केंद्र सरकार संपूर्ण अरावली पर्वतमाला की रक्षा करेगी

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खनन पट्टे प्रतिबंधित करने के साथ-साथ संरक्षित क्षेत्र का विस्तार किया जाएगा

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने दिल्ली से गुजरात तक फैली संपूर्ण अरावली पर्वतमाला के अवैध खनन को रोकने और इसके संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं। केन्‍द्र ने राज्य सरकारों को अरावली में किसी भी प्रकार के नए खनन पट्टे देने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश जारी किए हैं।

यह प्रतिबंध पूरे अरावली भूभाग पर समान रूप से लागू होता है और इसका उद्देश्य पर्वत श्रृंखला की अखंडता को संरक्षित करना है। इन निर्देशों का लक्ष्य गुजरात से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र तक फैली सतत भूवैज्ञानिक श्रृंखला के रूप में अरावली की रक्षा करना और सभी अनियमित खनन गतिविधियों को रोकना है।

इसके अलावा, केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने भारतीय वानिकी अनुसंधान और शिक्षा परिषद को पूरे अरावली क्षेत्र में अतिरिक्त क्षेत्रों/जोनों की पहचान करने का निर्देश दिया है। केंद्र द्वारा पहले से ही खनन के लिए प्रतिबंधित क्षेत्रों के अलावा पारिस्थितिक, भूवैज्ञानिक और भू-भाग स्तर के विचारों के आधार पर इन जगहों पर खनन प्रतिबंधित किये जाने की आवश्यकता है।

संपूर्ण अरावली क्षेत्र के लिए सतत खनन हेतु एक व्यापक, विज्ञान-आधारित प्रबंधन योजना तैयार करते समय भारतीय वानिकी अनुसंधान और शिक्षा परिषद को यह कार्य करने का निर्देश दिया गया है। यह योजना, संचयी पर्यावरणीय प्रभाव और पारिस्थितिक वहन क्षमता का आकलन करने के साथ-साथ पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील और संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रों की पहचान करेगी और बहाली एवं पुनर्वास के उपाय निर्धारित करेगी। इस योजना को व्यापक हितधारक परामर्श के लिए सार्वजनिक किया जाएगा।

केंद्र द्वारा यह प्रयास स्थानीय स्थलाकृति (किसी जगह की ज़मीन की बनावट, सतह की विशेषताओं जैसे- पहाड़, नदियां, घाटियां और ऊंचाई-नीचाई का अध्ययन या विवरण), पारिस्थितिकी और जैव विविधता को ध्यान में रखते हुए, संपूर्ण अरावली क्षेत्र में खनन से संरक्षित और प्रतिबंधित क्षेत्रों के दायरे को और अधिक बढ़ाएगा।

केंद्र सरकार ने यह निर्देश भी दिया है कि पहले से ही चालू खदानों के बारे में सम्बंधित राज्य सरकारें सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुरूप सभी पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें। पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ खनन पद्धतियों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए चल रही खनन गतिविधियों को अतिरिक्त प्रतिबंधों के साथ सख्ती से विनियमित किया जाना चाहिए।

केन्द्र सरकार अरावली इकोसिस्टम के दीर्घकालिक संरक्षण के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। सरकार का मानना है कि मरुस्थलीकरण को रोकने, जैव विविधता के संरक्षण, जलभंडारों के पुनर्भरण और क्षेत्र के लिए पर्यावरणीय सेवाओं में अरावली की भूमिका महत्वपूर्ण है।

उपराष्ट्रपति द्वारा आगरा में आयोजित तीसरे संसद खेल महोत्सव का शुभारंभ

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उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने आज उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक शहर आगरा में आयोजित तीसरे संसद खेल महोत्सव में मुख्य अतिथि के तौर पर भाग लिया। यह आयोजन युवा खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों की उत्साहजनक भागीदारी से जमीनी स्‍तर की बढ़ती खेल संस्कृति को दर्शाता है।उपराष्ट्रपति ने आगरा में तीसरे संसद खेल महोत्सव में युवाओं से “नशीली दवाओं को ना और खेलों को हां,” कहने का आह्वान किया!

