मजबूत लिस्टिंग के बाद लगा अपर सर्किट
नई दिल्ली, 04 फरवरी (हि.स.)। आयुर्वेदिक और न्यूट्रास्यूटिकल उत्पाद बनाने वाली कंपनी ऐक्रेशन न्यूट्रावेद के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में जोरदार उछाल के साथ एंट्री करके अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 129 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 48.06 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 191 रुपये के स्तर पर हुई। लिस्टिंग के बाद लिवाली का जोर बन जाने के कारण थोड़ी देर में ही ये शेयर उछल कर 200.55 रुपये के अपर सर्किट लेवल तक आ गए। इस तरह पहले दिन के कारोबार में ही कंपनी के आईपीओ निवेशकों को 55.43 प्रतिशत का फायदा हो गया।
ऐक्रेशन न्यूट्रावेद का 25 करोड़ रुपये का आईपीओ 28 से 30 जनवरी के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से एवरेज रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 1.83 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 1.01 गुना सब्सक्राइब हुआ था। वहीं, नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 2.08 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 2.19 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस आईपीओ के तहत 19.20 लाख रुपये के नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी नई मैन्युफैक्चरिंग मशीनरी खरीदने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्द्देश्यों में करेगी।
कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 28 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 82 लाख रुपये हो गया। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछल कर 2.61 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2025 में कंपनी को 2.33 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी होती रही। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 3.07 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 5.20 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 16.06 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2025 में कंपनी को 14.07 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।
इस अवधि में कंपनी के कर्ज का बोझ भी बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 1.97 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 2.17 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 3.86 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 4.43 करोड़ रुपये हो गया था।
इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 72 लाख रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 4.86 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही के अंत तक ये 2.95 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 59 लाख रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 1.21 करोड़ रुपये हो गया। इसके बाद 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 3.65 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं, मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही में ये 3.29 करोड़ रुपये के स्तर पर रहा।