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लॉटरी से होगा मुंबई महापौर का फैसला

मुंबई, 18 जनवरी (हि.स.)। मुंबई मनपा चुनाव संपन्न होने के बाद अब महापौर को लेकर खींचतान तेज हो गई है। हालांकि अभी कानूनी प्रक्रिया का भी एक पेंच बाकी है, जो नए सदन के गठन के बाद शुरू होती है। महापौर का चयन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा।

मुंबई मनपा में महायुति गठबंधन के भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) की सत्ता तय है। हालांकि महापौर पद को लेकर कानूनी प्रक्रिया का पेंच भी शामिल है। नगरसेवकों के चुनाव सीधे जनता द्वारा किए जाते हैं। लेकिन महापौर का चुनाव एक अलग प्रक्रिया के तहत होता है। महापौर का चयन निर्वाचित नगरसेवकों द्वारा किया जाता है और यह पद आरक्षण की रोटेशन प्रणाली के अंतर्गत आता है। जब तक यह तय नहीं हो जाता कि महापौर पद किस वर्ग के लिए आरक्षित रहेगा, तब तक किसी भी राजनीतिक दल के लिए उम्मीदवार घोषित करना संभव नहीं होता। इस वजह से इस सप्ताह मुंबई को नया महापौर नहीं मिल पाएगा।

देशभर के अधिकांश शहरी स्थानीय निकायों की तरह मुंबई मनपा में भी महापौर पद आरक्षण प्रणाली के अंतर्गत आता है। यह आरक्षण अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और महिलाओं के लिए रोटेशन के आधार पर लागू किया जाता है। यह पहले से तय नहीं होता, बल्कि नगर विकास विभाग द्वारा लॉटरी यानी चिट प्रणाली के माध्यम से निर्धारित किया जाता है। यह व्यवस्था संविधान के 74वें संशोधन से जुड़ी है। इसके तहत शहरी निकायों को संवैधानिक दर्जा दिया गया और नेतृत्व के पदों पर सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए आरक्षण अनिवार्य किया गया है। महाराष्ट्र में मनपा अधिनियम के तहत ओबीसी को भी इस दायरे में शामिल किया गया है। रोटेशन का उद्देश्य यह है कि हर वर्ग को समय-समय पर नेतृत्व का अवसर मिल सके।

नगर विकास विभाग पहले अधिसूचना जारी करता है। पूर्व कार्यकालों के आधार पर पात्र श्रेणियों की सूची तैयार की जाती है। इसके बाद सार्वजनिक रूप से चिट निकालकर आरक्षण तय किया जाता है। एक बार यह अधिसूचित हो जाने के बाद ही नगरसेवकों की विशेष सभा बुलाकर महापौर का चुनाव कराया जाता है। 227 सदस्यीय सदन में महापौर चुने जाने के लिए साधारण बहुमत यानी कम से कम 114 नगरसेवकों का समर्थन आवश्यक होता है।

मुंबई मनपा अधिनियम के अनुसार महापौर का कार्यकाल ढाई वर्ष का होता है। महापौर शहर के प्रथम नागरिक के रूप में आधिकारिक कार्यक्रमों में प्रतिनिधित्व करते हैं। हालांकि प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार महापौर के पास नहीं होते हैं। ये शक्तियां राज्य सरकार द्वारा नियुक्त मनपा आयुक्त के पास रहती हैं।

#मुंबई_ मनपा_ चुनाव

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