उपराष्ट्रपति ने कहा – संसद खेल महोत्सव देश में जमीनी स्तर पर खेल के दृष्टिकोण को दर्शाता है!उपराष्ट्रपति ने कहा – खेल अनुशासन, चरित्र और राष्ट्रीय शक्ति का निर्माण करते हैं!खेलो इंडिया और फिट इंडिया मूवमेंट के तहत भारत के जमीनी स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की और युवा खिलाड़ियों और प्रतिभागियों को खेलों को जीवनशैली के रूप में अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

सहकारिता मंत्रालय देश में लॉन्च करेगा भारत टैक्सी : अमित शाह

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– केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कृभको के सहकारी सम्मेलन में कहा- चालकों को मिलेगा सहकारिता टैक्सी का मुनाफा, बनाएंगे देश की नंबर सर्विस

चंडीगढ़, 24 दिसंबर (हि.स.)। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि देश में कई कंपनियां टैक्सी परिचालन का काम करती हैं, लेकिन उनमें मुनाफा ड्राइवर के पास नहीं, बल्कि मालिक के पास जाता है। सहकारिता मंत्रालय के तहत बहुत जल्द ‘भारत टैक्सी’ लॉन्च करेंगे, जिसका एक-एक आना मुनाफा हमारे ड्राइवर भाइयों के पास जाएगा। इससे हमारे ड्राइवर भाइयों के लिए रोजगार की कई नई संभावनाएं खुलेंगी।

बुधवार को पंचकूला में कृषक भारती कोऑपरेटिव लिमिटेड (कृभको) द्वारा ‘सतत कृषि में सहकारिता की भूमिका’ विषय पर आयोजित सहकारी सम्मेलन को संबोधित करते हुए सहकारिता मंत्री ने कहा कि भारत टैक्सी में चालकों को बीमा की व्यवस्था मिलेगी, उनकी टैक्सी पर एडवर्टाइजमेंट की व्यवस्था होगी और सारा मुनाफा उनके पास ही जाएगा। इससे ग्राहक की सुविधा भी बढ़ेगी और टैक्सी ड्राइवर भी समृद्ध होगा। उन्होंने कहा कि ‘भारत’ सहकारिता टैक्सी जल्द ही लांच होने वाली है। शाह ने विश्वास जताया कि देखते-देखते यह भारत की नंबर 1 टैक्सी परिचालन कंपनी बन जाएगी। उन्होंने कहा कि भारत में सहकारिता आंदोलन लगभग 125 साल पुराना है, लेकिन मोदी जी ने जो इनिशिएटिव लिया है, उससे यह आंदोलन नई बुलंदियों पर पहुंचेगा।

अमित शाह ने कहा अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के अवसर पर कृभको द्वारा आयोजित इस सेमिनार में मिल्क चिलिंग सेंटर, हैफेड का आटा मिल, रू-पे प्लेटिनम कार्ड, मॉडल पैक्स का पंजीकरण और सहकारिता वर्ष का पोर्टल, जो पूरे देश की सहकारिता से जुड़ी सूचनाएं सहकारिता से जुड़े सभी किसानों तक पहुंचाएगा, का लोकार्पण किया गया।

केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि 2014 में जब मोदी प्रधानमंत्री बने, तब देश का कृषि बजट 22 हजार करोड़ रुपए था, जिसे हमारी सरकार ने बढ़ाकर 1 लाख 27 हजार करोड़ रुपए करने का काम किया है। ग्रामीण विकास का बजट 80 हजार करोड़ रुपए था, जो अब बढक़र 1 लाख 87 हजार करोड़ रुपए किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि आज कोई सरपंच ऐसा नहीं है, और हरियाणा में तो बिल्कुल भी नहीं, जिसे पिछले 10 साल में 10 करोड़, 20 करोड़ या 25 करोड़ रुपए गांव के विकास के लिए न मिले हों।

