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प्रधानमंत्री ने ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो-2026’ का किया उद्घाटन

नई दिल्ली, 16 फरवरी (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो-2026’ का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने एक्सपो में लगी विभिन्न प्रदर्शनियों का अवलोकन किया। साथ ही प्रदर्शित एआई टूल के बारे में जाना।

इस दौरान जियो के चेयरमैन, आकाश अंबानी जियो एआई पवेलियन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हेल्थकेयर, एजुकेशन, कल्चर और स्मार्ट होम सॉल्यूशंस में कंपनी के एआई-लेड ट्रांसफॉर्मेशन को दिखाते हुए नजर आए। प्रधानमंत्री के साथ इलेक्ट्रोनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्वनी वैष्णव भी थे।

भारत मंडपम में आज से इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट- 2026 का शुभारंभ हुआ है। यह पहली बार है जब एआई पर इस स्तर का वैश्विक सम्मेलन किसी विकासशील देश में आयोजित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 19 फरवरी को सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन करेंगे और भाषण देंगे।

सम्मेलन वैश्विक सहयोग और समावेशी एवं जिम्मेदार एआई के लिए भारत के दृष्टिकोण को दिशा देगा। 16 से 20 फरवरी तक चलने वाले पांच दिवसीय शिखर सम्मेलन में 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख तथा 60 मंत्री एवं उपमंत्रियों सहित 100 से अधिक सरकारी प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। इसके अलावा, सीईओ, संस्थापक, शिक्षाविद, शोधकर्ता, सीटीओ और परोपकारी संगठनों सहित 500 से अधिक वैश्विक एआई अग्रणी भी इसमें शामिल होंगे।

शिखर सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण, तीन प्रमुख वैश्विक प्रभाव चुनौतियां – एआई फॉर ऑल, एआई बाय हर और युवाआई – फाइनलिस्टों की घोषणा और ग्रैंड फिनाले शोकेस के साथ समाप्त होंगी। समावेशी, जिम्मेदार और विकासोन्मुखी एआई को बढ़ावा देने के लिए डिजाइन की गई ये चुनौतियां राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और वैश्विक विकास उद्देश्यों के अनुरूप स्केलेबल, उच्च-प्रभाव वाले एआई समाधानों को गति देने के लिए शुरू की गई थीं। इन चुनौतियों के लिए मजबूत अंतर्राष्ट्रीय भागीदारी को दर्शाते हुए 60 से अधिक देशों से 4,650 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए है। इससे जिम्मेदार और स्केलेबल एआई नवाचार के लिए एक विश्वसनीय वैश्विक केंद्र के रूप में भारत के उदय को मजबूत हुई है।

विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और उद्योग जगत के नेताओं द्वारा किए गए गहन बहुस्तरीय मूल्यांकन के बाद, तीनों श्रेणियों में शीर्ष 70 टीमों को फाइनलिस्ट के रूप में चुना गया है। ये 16 और 17 फरवरी को नई दिल्ली के भारत मंडपम और सुषमा स्वराज भवन में आयोजित भव्य समापन समारोह और पुरस्कार वितरण समारोह में अपने समाधान प्रस्तुत करेंगे। फाइनलिस्ट नीति निर्माताओं, उद्योग जगत के नेताओं, निवेशकों और शिक्षाविदों के साथ जुड़ेंगे और राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर अपने नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए मान्यता और सहयोग प्राप्त करेंगे।

18 फरवरी को हैदराबाद स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के सहयोग से आयोजित एआई और इसके प्रभाव पर अनुसंधान संगोष्ठी, शिखर सम्मेलन का प्रमुख शैक्षणिक मंच है। इस संगोष्ठी में अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका से लगभग 250 शोध प्रस्तुतियां प्राप्त हुई हैं और इसमें एस्टोनिया गणराज्य के राष्ट्रपति श्री अलार कारिस, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद उपस्थित रहेंगे। यह संगोष्ठी विश्व स्तर पर ख्यातिप्राप्त एआई विशेषज्ञों और अग्रणी अनुसंधान संस्थानों को एआई-संचालित वैज्ञानिक खोज, सुरक्षा और शासन ढांचे, कंप्यूटिंग अवसंरचना तक समान पहुंच और वैश्विक दक्षिण में अनुसंधान सहयोग पर विचार-विमर्श करने के लिए एक साथ लाती है।

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