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने उत्तर प्रदेश शासन के आदेश के क्रम में मकर संक्रांति के अवसर पर 15 जनवरी को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। मंगलवार को कुलसचिव केशलाल द्वारा जारी कार्यालय आदेश के अनुसार पूर्व घोषित अवकाश तालिका में 14 जनवरी को घोषित अवकाश को निरस्त करते हुए 15 जनवरी (मकर संक्रांति) को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है।

इसके चलते उक्त तिथि को आयोजित होने वाली विश्वविद्यालय की समस्त परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने बताया कि स्थगित परीक्षाओं की नई तिथि एवं समय-सारिणी शीघ्र ही विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएंगी। सभी छात्र-छात्राओं, संबंधित महाविद्यालयों एवं अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे नवीनतम जानकारी के लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर नियमित रूप से अवलोकन करते रहें।

जी राम जी कानून से अब नहीं हो पाएगी धांधली: किरेन रिजिजू

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विकसित भारत— जी रामजी के भ्रम काे दूर करने के लिए जनजागरण अभियान चलाएगी भाजपा

लखनऊ, 13 जनवरी (हि.स.)। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि विकसित भारत- गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) कानून 2025 से जुड़े भ्रम काे दूर करने के लिए भारतीय जनता पार्टी प्रदेशभर में जनजागरण अभियान चलायेगी।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में भाजपा कार्यकर्ताओं की कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। इसके बाद पत्रकार वार्ता में केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा कि पहले मनरेगा भ्रष्टाचार का केंद्र बना हुआ था। ‘विकसित भारत के लिए जी राम जी कानून बना है’ पूरी ऑनलाइन और मॉनिटरिंग की व्यवस्था। अब इसमें एक रुपये की धांधली नहीं हो पाएगी’।

उन्हाेंने कहा कि मनरेगा के माध्यम से 11 लाख करोड़ खर्च होने के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में जो विकास होना चाहिए था, वह विकास नहीं हो पाया। विकसित भारत बनाना है तो भारत के गांवों को आगे ले जाना होगा। उन्होंने बताया कि वीवी—जीरामजी से मजदूरों को सम्मानजनक मजदूरी मिलेगी। अब मजदूरों को 100 के बजाय 125 दिन काम मिलेगा। अगर विलंब हुआ काम मिलने में तो पेनाल्टी भी लगेगी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा प्रदेश है। जी राम जी अधिनियम से जुड़े भ्रम दूर कर इसके सभी प्रावधानों का लाभ गाँव-गाँव तक पहुँचाने के लिए व्यापक अभियान चलाना आवश्यक हैं। ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य के लिए इस बिल के सफल क्रियान्वयन हेतु निरंतर कार्यक्रम व कार्यशालाएँ आयोजित की जा रही हैं। किरेन रिजिजू ने कहा कि कृषि को ध्यान में रखते हुए कुछ प्रावधान किये गये हैं। शिक्षा व स्वास्थ्य के ढ़ांचे को खड़ा करने के लिए व जल संरक्षण का प्रावधान इसमें किया गया है।बच्चों, महिलाओं के लिए जो भी काम करना है, इसमें प्रावधान किया गया है। मनरेगा से यूपी के गांवों में क्रान्तिकारी बदलाव आने वाला है। सबसे ज्यादा आबादी उत्तर प्रदेश में है तो सबसे ज्यादा फायदा मनरेगा से उत्तर प्रदेश को होगा। उत्तर प्रदेश आगे बढ़ेगा तो देश आगे बढ़ेगा।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, भाजपा के प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सचिव ओम प्रकाश धनखड़ एवं प्रदेश के निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी उपस्थित रहे।

मेट्रो रेल मार्ग में पतंगबाजी साबित हाे सकती जानलेवा

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लखनऊ मेट्रो की अपील : मेट्रो कॉरिडोर के पास न उड़ाएं पतंग

लखनऊ, 13 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड के जनसंपर्क विभाग की ओर से मंगलवार काे जारी पत्र में कहा गया है कि वे मेट्रो कॉरिडोर के आसपास पतंग उड़ाने से परहेज करें। पूर्व में पतंगबाजी से मेट्रो परिचालन प्रभावित हुआ है, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा था।