अमित शाह ने कहा कि हरियाणा ने हमेशा देश की खाद्य सुरक्षा, दूध उत्पादन और खेलों के मैदान में देश के लिए पदकों की झड़ी लगाने का काम किया है। मोर्चा या मैदान कोई भी हो, हरियाणा के किसानों, जवानों और खिलाडिय़ों ने हर मोर्चे पर हमारे तिरंगे की शान बढ़ाई है। उन्होंने कहा कि आज भी हम उस कालखंड को भूल नहीं सकते, जब हमारी आबादी बहुत कम होने के बावजूद खाने के लिए हमें अमेरिका से लाल गेहूं मंगाने पड़ते थे। उन्होंने कहा कि यह हरियाणा और पंजाब की ही भूमि है जिसने देश को अनाज के मामले में आत्मनिर्भर बनाकर दुनिया में सम्मान दिलाया है। शाह ने कहा कि छोटा सा प्रदेश होने के बावजूद केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और तीनों सेनाओं में आबादी के अनुपात में सबसे अधिक जवान हरियाणा के हैं और उनकी बहादुरी के कारण ही भारत की सेनाएं और सशस्त्र बल बहुत सारे आक्रमण विफल कर सके हैं। उन्होंने कहा कि धाकड़ हरियाणा के धाकड़ खिलाड़ी हर खेल में देश को मेडल तालिका में शीर्ष पर ले जाने का काम करते हैं।

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शीतकालीन सत्र अनि​श्चतकाल के लिए स्थगित, विधान परिषद में अनुपूरक बजट समेत 11 विधेयक पास

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लखनऊ, 24 दिसम्बर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश विधान सभा में अनुपूरक बजट व 11 विधेयक पास होने के बाद बुधवार को विधान परिषद में सभी विधेयक समेत अनुपूरक बजट पास हो गया है। वहीं सदन के छह याचिकाओं को भी याचिका समिति में भेज दिया गया है। इसके बाद उत्तर प्रदेश विधान परिषद का शीतकालीन सत्र अनिश्चतकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है।

विधान परिषद का सत्र 19 दिसम्बर को प्रारम्भ हुआ था। विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह ने सदन के अनिश्चत काल के लिए स्थगित करने की घोषणा की। इससे पहले नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह,नेता विरोधी दल लाल बिहारी यादव, शिक्षक दल के नेता ध्रुव कुमार त्रिपाठी व अन्य सदस्यों का आभार व्यक्त किया।

सदन में तकरार की स्थिति तब उत्पन्न हो गयी जब नेता विरोधी दल लाल बिहारी यादव अनुपूरक बजट पर चर्चा कराने पर अड़ गये। हुआ यह कि सब विधान परिषद के सभापति​ कुंवर मानवेन्द्र सिंह ने अनुपूरक अनुदानों पर चर्चा के लिए सदन की राय मांगी तो सत्तापक्ष के सदस्यों ने आगे बढ़ने को कहा। इस पर नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य अनुपूरक को पारित कराने का प्रस्ताव पढ़ने लगे। इस पर नेता विरोधी दल लाल बिहारी यादव ने नियमों का हवाला देते हुए अनुपूरक पर चर्चा कराये जाने की मांग उठाई। इसको लेकर सदन में बहस हुई।

इस पर लाल बिहारी यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी अनुपूरक बजट के विरोध में है। उन्होंने कहा कि सरकार के उद्योग, हथकरघा, ऊर्जा, गृह, गन्ना विभाग सहित कई विभाग अपना बजट खर्च नहीं कर पाये। उन्होंने कहा कि यह केवल बजट का आकार बढ़ाने के लिए किया जा रहा है।

विधान परिषद में पारित विधेयक

उत्तर प्रदेश ग्रामीण आबादी अभिलेख विधेयक

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (संशोधन) विधेयक

उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (तृतीय संशोधन) विधेयक

उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (चतुर्थ संशोधन) विधेयक

उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (पंचम संशोधन) विधेयक

उत्तर प्रदेश पेंशन की हकदारी तथा विधिमान्यकरण विधेयक

उत्तर प्रदेश नगर निगम (संशोधन) विधेयक

उत्तर प्रदेश गन्ना उपकर (निरसन) विधेयक

केजीएमयू,उत्तर प्रदेश (संशोधन) विधेयक

उत्तर प्रदेश सुगम्य व्यापार (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक

