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कश्मीर को चिनाब घाटी से जोड़ने वाली प्रमुख सड़कों को अस्थायी रूप से बंद करने का आदेश

श्रीनगर, 29 दिसंबर (हि.स.)। बर्फबारी की आशंका और फिसलन भरी सड़क स्थितियों को देखते हुए अधिकारियों ने सोमवार को कश्मीर को चिनाब घाटी से जोड़ने वाली प्रमुख सड़कों को अस्थायी रूप से बंद करने का आदेश दिया।

कोकरनाग के उप-मंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) प्रिंस कुमार ने कश्मीर को किश्तवाड जिले से जोड़ने वाली दकसुम-सिंथन टॉप-छत्रू सड़क (एनएच-244) और गौराण-मार्गन टॉप सड़क पर वाहनों का आवागमन निलंबित करने का आदेश दिया। एक आधिकारिक आदेश में एसडीएम ने कहा, ‘28 और 29 दिसंबर की दरमियानी रात को हुई बर्फबारी और आने वाले दिनों में और बर्फबारी की आशंका के कारण ये मार्ग वाहनों के आवागमन के लिए असुरक्षित हो गए हैं।’ आदेश में कहा गया है कि यह निर्णय ‘जन सुरक्षा के हित में’ लिया गया है और दोनों सड़कों पर यातायात अगली सूचना तक निलंबित रहेगा।

आदेश में कहा गया है, ‘संबंधित विभागों द्वारा बर्फ हटाने और मार्गों के यातायात के लिए उपयुक्त प्रमाणित होने के बाद ही सड़कें फिर से खोली जाएंगी।’ लारनू के स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) को निर्देश दिया गया है कि वे निर्धारित नाका बिंदुओं पर बैरिकेड लगाकर और बंद की अवधि के दौरान किसी भी अनधिकृत आवाजाही को रोककर बंद का सख्ती से पालन करवाएं। अधिकारियों ने जनता और सभी संबंधित विभागों से अप्रिय घटनाओं से बचने के लिए आदेश का सख्ती से पालन करने की अपील की है।

कश्मीर को चिनाब घाटी से जोड़ने वाली सड़कें सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण लगभग छह महीने तक बंद रहती हैं। किश्तवाड शहर डोडा होते हुए श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ा रहता है लेकिन लगभग 40 गांवों में बसे लगभग 40,000 लोगों की आबादी वाले सुदूर जुड़वां घाटियां मरवा और वारवान सर्दियों के दौरान जिला मुख्यालय से पूरी तरह कट जाती हैं।

दक्षिण कश्मीर के कोकरनाग से घाटियों को जोड़ने के लिए 2007 में खोला गया 100 किलोमीटर लंबा लरनू-मार्गन टॉप-वारवान मार्ग बाहरी दुनिया से उनका एकमात्र संपर्क मार्ग है। इसके बंद होने पर निवासी या तो किश्तवाड पहुंचने के लिए लंबी दूरी पैदल तय करते हैं या कोकरनाग-सिंथन मार्ग से यात्रा करने के लिए गर्मियों तक इंतजार करते हैं। इस बीच दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले को पीर पंजाल क्षेत्र के राजौरी और पुंछ से जोड़ने वाली मुगल रोड खुली है लेकिन बर्फबारी दोबारा होने पर इसे बंद किया जा सकता है। इससे पहले पीर की गली में हल्की से मध्यम बर्फबारी और बर्फ जमा होने के कारण सड़क को बंद कर दिया गया था।

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