यात्री सुरक्षा और मेट्रो सेवाओं के निर्बाध संचालन को ध्यान में रखते हुए लखनऊ मेट्रो ने मकर संक्रांति पर्व पर होने वाली पतंगबाजी को लेकर शुभकामनाएं देते हुए आमजन से मंगलवार को एक अपील की है।

उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड के जनसंपर्क विभाग की ओर से मंगलवार काे जारी पत्र में कहा गया है कि वे मेट्रो कॉरिडोर के आसपास पतंग उड़ाने से परहेज करें। पूर्व में पतंगबाजी से मेट्रो परिचालन प्रभावित हुआ है, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा था।

उल्लेखनीय है कि चीनी मांझा अथवा धातुयुक्त धागा विद्युत का सुचालक होता है। इसके उपयोग से शॉर्ट सर्किट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिससे जान-माल की हानि की आशंका के साथ-साथ मेट्रो की ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन (ओएचई) प्रणाली को भी गंभीर क्षति पहुंच सकती है।

धातुयुक्त धागा ओएचई में फंसने पर ट्रिपिंग की स्थिति बनती है, जिसके परिणामस्वरूप मेट्रो सेवाएं बाधित हो सकती हैं। ऐसी घटनाओं में पतंग उड़ाने वाले व्यक्तियों के घायल होने के मामले भी सामने आए हैं। प्रचलित नियमों के अंतर्गत मेट्रो संपत्ति को क्षति पहुंचाने पर मेट्रो रेलवे अधिनियम, 2002 की धारा 78 के तहत बिना वारंट के 10 वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है।

इसी को ध्यान में रखते हुए लखनऊ मेट्रो नागरिकों से अपील करता है कि वे चीनी मांझा अथवा तांबे के तार का प्रयोग न करें और मेट्रो कॉरिडोर के निकट पतंग उड़ाने से बचते हुए सुरक्षित एवं निर्बाध मेट्रो संचालन में सहयोग प्रदान करें।

जयपुर, 13 जनवरी (हि.स.)। मेट्रो के मानसरोवर से बड़ी चौपड़ मार्ग में रेल संचालन 25000 वोल्ट बिजली के तारों द्वारा किया जाता है, जिनमें लगातार 24 घंटे करंट चालू रहता है। यह बिजली के तार मेट्रो रूट पर सड़क से करीब 30 मीटर ऊंचाई तक है। यदि पतंग का मांझा इन बिजली के तारों में उलझ जाये तो कंरट इस मांझे से सीधे ही पतंग उडाने वाले तक पहुंच कर खतरनाक व जानलेवा साबित हो सकता है।

पतंगों एवं मांझे के कारण मेट्रो ट्रेन संचालन में बाधा उत्पन्न हो सकती है, गत वर्ष मकर संक्राति की अवधि में ऐसा हो चुका है।

जयपुर मेट्रो के अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक वैभव गालरिया ने मकर संक्राति की बधाई देते हुए सभी नागरिकों से मेट्रो रेल मार्ग के आसपास पतंगबाजी ना करने एवं हर्षोंल्लास के साथ सुरक्षित मकर संक्राति के उत्सव को मनाने की अपील की

कर्मचारियों की हड़ताल के बाद, ब्लिंकिट 10 मिनट की डिलीवरी बंद करेगा

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नई दिल्‍ली, 13 जनवरी (हि.स)। क्विक कॉमर्स कंपनी ब्लिंकिट अब 10 मिनट की गारंटी वाली डिलीवरी की सेवा बंद करेगा। हालांकि कंपनी ग्राहकों को सामान पहुंचाने की सेवाएं बिना किसी समय सीमा के जारी रखेगी।

ब्लिंकिट यह कदम केंद्र सरकार की पहल और कर्मचारियों की हड़ताल के बाद अपने सभी ब्रांड से यह फीचर हटाने जा रहा है। हालांकि अभी इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