उत्तर प्रदेश दुकान और वाणिज्य अधिष्ठान (संशोधन) विधेयक।

उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता से मिले राहुल गांधी, न्याय दिलाने का दिया आश्वासन

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नई दिल्ली, 24 दिसंबर (हि.स.)। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उन्नाव दुष्कर्म मामले की पीड़िता और उनके परिवार से नई दिल्ली में मुलाकात कर न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। यह मुलाकात दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा उम्रकैद की सजा पाए पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को जमानत दिए जाने के बाद हुई।

मुलाकात के बाद पीड़िता ने मीडिया से कहा कि राहुल गांधी ने न्याय का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि मेरे साथ गलत हुआ है, मुझे न्याय चाहिए। मैं मीडिया और जनता से अपील करती हूं कि मेरी आवाज उठाएं और मुझे न्याय दिलाने में मदद करें। पीड़िता ने बताया कि इस दौरान सोनिया गांधी से भी उनकी भेंट हुई, जिन्होंने उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया।

कांग्रेस मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर कहा कि राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने पीड़िता के परिवार की सुरक्षा, गरिमा और न्याय के लिए हरसंभव कदम उठाने का आश्वासन दिया है।

उन्होंने कहा कि परिवार ने शीर्ष कानूनी टीम उपलब्ध कराने, सुरक्षा कारणों से कांग्रेस-शासित राज्य में पुनर्वास, पति के लिए बेहतर आजीविका और जीवनयापन में सहयोग की मांग की है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीप जलाकर दी अटल जी को श्रद्धांजलि

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-भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अर्पित किए श्रद्धासुमन

लखनऊ, 24 दिसंबर (हि. स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी की पूर्व संध्या पर बुधवार को लोकभवन में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी ने लोकभवन परिसर में स्थापित अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर उनकी पुण्य स्मृतियों को नमन किया।

पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी के माध्यम से न केवल प्रदेश बल्कि देश भर में उनके राष्ट्रनिर्माण में योगदान, लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता और सार्वजनिक जीवन में उनकी मर्यादित राजनीतिक शैली को स्मरण किया जा रहा है। लोकभवन परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में भी अटल जी के जीवन और कृतित्व को केंद्र में रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

गुरुवार को भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी के अवसर पर उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में विभिन्न स्मरण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इन आयोजनों के माध्यम से अटल जी के विचारों, नीतियों और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को जनमानस तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। संगोष्ठियों, प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए उनकी विरासत को सम्मानपूर्वक स्मरण किया जाएगा। अटल बिहारी वाजपेयी का व्यक्तित्व भारतीय राजनीति में संवाद, सहमति और राष्ट्रहित के संतुलन का प्रतीक माना जाता रहा है। प्रधानमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान देश ने राजनीतिक स्थिरता, आर्थिक सुधारों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाए। उनकी कवि संवेदना और राजनेता के रूप में दूरदर्शिता आज भी सार्वजनिक जीवन में आदर्श के रूप में देखी जाती है।

भारत सरकार ने अफगानिस्तान,पाकिस्तान व बांग्लादेश के सिख शरणार्थियों को दी भारत की नागरिकता:अमित शाह

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– पंचकूला में वीर बाल दिवस समारोह में हुए शामिल

-1984 के सिख दंगा पीडि़त परिवारों को दिए नौकरी के नियुक्ति पत्र

चंडीगढ़, 24 दिसंबर (हि.स.)। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली भारत सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान भारत में बतौर शरणार्थी रह रहे अफगानिस्तान, पाकिस्तान, बांग्लादेश के सिखों को भारत की नागरिका प्रदान करने का काम किया है। यही नहीं जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के बाद एक लाख 16 हजार लोगों को नागरिकता प्रदान की गई है।

अमित शाह बुधवार की रात पंचकूला में वीर बाल दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर गृहमंत्री ने चार साहिबजादों को समर्पित एक कॉफी टेबल बुक रीलीज की। वहीं उन्होंने हरियाणा सरकार द्वारा तैयार किए गए विजन 2047 को भी जारी किया। अमित शाह ने 1984 के 121 दंगा पीड़ित परिवारों के बच्चों को सरकारी नौकरियों में नियुक्ति पत्र भी वितरित किए।

