नि:शुल्क पुस्तकों के धन में 2.88 करोड़ रुपये के स्थान पर 1.63 करोड़ ही खर्च

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मुरादाबाद, 05 फरवरी (हि.स.)। विभिन्न मदों में जारी की गई धनराशि को खर्च करने में शिक्षा विभाग फिसड्डी है। नि:शुल्क पुस्तकों के भुगतान में 2.88 करोड़ रुपये के स्थान पर सिर्फ 1.63 करोड़ ही खर्च किए गए हैं। वहीं कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में व्यय का प्रतिशत 37.46 प्रतिशत है।

मुख्य विकास अधिकारी ने गुरुवार को विकास भवन सभागार में बेसिक शिक्षा विभाग की वित्तीय वर्ष 2025-26 विभिन्न मदो में लिमिट के सापेक्ष व्यय की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) मृणाली अविनाश जोशी ने बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को शत प्रतिशत व्यय सुनिश्चित कर अभिलेखीय साक्ष्य पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। सीडीओ ने वित्तीय वर्ष 2025-26 विभिन्न मदों में लिमिट के सापेक्ष व्यय की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की। विद्यालय स्तर पर निर्माण कार्यों के लिए एसएमसी के खातों में जारी लिमिट 100 प्रतिशत के सापेक्ष व्यय का प्रतिशत 99.82 प्रतिशत है। सबसे खराब स्थिति कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में व्यय की मिली, इस मद में व्यय का प्रतिशत सिर्फ 37.46 फीसदी है। बीएसए ने बताया कि जिला स्तर पर माह मार्च तक केव्यय के लिए अपेक्षित धनराशि मिल चुकी है।

सीडीओ ने कहा कि नवीन शैक्षिक सत्र 2026-27 में यह सुनिश्चित किया जाए कि जिले में संचालित सभी कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में वर्तमान सत्र में पढ़ रही कक्षा-8 की छात्राएं अनिवार्य रूप से उसी विद्यालय की कक्षा 9 में प्रवेश लें।

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