कंपनी के सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि केंद्र सरकार की “गिग वर्कर्स के अधिकारों की रक्षा” के लिए जो पहल की गई है, उसी के अंतर्गत कंपनी ने यह निर्णय लिया है। सूत्रों के अनुसार सरकार की पहल पर क्विक कॉमर्स कंपनी ब्लिंकिट अब देश में 10 मिनट के भीतर डिलीवरी वाला फीचर हटाने जा रहा है। सूत्रों ने यह स्पष्ट किया कि कंपनी लोगों को मांग पर उनके स्थान पर सामान पहुंचाने की सेवाएं जारी रखेगी, सिर्फ दस मिनट की गारंटी का वादा नहीं रहेगा।

कंपनी ने ये कदम केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया की पहल पर उठाया है। इसको लेकर क्विक-कॉमर्स कंपनियों की टिप्पणियों का इंतज़ार है। हालांकि ब्लिंकिट के अलावा अन्य किसी कंपनी ने फिलहाल ऐसी किसी योजना की बात नहीं कही है।

सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया ने पिछले महीने क्विक-कॉमर्स कंपनियों के साथ कई बैठकें कीं। बैठक के दौरान मंडाविया ने उनसे “गिग वर्कर्स के अधिकारों की रक्षा” के लिए 10-मिनट डिलीवरी सर्विस की मार्केटिंग और ब्रांडिंग बंद करने का आग्रह किया था। बड़े डिलीवरी एग्रीगेटर्स 10-मिनट डिलीवरी की ब्रांडिंग और मार्केटिंग हटाने पर सहमत हो गए हैं।

इसके अलावा मंडाविया ने डिलीवरी टाइमलाइन से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के लिए ब्लिंकिट, जेप्‍टो, जोमैटो और स्विगी जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म से मुलाकात की थी। श्रम एवं रोजगार मंत्री ने कंपनियों को अल्ट्रा-फास्ट डिलीवरी के वादों की ब्रांडिंग बंद करने के लिए “प्रेरित” किया, ताकि गिग वर्कर्स के लिए ज़्यादा सुरक्षा, संरक्षा और बेहतर काम करने की स्थिति सुनिश्चित की जा सके।

उल्‍लेखनीय है कि देशभर के गिग वर्कर्स ने 31 दिसंबर की रात हड़ताल की थी। 10 मिनट की टाइम लिमिट के चलते इन पर तेज डिलीवरी का दबाव बढ़ रहा था। समय पर डिलीवरी के दबाव के कारण डिलीवरी पहुंचाने वाले कर्मचारियों के सड़क हादसों की घटनाएं बढ़ रहीं हैं। इसलिए उनकी सुरक्षा को लेकर चिंताओं को लेकर आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री को इस मामले से अवगत कराया था।

लोहिड़ी के दिन नए शिखर पर सोना, चांदी ने भी बनाया नया रिकॉर्ड

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नई दिल्ली, 13 जनवरी (हि.स.)। लोहिड़ी के दिन आज घरेलू सर्राफा बाजार में जोरदार तेजी का रुख नजर आ रहा है। सोना आज 1,570 रुपये प्रति 10 ग्राम से लेकर 1,710 रुपये प्रति 10 ग्राम तक महंगा हो गया है। इसी तरह चांदी ने भी आज 10 हजार रुपये प्रति किलोग्राम से भी अधिक की छलांग लगाई है।

सर्राफा बाजार में आई आज की तेजी के कारण सोना ओर चांदी दोनों चमकीली धातुओं ने ऑल टाइम हाई का नया रिकॉर्ड बना दिया है।

कीमत में आज आए इस उछाल के कारण देश के ज्यादातर सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना 1,42,160 रुपये से लेकर 1,42,310 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह 22 कैरेट सोना आज 1,30,310 रुपये से लेकर 1,30,460 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच बिक रहा है। सोना की तरह ही चांदी की कीमत में भी तेजी आने के कारण दिल्ली सर्राफा बाजार में आज ये चमकीली धातु 2,70,100 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर बिक रही है।

दिल्ली में आज 24 कैरेट सोना 1,42,310 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 1,30,460 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। वहीं देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 24 कैरेट सोना 1,42,160 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,30,310 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। इसी तरह अहमदाबाद में 24 कैरेट सोने की रिटेल कीमत 1,42,210 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने की कीमत 1,30,360 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है।