गृहमंत्री ने किसी राजनीतिक दल का नाम लिए बगैर कहा कि जिस समय देश का विभाजन हुआ तो उस समय करतारपुर साहिब की अनदेखी की गई। मोदी सरकार ने करतारपुर साहिब में कॉरिडोर का निर्माण करके श्रद्धालुओं को पवित्र स्थान के दर्शन करने का अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि जब चार साहिबजादों का जिक्र आता है तो मन भावुक भी होता है और सीना गर्व से चौड़ा भी होता है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने नौ जनवरी 2022 को फैसला किया कि हर साल 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाया जाएगा। तीन साल से प्रत्येक राज्य के स्कूलों में प्रतियोगिताएं होती हैं और करोड़ों बच्चों को चार साहिबजादों का जीवन वृतांत सुनने का अवसर मिलता है। गृहमंत्री ने सिख धर्म को सर्वधर्म का प्रतीक करार देते हुए कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब ही एक ऐसा ग्रंथ है, जिसमें केवल गुरुओं की नहीं बल्कि कई महापुरूषों की वाणी का उल्लेख है।

नायब सरकार द्वारा 1984 के दंगा पीड़ित परिवारों के बच्चों को नौकरियां प्रदान किए जाने के फैसले की सराहना करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने सिखों के घावों पर मरहम लगाने का प्रयास किया है। यही नहीं सिख दंगों के आरोपियों के कसों को दोबारा खोलकर सजा दिलाने का काम भी मोदी सरकार ने किया है।

शंख एयर की 2026 की पहली तिमाही में उड़ानें शुरू करने की योजना

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नई दिल्‍ली, 24 दिसंबर (हि.स)। भारतीय विमानन क्षेत्र में एंट्री करने जा रही एयरलाइन कंपनी शंख एयर की 2026 की पहली तिमाही में उड़ान सेवाएं शुरू करने की योजना है। कंपनी ने नागर विमानन मंत्रालय से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) मिलने के बाद कहा कि शंख एयर की 2026 की पहली तिमाही में उड़ान सेवाएं शुरू करने की योजना है।

शंख एविएशन ने बुधवार को एक बयान में कहा कि उसके विमान वर्तमान में तकनीकी समीक्षा से गुजर रहे हैं और भारत में डिलिवरी के लिए तैयार किए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश स्थित शंख एविएशन कंपनी शंख एयर का संचालन करेगा।

शंख एविएशन के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (एमडी) श्रवण कुमार विश्वकर्मा ने एक दिन पहले सोमवार को नागर विमानन मंत्री के राममोहन नायडू से मुलाकात की और एयरलाइन की योजनाओं के बारे में जानकारी दी।

विश्वकर्मा के अनुसार, एयरलाइन की योजना 2026 की पहली तिमाही के आसपास अपनी उड़ान सेवाएं शुरू करने की है। उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी का लक्ष्य अगले दो से तीन वर्षों में अपने बेड़े को 20-25 विमानों तक बढ़ाने का है।

उल्‍लेखनीय है कि भारत की सबसे नई और सबसे मॉडर्न एयरलाइन, शंख एयर, मई 2025 में अपनी पहली फ्लाइट शुरू करके हवाई यात्रा में क्रांति लाने के लिए तैयार है। इस कंपनी का मुख्‍यालय लखनऊ में स्थित है। कंपनी की योजना लखनऊ से दिल्ली, फाइनेंशियल हब मुंबई, कल्चरल शहर चेन्नई और देश के दूसरे बड़े शहरों से जोड़ेने की है।

बीएचयू में तीन-दिवसीय मालवीय स्मृति पुष्प प्रदर्शनी गुरूवार से

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—प्रदर्शनी का विषय चंद्रयान मिशन की ऐतिहासिक सफलता

