सारनाथ और हस्तिनापुर बनेंगे अनुभवात्मक पर्यटन केंद्र : डाॅ. दयालु

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बलिया, 04 फ़रवरी (हि.स.)। प्रदेश सरकार के आयुष, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन राज्यमंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पांच प्रमुख टूरिस्ट डेस्टिनेशन विकसित किए जाएंगे। जिनमें उत्तर प्रदेश के सारनाथ और हस्तिनापुर को अनुभवात्मक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

वे बुधवार को केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर बुधवार देरशाम पत्रकारों के साथ प्रेसवार्ता कर रहे थे। मंत्री ने कहा कि बजट में देश को सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की सौगात मिली है, जिनमें दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के लिए विशेष रूप से लाभकारी होंगे। इससे नोएडा, आगरा, लखनऊ, प्रयागराज और वाराणसी जैसे शहरों को तेज़ गति से जोड़ा जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत-2047 और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने वाला दूरदर्शी विजन डॉक्यूमेंट है।

उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में मोदी सरकार ने आमजन की सुविधाओं, नवाचार, आर्थिक वृद्धि, रोजगार सृजन और समावेशी विकास पर निरंतर ध्यान दिया है। बजट 2026-27 में किसान, युवा, महिला, उद्यमी और मध्यम वर्ग सभी को केंद्र में रखकर योजनाएं बनाई गई हैं। उन्होंने बताया कि आधारभूत संरचना को अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानते हुए इसमें ऐतिहासिक निवेश किया गया है। वर्ष 2014-15 में जहां इंफ्रास्ट्रक्चर बजट 2 लाख करोड़ रुपये था, वहीं इसे बढ़ाकर अब 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा डांकुनी से सूरत तक डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर तथा अगले पांच वर्षों में 20 नए वाटरवेज़ शुरू करने का निर्णय लिया गया है। वाराणसी में गंगा जलमार्ग पर शिप-रिपेयर और जलयान मरम्मत केंद्र की स्थापना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने बताया कि पांच लाख से अधिक आबादी वाले टियर-2 और टियर-3 शहरों में सिटी इकोनॉमिक रीजन विकसित किए जाएंगे। रक्षा क्षेत्र पर बोलते हुए डॉ. दयालु ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पेश किए गए इस पहले बजट में रक्षा बजट को 15 प्रतिशत बढ़ाकर 7.85 लाख करोड़ रुपये किया गया है, जिसमें 2.19 लाख करोड़ रुपये रक्षा अवसंरचना के लिए निर्धारित हैं ।मैन्युफैक्चरिंग को रोजगार का प्रमुख आधार बताते हुए उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया और पीएलआई योजनाओं को और सशक्त किया गया है। बायोफार्मा शक्ति परियोजना के तहत 10 हजार करोड़ रुपये, इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग के लिए 40 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।एमएसएमई क्षेत्र के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का एमएसएमई ग्रोथ फंड तथा पारंपरिक उद्योगों के पुनरुद्धार से उत्तर प्रदेश को विशेष लाभ मिलेगा। साथ ही आयुष क्षेत्र में तीन अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना की जाएगी। युवाओं और महिलाओं के लिए प्रत्येक जिले में गर्ल्स हॉस्टल की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य क्षेत्र में जिला अस्पतालों की क्षमता 50 प्रतिशत तक बढ़ाने और हर जिले में ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने का प्रावधान है।

उन्होंने बताया कि कृषि क्षेत्र के लिए 1.62 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 7 प्रतिशत अधिक है। वहीं केंद्रीय सहायता, टैक्स डिवोल्यूशन और सीएसएस के तहत उत्तर प्रदेश को लगभग 4.18 लाख करोड़ रुपये का वित्तीय समर्थन मिलेगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की भावना को साकार करने वाला बजट है, जो उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश को आत्मनिर्भर और विकसित भारत की दिशा में आगे ले जाएगा। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष संजय मिश्र व पूर्व मंत्री नारद राय भी माैजूद रहे।

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