इन प्रमुख शहरों के अलावा चेन्नई में 24 कैरेट सोना आज 1,42,160 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर और 22 कैरेट सोना 1,30,310 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर बिक रहा है। इसी तरह कोलकाता में 24 कैरेट सोना 1,42,160 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,30,310 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। भोपाल में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,42,210 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,30,360 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।

लखनऊ के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना आज 1,42,310 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर और 22 कैरेट सोना 1,30,460 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। पटना में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,42,210 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,30,360 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। जयपुर में 24 कैरेट सोना 1,42,310 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,30,460 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।

देश के अन्य राज्यों की तरह कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा के सर्राफा बाजार में भी आज सोने के भाव में जोरदार तेजी आई है। इन तीनों राज्यों की राजधानियों बेंगलुरु, हैदराबाद और भुवनेश्वर में 24 कैरेट सोना 1,42,160 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह इन तीनों शहरों के सर्राफा बाजारों में 22 कैरेट सोना 1,30,310 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।

दिल्ली विश्वविद्यालय में ‘नशा-मुक्त परिसर अभियान’ शुरू

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— नशा-मुक्त कैंपस युवाओं और देश के भविष्य के प्रति प्रतिबद्धता : धर्मेंद्र प्रधान

नई दिल्ली, 13 जनवरी (हि.स.)। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने मंगलवार को दिल्ली विश्वविद्यालय में ‘नशा-मुक्त परिसर अभियान’ का शुभारंभ करते हुए देशभर में नशा-मुक्त परिसरों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ, नशा-मुक्त और उद्देश्यपूर्ण युवा ही विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की मजबूत नींव हैं।

उपराष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय केवल पढ़ाई के केंद्र नहीं, बल्कि मूल्य निर्माण, नेतृत्व विकास और राष्ट्र के भविष्य को आकार देने वाले संस्थान हैं। उन्होंने चेताया कि नशा केवल व्यक्तिगत समस्या नहीं, बल्कि एक गंभीर सामाजिक चुनौती, सार्वजनिक स्वास्थ्य का संकट और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा है, जिसका संबंध नार्को-आतंकवाद से भी जुड़ता है।

उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर चरित्र, अनुशासन और उद्देश्यपूर्ण जीवन को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशामुक्त युवा ही विकसित और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार कर सकते हैं। विश्वविद्यालय केवल शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि ऐसे केंद्र हैं जहां मूल्यों का निर्माण होता है, नेतृत्व गढ़ा जाता है और राष्ट्र का भविष्य तय होता है। उन्होंने कहा कि जब दिल्ली विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थान नशे के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हैं, तो यह पूरे समाज को एक सशक्त संदेश देता है।

इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने ‘नशामुक्त परिसर अभियान’ के तहत एक समर्पित ई-प्रतिज्ञा मंच और मोबाइल एप का भी शुभारंभ किया। उन्होंने देशभर के विश्वविद्यालयों के छात्रों से इसमें सक्रिय रूप से भाग लेने और नशामुक्त परिसर की शपथ लेने का आग्रह किया। साथ ही, उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से अपील की कि इस अभियान को सभी केंद्रीय उच्च शिक्षण संस्थानों का अभिन्न हिस्सा बनाया जाए।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत एक युवा राष्ट्र है और मादक पदार्थों का दुरुपयोग केवल व्यक्तिगत समस्या नहीं, बल्कि एक गंभीर सामाजिक चुनौती, सार्वजनिक स्वास्थ्य का मुद्दा और देश की जनसांख्यिकीय क्षमता के लिए खतरा है। उन्होंने चेताया कि नशा शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य, शैक्षणिक प्रदर्शन, पारिवारिक सौहार्द, उत्पादकता और राष्ट्रीय सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है, जिसका संबंध नार्को-आतंकवाद से भी है।

उन्होंने कहा कि स्वस्थ, नशामुक्त और लक्ष्यनिष्ठ युवा ही कौशल अर्जन, उद्यमिता और आर्थिक विकास में सार्थक योगदान दे सकते हैं। भारत की प्राचीन परंपराओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने आत्मसंयम, मानसिक संतुलन और शुद्ध आचरण के महत्व को रेखांकित किया तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा योग और ध्यान को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की।

