
-तीसरी बार जांच की मांग में याचिका खारिज
प्रयागराज, 19 फरवरी (हि.स.)। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा है कि अपनी मर्जी से मेडिकल जांच कराकर अनुकूल रिपोर्ट पेश करने से यह नहीं कहा जा सकता कि मेडिकल बोर्ड की जांच व पुनर्जांच रिपोर्ट अविश्वसनीय है।
याची द्वारा मेडिकल बोर्ड की दो बार जांच में अनफिट करार देने के बाद अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कालेज व अस्पताल की जांच रिपोर्ट के आधार पर पुनः तीसरी बार जांच कराने की मांग में दाखिल याचिका पर हस्तक्षेप करने से इंकार करते हुए याचिका खारिज कर दी।
यह आदेश न्यायमूर्ति विकास बुधवार की एकलपीठ ने प्रवीण कुमार की याचिका पर दिया है। याचिका पर अधिवक्ता अदितेंद्र सिंह व भारत सरकार के अधिवक्ता दीपक सिंह ने बहस की।
याची पैरा मिलिट्री फोर्स में कांस्टेबल भर्ती में बैठा। मेडिकल जांच में दोनों आंखों में खामी पाई गई और अनफिट करार दिया गया। दुबारा जांच में भी खामी बनी रही तो याची ने खुद मेडिकल कॉलेज में जांच कराई और कहा उसकी दाईं आंख सही है। इसलिए फिर से मेडिकल का आदेश दिया जाय। कोर्ट ने विशेषज्ञ मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट को अविश्वसनीय न मानते हुए याचिका खारिज कर दी।
