राम मंदिर निर्माण भारत की सभ्यतागत यात्रा का निर्णायक क्षण: उपराष्ट्रपति

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नई दिल्ली, 20 जनवरी (हि.स.)। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने मंगलवार को कहा कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण भारत की सभ्यतागत यात्रा का एक निर्णायक और ऐतिहासिक क्षण है, जहां आस्था, इतिहास, कानून और लोकतंत्र ने गरिमा के साथ एक-दूसरे का संगम किया। उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि पर मंदिर का निर्माण केवल धार्मिक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय आत्मसम्मान से जुड़ा विषय है।

उपराष्ट्रपति ने यह बातें उपराष्ट्रपति निवास में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय सचिव सुरेंद्र कुमार पचौरी द्वारा लिखित पुस्तक “चैलिस ऑफ एम्ब्रोसिया: राम जन्मभूमि – चैलेंज एंड रिस्पॉन्स” के विमोचन के अवसर पर कहीं। उपराष्ट्रपति ने कहा कि भगवान राम राष्ट्र की आत्मा और भारत के धर्म के मूल हैं। उन्होंने महात्मा गांधी की रामराज्य की परिकल्पना का उल्लेख करते हुए कहा कि रामराज्य न्याय, समानता और सभी के लिए गरिमा का प्रतीक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि धर्म कभी पराजित नहीं हो सकता और सत्य की सदैव विजय होती है।

राधाकृष्णन ने 2019 के सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णय को भारतीय लोकतंत्र की शक्ति का प्रमाण बताते हुए कहा कि इस फैसले ने करोड़ों भारतीयों की आकांक्षाओं को पूरा किया और भारत को सही अर्थों में ‘लोकतंत्र की जननी’ सिद्ध किया। उन्होंने कहा कि लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद साक्ष्यों के आधार पर निर्णय लिया जाना भारतीय लोकतांत्रिक मूल्यों की मजबूती को दर्शाता है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि राम मंदिर निर्माण एक जनआंदोलन बन गया, जिसमें देश-विदेश के श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा चलाए गए जनसहयोग अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अभियान के माध्यम से तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि एकत्र की गई, जो जनभागीदारी की अभूतपूर्व मिसाल है।

उन्होंने पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि इतिहास लेखन अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य है और लेखक पचौरी ने संतुलन, संवेदनशीलता और तथ्यपरक दृष्टिकोण के साथ राम जन्मभूमि आंदोलन के आधुनिक चरण को दस्तावेजीकृत किया है। यह कृति आने वाली पीढ़ियों के लिए ऐतिहासिक संघर्ष और बलिदानों की साक्षी बनेगी।

उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की भी सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में राम जन्मभूमि का पुनरुत्थान भारत की सांस्कृतिक चेतना और परिपक्व लोकतंत्र का प्रतीक बनकर उभरा है।

कार्यक्रम में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेन्द्र मिश्रा, भारत के पूर्व नियंत्रक और महालेखा परीक्षक विनोद राय, यूपीएससी के पूर्व अध्यक्ष दीपक गुप्ता, उपराष्ट्रपति के सचिव अमित खरे सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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