
अररिया 26 जनवरी(हि.स.)। गणतंत्र दिवस के मौके पर क्षेत्रीय रचनात्मक विकास मंच की ओर से सोमवार को मुजफ्फरपुर और सिलीगुड़ी के बीच फुटबॉल मैच खेला गया,जिसमें रोमांचक मैच में मुजफ्फरपुर ने सिलीगुड़ी को एक गोल से पराजित कर शील्ड पर कब्जा जमाया।
मैच में मुख्य अतिथि के तौर पर कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व विधायक डॉ शकील अहमद खान ने मैच का उद्घाटन किया।विशिष्ट अतिथि के तौर पर स्थानीय विधायक मनोज विश्वास,कांग्रेस के जिलाध्यक्ष शाद अहमद,पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनिल सिन्हा,पूर्व मुख्य पार्षद एवं भाजपा नेता अनूप जायसवाल,कारोबारी रेवती रमण सिंह,पूर्व फुटबॉलर शमीम अहमद,समाजसेविका रुचिरा गुप्ता,लीगल डिफेंस एड काउंसिल के चीफ विनय कुमार ठाकुर,श्री कुमार ठाकुर,पंडित दिनेश्वर मिश्रा,कामिनी गोयल,पूर्व प्रधानाध्यापक तेज़बहादुर सिंह,आबिद हुसैन अंसारी,पार्षद सैयद आबिद हुसैन अंसारी उर्फ गुड्डू अली,समाजसेवक इजहार अंसारी,ब्रजेश राय,नीरज निराला,तरुण सिन्हा आदि मौजूद थे।कार्यक्रम का संचालन क्षेत्रीय रचनात्मक विकास मंच के संस्थापक सचिव मनोज जायसवाल ने किया,जबकि अध्यक्षता मंच के अध्यक्ष सुर्यनारायण गुप्ता ने किया।
मैच की समाप्ति के बाद आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव डॉ शकील अहमद खान ने कहा कि फुटबॉल आसान खेल नहीं है,लेकिन इस खेल के लिए मजबूत स्टेमिना की जरूरत होती है।उन्होंने फुटबॉल के प्रति दिवानगी की कमी के बावजूद आज खेल के प्रति रुझान बढ़ा है।उन्होंने कहा कि अररिया एक मजबूत टीम मानी जाती थी,यहां ईस्ट बंगाल और मोहमडेन स्पोर्टिंग जैसी टीम खेली गई।उन्होंने अररिया में आचार संहिता उल्लंघन मामले को लेकर 19 वर्षों से केस के कोर्ट में लंबित रखने के मामले में निर्वाचन आयोग को आड़े हाथों लिया।उन्होंने कहा कि सामाजिक फैली अव्यवस्था के बीच खेल दोस्ताना माहौल बनाता है।
मौके पर विधायक मनोज विश्वास ने कहा कि खेल न मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत करता है,बल्कि अनुशासन और एकजुट रहना सिखाता है।उन्होंने कहा कि जनता ने जिस विश्वास से जिताया है,उसे कभी टूटने नहीं देंगे।
मौके पर फारबिसगंज के पूर्व के फुटबॉलर सहित समाज में उल्लेखनीय योगदान करने वालों को सम्मानित किया गया।मैच के रेफरी की भूमिका में संजय आजाद और लाइनमैन की भूमिका में राजेश वाल्मीकि,विनय सिंह मौजूद थे।कमेंटेटर की भूमिका में सतीश आनंद उर्फ गुड्डू थे।