उपराष्ट्रपति ने ‘माय भारत पोर्टल’ और ‘प्रधानमंत्री अनुसंधान योजना’ जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये कार्यक्रम युवाओं की ऊर्जा को अनुसंधान, नवाचार, स्वैच्छिक सेवा और राष्ट्र निर्माण की दिशा में मोड़ने में सहायक हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 भी मानसिक स्वास्थ्य, जीवन कौशल और छात्र कल्याण पर बल देकर इसी समग्र दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करती है।

दिल्ली विश्वविद्यालय की सराहना करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि जागरूकता कार्यक्रमों, परामर्श तंत्र, छात्र-नेतृत्व वाली पहलों और विभिन्न हितधारकों के सहयोग से यह संस्थान एक आदर्श नशामुक्त परिसर के रूप में उभरेगा। उन्होंने छात्रों से सतर्क रहने, संकट में साथियों का सहयोग करने, नशे के खिलाफ आवाज उठाने और स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय में नशा-मुक्त परिसर अभियान का शुभारंभ युवाओं और देश के भविष्य के प्रति एक दृढ़ प्रतिबद्धता है। उन्होंने कहा कि यह अभियान नशा-मुक्त भारत अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है और देश के करीब 16 लाख शैक्षणिक संस्थानों तक इसकी पहुंच यह दर्शाती है कि हमारे शैक्षणिक संस्थान ड्रग-फ्री इंडिया के अग्रिम मोर्चे पर हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि छात्र कल्याण राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है और नशा-मुक्त परिसर अभियान पूरी तरह से एनईपी के विज़न के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि इस पहल के साथ दिल्ली विश्वविद्यालय ने नशा-मुक्त उच्च शिक्षण संस्थानों की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। इसके लिए उन्होंने विश्वविद्यालय की सराहना करते हुए शिक्षकों और प्रशासकों से ऐसा कैंपस कल्चर विकसित करने का आग्रह किया, जिसमें छात्रों को शैक्षणिक सहयोग के साथ-साथ भावनात्मक सहयोग भी मिले।

प्रधान ने छात्रों, शिक्षकों और प्रशासकों से अपने-अपने परिसरों को नशा-मुक्त बनाने की प्रतिबद्धता लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक अभियान नहीं, बल्कि युवाशक्ति, समाज और राष्ट्र के प्रति एक सामूहिक संकल्प है, जिसे समर्पण, संवेदनशीलता और पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ाया जाना चाहिए।

कार्यक्रम में दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री आशीष सूद, दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह, वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे।

केरल की पूर्व माकपा विधायक पी. आयशा पोट्टी कांग्रेस में शामिल

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तिरुवनंतपुरम, 13 जनवरी (हि.स.)। केरल में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की वरिष्ठ नेता एवं कोट्टारक्कारा विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रह चुकीं पी. आयशा पोट्टी मंगलवार को कांग्रेस में शामिल हो गईं।

केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सन्नी जोसेफ ने यहां आयोजित धरना-प्रदर्शन स्थल पर पोट्टी को औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस अवसर पर कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीशन सहित कई प्रमुख नेता उपस्थित रहे।

कांग्रेस सूत्रों के अनुसार नेता प्रतिपक्ष सतीशन के साथ हुई बैठक में अपनी मांगें माने जाने के बाद पोट्टी ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने का फैसला लिया। उनकी मांग थी कि आगामी विधानसभा चुनाव में कोट्टारक्कारा विधानसभा क्षेत्र से उन्हें पार्टी का उम्मीदवार बनाया जाए।

कांग्रेस में शामिल होने के बाद पोट्टी ने कहा कि माकपा के भीतर उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा लेकिन वह इन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा नहीं करना चाहतीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस में शामिल होने का उनका निर्णय किसी पद या सत्ता की लालसा का परिणाम नहीं है, बल्कि यह वर्षों की राजनीतिक और सामाजिक मेहनत का स्वाभाविक नतीजा है।

