नैनीताल, 30 जनवरी (हि.स.)। जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रशांत जोशी की अदालत ने मंगोली स्थित चर्चित चशेड़ी रेस्टोरेंट को सील करने संबंधी परगनाधिकारी नैनीताल के 20 जनवरी के आदेश पर रोक लगा दी है। न्यायालय ने प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 23 फरवरी को होगी।
ज्ञात हो कि मंगोली क्षेत्र में उमा देवी नाम की महिला द्वारा संचालित चशेड़ी रेस्टोरेंट को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा था। बीते दिसंबर माह में मंगोली सहित आसपास के ग्रामीणों ने इस रेस्टोरेंट को बंद करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। इसके बाद उमा देवी की शिकायत पर ग्रामीणों के विरुद्ध अभियोग दर्ज होने से स्थिति और तनावपूर्ण हो गई थी।
प्रकरण में तहसीलदार नैनीताल अक्षय भट्ट की जांच में रेस्टोरेंट का सरकारी भूमि पर होना पाया गया, जिसके बाद एसडीएम न्यायालय में सुनवाई के उपरांत परगनाधिकारी की ओर से संपत्ति सील करने का आदेश जारी किया गया था। इस आदेश को उमा देवी ने जिला एवं सत्र न्यायालय में चुनौती दी। अधिवक्ता ने तर्क दिया कि परगनाधिकारी का आदेश अंतिम और विधिसम्मत नहीं है तथा आदेश पारित करने से पूर्व निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। उच्च न्यायालय इलाहाबाद के एक पूर्व निर्णय का हवाला दिए जाने के बाद न्यायालय ने परगनाधिकारी के आदेश पर रोक लगा दी।