– केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने सामाजिक अधिकारिता शिविर में दिव्यागों को वितरित किए कृत्रिम उपकरण
अशेाक नगर, 02 फरवरी (हि.स.)। केन्द्रीय संचार एवं पूर्वत्तोर विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि नवरत्न दिव्यांगजनों के जीवन का मार्ग प्रशस्त करना एक मात्र उद्देश्य है।
केन्द्रीय मंत्री सिंधिया सोमवार को मध्य प्रदेश के अशोक नगर में शासकीय विधि महाविद्यालय में आयोजित सामाजिक अधिकारिता शिविर में नि:शुल्क सहायक उपकरण एवं कृत्रिम अंग वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज का यह शिविर ऐतिहासिक है। हमारे क्षेत्र के नवरत्नों से मिलने का मौका मिला है। दिव्यांगजन का कैम्प सेवा का एक संगम है। साथ ही संवेदना का सम्मान करने का माध्यम है।
उन्होंने कहा कि सिंधिया परिवार की पृष्ठभूमि भारत माता की सेवा,जनता की सुरक्षा, जनजन के विकास में योगदान देने की परम्परा रही है। हमारा दायित्व है कि अपने क्षेत्र के एक एक नागारिक का ध्यान रखकर कर विकास और प्रगति की राह पर आगे ले जाएं। उन्होंने कहा कि एलम्कों पूरे देश में दिव्यांगों की जिम्मेदारी का निर्वहन कर रही है। संसदीय क्षेत्र के 8240 नवरत्न दिव्यांगों के लिए कृत्रिम उपकरणों का वितरण कराया जा रहा है। उन्होंने दिव्यांगों को हर क्षेत्र में आगे बढने के लिए प्रोत्साहित किया।
केन्द्रीय मंत्री ने भारत सरकार की एडिप एवं वयोश्री योजनान्तर्गत जिला प्रशासन द्वारा आयोजित शिविरों में जिले के कुल 1456 चिन्हाकिंत दिव्यांग एवं वृद्धजनों को 01 करोड़ 61 लाख रुपये की राशि के 5172 जीवन सहायक उपकरणों का वितरण गया। इस दौरान दिव्यांग एवं वृद्धजनों को मोट्रेट ट्रायसाईकिल, ट्रायसाईकिल, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, बैसाखी तथा अन्य सामग्री का वितरण किया गया।
कार्यक्रम में विधायक बृजेन्द्र सिंह यादव व जगन्नाथ सिंह रघुवंशी, नगरपालिका अध्यक्ष नीरज मनोरिया, भाजपा जिला अध्यक्ष आलोक तिवारी, पूर्व विधायक जजपाल सिंह जज्जी, कलेक्टर साकेत मालवीय, पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बडी संख्या में दिव्यांगजन और वृद्धजन उपस्थित रहे।
कॉल सेंटर में 505 नौजवानों को मिला रोजगार, सिंधिया ने किया निरीक्षणइससे पहले केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अशोकनगर जिला मुख्यालय स्थित विधि महाविद्यालय में संचालित कॉल सेंटर का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस सेंटर में 505 नौजवानों को रोजगार मुहैया कराया गया है। कॉल सेंटर बच्चों के भविष्य का सहारा बन रहा है। उन्होंने कॉल सेंटर में नौजवानों से संवाद करते हुए कॉल सेंटर संचालन की गतिविधियो के बारे में विस्तार से जानकारी ली। नौजवानों ने बताया कि कॉल सेंटर में रोजगार पाकर हम सभी धन्य है । यहां पर धैर्य, अनुभव एवं बात करने का तरीका सीखने को मिला है। उपभोक्ताओं को संतुष्ट करना ही जिदंगी के मार्ग को प्रशस्त करता है।