पोट्टी ने कहा कि उन्हें माकपा के कार्यकर्ताओं से कोई शिकायत नहीं है लेकिन पार्टी नेतृत्व का कार्य करने का तरीका पहले जैसा नहीं रहा। उल्लेखनीय है कि माकपा नेतृत्व से मतभेदों के कारण पोट्टी पिछले कुछ समय से पार्टी के कार्यक्रमों से दूरी बनाए हुए थीं। पोट्टी कोट्टारक्कारा सीट का लंबे समय तक प्रतिनिधित्व करने वाले दिग्गज नेता आर. बालकृष्ण पिल्लई को हराकर पहली बार चर्चा में आई थीं। इसके बाद उन्होंने इस सीट से लगातार तीन चुनाव जीतकर अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ साबित की।

आयशा पोट्टी ने वर्ष 2006 में आर. बालकृष्ण पिल्लई को 12,968 मतों से हराकर पहली बार विधानसभा में प्रवेश किया था। वर्ष 2011 में उन्होंने अपनी जीत का अंतर बढ़ाकर 20,592 मत कर दिया और 2016 में 42,632 मतों के भारी अंतर से चुनाव जीतीं। विधायक बनने से पहले वह कोल्लम जिला पंचायत की अध्यक्ष रही थीं।————-

ऑपरेशन सिंदूर के बावजूद नहीं सुधरा पाक​,सीमा पार चालू हुए आतंकी कैंप

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सेना प्रमुख ने स्वीकारा- सीमा पार से संचालित आतंकी गतिविधियां काबू करने के लिए सेना अलर्ट

नई दिल्ली, 13 जनवरी (हि.स.)। पहलगाम में ​आतंकी हमले के बाद शुरू किए गए ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के बाद भी पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब नष्ट किए गए प्रशिक्षण शिविरों में से आठ फि​र से चालू हो गए हैं। इनमें 100 से 150 आतंकियों के मौजूद होने की आशंका है। इसके बावजूद ​सीमा पार से संचालित आतंकी गतिविधियों को काबू करने के लिए भारतीय सेना पूरी तरह से सतर्क और हाई अलर्ट पर है।

सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को यहां मानेकशॉ सेंटर में वार्षिक संवाददाता सम्मेलन में यह बातें स्वीकार कीं। उन्होंने ​मुखर होकर कहा कि एलओसी पर छह और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर दो आतंकी शिविर फिर से शुरू किये जाने की भारत को जानकारी है। इन पर सेना की पैनी नजर है। ऑपरेशन सिंदूर ​राजनीतिक निर्देश और कार्रवाई करने या जवाब देने की पूरी आजादी के तहत तीनों सेनाओं के तालमेल का सबसे अच्छा उदाहरण था। पहलगाम ​में आतंकी हमले के बाद सबसे ​उच्च स्तर पर निर्णायक जवाब देने का साफ फैसला लिया गया था। इसके तहत 07 मई को 22 मिनट की शुरुआत और 10 मई तक 88 घंटे तक चले इस ऑपरेशन ने गहराई तक हमला करके ​आतंकी ढांचे को खत्म कर​ने ​का ​काम किया। ​सेना ने ​21 में से ​नौ आतंकी शिविरों को सफलतापूर्वक नष्ट ​किया और उसके बाद ​पाकिस्तान की हरकतों का सोच-समझकर जवाब देने में अहम भूमिका निभाई​।

पाकिस्तान के साथ संघर्ष के बाद 10 मई को ऑपरेशन सिंदूर स्थगित किए जाने के समय के बारे में सेना प्रमुख जनरल द्विवेदी ने कहा कि जहां तक न्यूक्लियर बयानबाजी की बात है, तो मैं कहना चाहूंगा कि डीजीएमओ की बातचीत में न्यूक्लियर पर कोई चर्चा नहीं हुई और जो भी न्यूक्लियर बयानबाजी हुई, वह नेताओं या पाकिस्तान की ​स्थानीय जनता ने की। मुझे ऐसा कोई इशारा नहीं मिला कि ​सेना की तरफ से ऐसा कुछ आया। जब हम इसमें अपनी भूमिका के बारे में बात करते हैं तो हमने उनके (पाकिस्तान) लगभग 100 लोगों को खत्म किया​।​ ​उन 88 घंटों में ​सेना ​का संचालन ऐसा था कि अगर पाकिस्तान कोई गलती करता, तो हम ग्राउंड ऑपरेशन शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार थे।