वाराणसी, 24 दिसम्बर (हि.स.)। भारतरत्न महामना पं. मदन मोहन मालवीय की जयंती के उपलक्ष्य में काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में प्रतिवर्ष की भांति तीन दिवसीय मालवीय स्मृति पुष्प प्रदर्शनी की शुरूआत गुरूवार से होगी। परिसर स्थित मालवीय भवन में विश्वविद्यालय की उद्यान इकाई की ओर से आयोजित इस प्रदर्शनी का उद्घाटन कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी करेंगे। इसके बाद प्रदर्शनी को आमजन के लिए खोल दिया जाएगा।

बुधवार की शाम यह जानकारी विश्वविद्यालय के जनसम्पर्क कार्यालय ने दी। बताया गया कि इस प्रदर्शनी का उद्देश्य विश्वविद्यालय और वाराणसी क्षेत्र में हरियाली को बढ़ावा देना और समाज में जैविक खेती, फलों, फूलों, सब्जियों और पौधों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है, जिससे पर्यावरण के प्रति जागरूक एक स्वस्थ समाज का निर्माण हो सके। इस वर्ष की प्रदर्शनी में रसायन मुक्त सब्जियों, पौधों की दुर्लभ प्रजातियों और विश्वविद्यालय परिसर से एकत्रित सूखी पत्तियों से तैयार उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद (पत्ती खाद) की प्रदर्शनी और बिक्री मुख्य आकर्षण होगी। इस वर्ष की प्रदर्शनी का विषय चंद्रयान मिशन की ऐतिहासिक सफलता और प्रयागराज के माघ मेले से जुड़ी जैविक खेती की भावना पर आधारित है।

प्रदर्शनी के दौरान विश्वविद्यालय के विभिन्न संस्थानों, विभागों, छात्रावासों और आवासीय परिसरों के बीच विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाएगा। बताया कि हर साल इस प्रदर्शनी में वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों के सैकड़ों प्रतिभागी भाग लेते हैं। जिनमें काशी हिंदू विश्वविद्यालय, बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका), रेलवे, जिला उद्यान विभाग, केंद्रीय कारागार, 39जीटीसी, हवाई अड्डा प्राधिकरण और तिब्बती संस्थान आदि हैं। पुष्प प्रदर्शनी का समापन समारोह 27 दिसम्बर को किया जाएगा, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में आईआईटी-बीएचयू के निदेशक प्रो. अमित पात्रा शामिल होंगे।

स्टार्टिन यूपी योजना से रोहिलखंड के सात स्टार्टअप्स को संबल, आरआईएफ बना नवाचार का केंद्र

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बरेली, 24 दिसंबर (हि.स.) । महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित रोहिलखंड इनक्यूबेशन फाउंडेशन (RIF) से जुड़े स्टार्टअप्स को उत्तर प्रदेश सरकार की startinUP योजना के तहत बड़ी सफलता मिली है। वर्ष 2025 में अब तक आरआईएफ के कुल सात स्टार्टअप्स को विभिन्न श्रेणियों में वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना का क्रियान्वयन उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPLC) द्वारा किया जा रहा है।

इन्हीं में से ‘निर्धार्य लैब इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ को प्रोटोटाइप विकास के लिए पांच लाख रुपये का अनुदान मिला है। बरेली निवासी सह-संस्थापक अर्जित सक्सेना की यह कम्पनी अंतरिक्ष जैव प्रौद्योगिकी और माइक्रोग्रैविटी अनुसंधान के क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक विकसित कर रही है। वहीं, ‘रेडारX36 प्राइवेट लिमिटेड’ को 52,500 रुपये की सस्टेनेन्स अलाउंस की पहली किश्त स्वीकृत हुई है। इसके सह-संस्थापक सौरभ सिंह हैं, जो साइबर सुरक्षा परामर्श सेवाओं के लिए एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित कर रहे हैं।

इस उपलब्धि पर कुलपति प्रो. के.पी. सिंह ने कहा कि यह अनुदान युवाओं के नवाचार को नई उड़ान देगा और क्षेत्र को स्टार्टअप हब के रूप में स्थापित करेगा। आरआईएफ के सीओओ प्रो. यतेंद्र कुमार ने इसे राज्य सरकार की स्टार्टअप-हितैषी नीतियों और प्रभावी इनक्यूबेशन प्रक्रिया का परिणाम बताया।