सामूहिक विवाह योजना घोटाले में एडीओ दाेषी

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निलंबन के लिए शासन काे भेजी गई रिपोर्ट

मुरादाबाद, 13 फरवरी (हि.स.)। सामूहिक विवाह मामले में शासन की तरफ से गठित कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। इस मामले में अधिकारियों की भूमिका की समीक्षा हो रही है। जिलाधिकारी अनुज सिंह ने बताया कि जांच में दोषी पाए गए एडीओ समाज कल्याण प्रशांत कुमार के निलंबन की संस्तुति रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।

कुंदरकी विधायक ठाकुर रामवीर सिंह ने प्रभारी मंत्री अनिल कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में मनमानी और घोटाले का प्रकरण उठाया था। जिसके बाद स्थानीय स्तर पर सुर्खियां बने इस मामले की गूंज सरकार व शासन तक पहुंच गई थी। कुंदरकी विधायक रामवीर सिंह ने आयोजनों पर अंगुली उठाते हुए जिले के प्रभारी मंत्री अनिल कुमार से इस मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी। इसके बाद उप्र सरकार में समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण के निर्देश पर शासन की तीन सदस्यीय टीम ने भी इस मामले की जांच करके 12 फरवरी को अपनी रिपोर्ट समाज कल्याण विभाग के मंत्री व आला अधिकारियों को सौंप दी थी। टीम ने समाज कल्याण अधिकारियों के साथ लाभार्थियों से भी पूछताछ की थी। जांच में सामने आया था कि किसी की शादी छह माह पहले हो चुकी थी तो किसी की तीन महीने पहले की थी।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना प्रकरण में जिलाधिकारी अनुज सिंह ने जांच कराई तो जांच के दौरान भ्रष्टाचार की परतें खुलती गई। जिले के 30 अधिकारियों की टीम ने बीते सप्ताह बिलारी और कुंदरकी ब्लॉक की 808 शादियों का सत्यापन किया। जांच में 35 जोड़े अपात्र पाए गए थे। इस मामले में जांच अधिकारी जिला विकास अधिकारी जीबी पाठक की रिपोर्ट पर जिलाधिकारी ने पांच ग्राम विकास अधिकारी और छह सचिवों को निलंबित कर दिया था। जिसमें मूंढापांडे ब्लाक में तैनात ग्राम विकास अधिकारी रवि कुमार, रविपाल, रणवीर सिंह, शादाब अली और अमित कुमार को व मूंढापांडे के ग्राम सचिव घनेंद्र सिंह, मोहन सिंह रावत, इंतजार हुसैन, रवि कुमार, सादाब वली और रजत को दोषी पाए जाने पर सस्पेंड किया गया था। साथ ही दो अन्य बीडीओ और दो सचिवों से स्पष्टीकरण मांगा गया था। इस मामले में जिलाधिकारी अनुज सिंह ने एडीओ समाज कल्याण प्रशांत कुमार की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर निलंबन की संस्तुति कर शासन को रिपोर्ट भेज दी।

दोबारा शादी करने वाले जोड़ों से वसूली की जाएगी

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत मुरादाबाद बुद्धि विहार परिसर में चार और आर्केडिया में पांच दिसंबर को सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया था। शासन की जांच के बाद दोबारा शादी करने वाले जोड़ों से वसूली भी की जाएगी। इसके साथ ही आधा अधूरा और नकली सामान सप्लाई के मामले में ठेकेदारों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। शासन की टीम ने जांच पूरी कर ली है। समाज कल्याण राज्य मंत्री असीम अरुण इस मामले में अंतिम निर्णय लेंगे।

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