​जनरल उपेंद्र द्विवेदी कहते हैं​ कि म्यांमार में अशांति के जवाब में असम राइफल्स, ​सेना और ​गृह मंत्रालय वाला ​बहु-एजेंसी सुरक्षा ग्रिड​ ​नॉर्थ​ ईस्ट को स्पिलओवर असर से बचाने के लिए काम कर रहा है। म्यांमार में दूसरे फेज के चुनाव सफलतापूर्वक होने के साथ अब हम एक-दूसरे के साथ​ ज्यादा असरदार तरीके से जुड़ पाएंगे। ​उन्होंने कहा कि जहां तक ​​नॉर्थ ईस्ट की बात है, ​तो ​​सुरक्षा बलों की तटस्थ, पारदर्शी और निर्णायक कार्रवाई के साथ-साथ सरकार की कई ​सक्रिय ​पहलों से 2025 के दौरान मणिपुर में हालात में काफी सुधार हुआ है। डूरंड कप का शांति से होना, कल्चरल फेस्टिवल फिर से शुरू होना और सितंबर 2025 में कुकी विद्रोही ग्रुप्स के साथ ऑपरेश​न्स ​रुकने के ख़ास संकेत रहे हैं।

​सेना प्रमुख ने कहा​ कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद 10 मई से​ पश्चिमी फ्रंट और ​जम्मू-कश्मीर में हालात ​संवेदनशील लेकिन पूरी तरह कंट्रोल में हैं। 2025 में 31 ​आतंकवादी मारे गए, जिनमें से 65​ फीसदी पाकिस्ता​नी थे, जिसमें ऑपरेशन महादेव में मारे गए पहलगाम अटैक के तीन ​आतंकी भी शामिल हैं। ​सक्रिय स्थानीय आतंकी अब सिंगल डिजिट में हैं। ​आतंकियों की भर्ती अब लगभग न के बराबर है। ​जम्मू-कश्मीर में ​सकारात्मक के साफ ​संकेत मजबूत ​विकास कार्यों,​ पर्यटन बढ़ने और शांतिपूर्ण अमरनाथ यात्रा ​में दिखा है, जिसमें पांच साल के ​मुकाबले 4 लाख से​ ज्यादा तीर्थयात्री आए।​ उन्होंने कहा कि ​अब आतंकवाद से​ पर्यटन का थीम धीरे-धीरे ​आकार ले रहा है।

जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने एक सवाल के जवाब में चीन सीमा की बात करते हुए कहा कि उत्तरी फ्रंट पर हालात स्थिर हैं, लेकिन लगातार नजर रखने की ज़रूरत है। ​उच्च स्तर पर बातचीत नए सिरे से संपर्क और भरोसा बनाने के उपायों से हालात धीरे-धीरे ​सामान्य हो रहे हैं, जिससे नॉर्दर्न बॉर्डर पर चराई, हाइड्रोथेरेपी कैंप और दूसरी ​गतिविधियां भी शुरू हो पाई हैं। इस फ्रंट पर हमारे लगातार​ रणनीतिक नजरिए के साथ लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर हमारी तैनाती ​संतुलित और मजबूत बनी हुई है। साथ ही पूरी सरकार के नजरिए से ​क्षमता विकास और बुनियादी ढांचा​ को बेहतर बनाने का काम चल रहा है।​

