अगस्त, 2019 में शुरू किया गया जल जीवन मिशन (जेजेएम) को दिसंबर 2028 तक बढ़ाने की घोषणा की गई है।प्रत्येक ग्रामीण परिवार हेतु नल जल आपूर्ति का प्रावधान करने के लिए, था, जिसे पांच वर्ष की अवधि के लिए राज्यों की भागीदारी से कार्यान्वित किया जाना था।
मिशन की शुरुआत में, केवल 3.23 करोड़ (16.7 प्रतिशत) ग्रामीण परिवारों के पास नल जल कनेक्शन होने की सूचना थी। अब तक, राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों द्वारा 03.12.2025 तक दी गई सूचना के अनुसार, जेजेएम के तहत, लगभग 12.52 करोड़ और ग्रामीण परिवारों को नल जल कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। इस प्रकार, 03.12.2025 तक, देश के 19.36 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से 15.75 करोड़ (81.37%) से अधिक परिवारों के पास उनके घरों में नल जल आपूर्ति होने की सूचना है। राष्ट्रीय औसत से कम प्रगति वाले राज्यों सहित राज्य/संघ राज्य क्षेत्र-वार ब्यौरा अनुबंध में दिया गया है।
मिशन के लिए कुल परिव्यय 3.60 लाख करोड़ रुपये अनुमानित किया गया था, जिसमें से केंद्रीय हिस्सा 2.08 लाख करोड़ रुपये था। स्वीकृत केंद्रीय परिव्यय का 2024-25 तक लगभग उपयोग किया जा चुका है।
अब तक हुई प्रगति और चल रहे कार्यों को ध्यान में रखते हुए, माननीय वित्त मंत्री ने बजट घोषणाओं 2025-26 के माध्यम से संवर्धित कुल परिव्यय के साथ जल जीवन मिशन को दिसंबर 2028 तक बढ़ाने की घोषणा की है, जिसमें बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता और दीर्घकालिक स्थिरता और नागरिक केंद्रित जल सेवा सुपुर्दगी के लिए ग्रामीण पाइपगत जलापूर्ति योजनाओं के संचालन और रखरखाव पर ध्यान केंद्रित किया गया है।