जनरल द्विवेदी ने कहा​ कि पिछले साल दुनिया भर में हथियारों से जुड़ी लड़ाइयों की संख्या में और तेजी से बढ़ोतरी हुई। ​यह वैश्विक बदलाव एक सीधी सी सच्चाई दिखाते हैं। जो देश तैयार रहते हैं, वे जीतते हैं। इस बैकग्राउंड में ऑपरेशन सिंदूर, बॉर्डर पार आतंकवाद के खिलाफ भारत का सोचा-समझा और मजबूत जवाब हमारी तैयारी, सटीकता और ​रणनीतिक स्पष्टता​ को दिखाता है।​ सितंबर 2025 में प्रधानमंत्री के ​किये गए आह्वान, जनवरी 2025 में रक्षा मंत्री के दिए गए सुधारों के साल और ​भारतीय सेना के अपने बदलाव के दशक के जरिए​ से हम साल 2025 के दौरान हुई तरक्की से सही मायने में बहुत खुश हो सकते हैं।

सौर ऊर्जा से हाई क्वॉलिटी चारा बनाकर आत्मनिर्भर बनी झांसी की प्रवेश

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गो सेवा से लखपति बन गईं झांसी की प्रवेश कुमारी

लखनऊ, 13 जनवरी (हि.स.)। बुंदेलखंड की धरती अब न केवल शौर्य के लिए, बल्कि महिला उद्यमिता के रूप में भी पहचानी जा रही है। झांसी की प्रवेश कुमारी ने चारा बनाने की यूनिट के जरिये वह मुकाम हासिल किया है, जो आज प्रदेश की लाखों महिलाओं के लिए उदाहरण है।

इस उद्यम की सबसे बड़ी विशेषता इसका ईको-फ्रेंडली होना है। योगी सरकार और डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स (DA) के सहयोग से स्थापित यह यूनिट पूरी तरह 18 kW सौर ऊर्जा प्रणाली पर संचालित होती है। इससे बिजली का खर्च शून्य के बराबर है, जिससे चारे की उत्पादन लागत कम आती है। सस्ता और पोषक चारा मिलने से स्थानीय डेयरी किसानों के पशुओं का स्वास्थ्य सुधरा है और दूध उत्पादन क्षमता में भी इजाफा हुआ है।

रोजगार और सामूहिक भागीदारी की नई प्रथा

प्रवेश कुमारी आज करीब 25,000 रुपये प्रति माह कमा रही हैं। उनके इस स्टार्टअप ने गांव की सामाजिक संरचना को भी बदला है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार भी बढ़ा है। गांव की अन्य महिलाओं को स्थायी आय और आर्थिक स्वतंत्रता मिली रही है। जिससे वे भी अपने परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।

खरीद से लेकर गुणवत्ता नियंत्रण तक की जिम्मेदारी खुद संभालती हैं

यहां आधुनिक मशीनरी और मानकीकृत तकनीकों से पौष्टिक चारा तैयार किया जाता है। साथ ही स्थानीय बाजार की मांग के अनुरूप आपूर्ति सुनिश्चित की जाती है। प्रवेश केवल उद्यमी नहीं, बल्कि एक कुशल मैनेजर भी हैं। वे कच्चे माल की खरीद से लेकर वित्तीय खातों, उत्पादन योजना और गुणवत्ता नियंत्रण तक की जिम्मेदारी खुद संभालती हैं। उनकी इस सक्रिय शैली और वित्तीय अनुशासन के कारण उनके ‘गोमाता कैटल फीड’ को पुरस्कृत और सम्मानित किया जा चुका है।

महिला उद्यमी प्रवेश कुमारी ने बताया कि शुरुआत एक छोटे प्रयास से हुई थी, लेकिन उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स के मार्गदर्शन ने इसे व्यवसाय बना दिया। आज गांव की महिलाएं साथ मिलकर काम कर रही हैं।

उप्र हाईकोर्ट व जिला अदालतों में 15 जनवरी को अवकाश घोषित

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-जिला अदालतों में चौथे शनिवार को बदले में होगा कार्य दिवस

प्रयागराज, 13 जनवरी (हि.स.)। इलाहाबाद उच्च न्यायालय सहित प्रदेश की अदालतों में 15 जनवरी को मकर संक्रांति का अवकाश घोषित किया गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट 14 जनवरी को खुला रहेगा।इसी तरह जिला जजों को 15 जनवरी को घोषित अवकाश के बदले किसी चौथे शनिवार को कार्य दिवस घोषित करने की छूट दी गई है। इस आशय की अधिसूचना महानिबंधक ने जारी की है।