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ओएनजीसी ड्रिल साइट से गैस रिसाव, इलाके में हड़कंप

अमलापुरम, 05 जनवरी (हि.स.) आंध्र प्रदेश के डॉ. बीआर अंबेडकर कोनासीमा जिले के मलिकीपुरम मंडल स्थित इरुसुमांडा में सोमवार को अचानक तेल और प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) की ड्रिल साइट से गैस का रिसाव होने से हड़कंप मच गया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लगभग 20 मीटर ऊंची तेज गैस की धारा निकल रही है, जिससे आसपास के ग्रामीण और ओएनजीसी कर्मचारी डरकर भाग गए। रिसाव घटना तीन घंटे से जारी है।

राज्य राजस्व विभाग के अधिकारी और तहसीलदार श्रीनिवास राव ने मौके का निरीक्षण किया। उसके बाद उन्होंने कहा कि ओएनजीसी के वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दे दी गई है और कंपनी के तकनीकी विशेषज्ञ घटनास्थल पर आ रहे हैं। इस घटना के कारण स्थानीय लोग अफरातफरी में हैं।

गांव खाली, नारियल के पेड़ जल रहे

राजस्व अधिकारियों की सतर्कता के कारण स्थानीय लोगों ने अपने गांव खाली कर दिए हैं। इरुसुमांडा में कई नारियल के पेड़ आग की चपेट में हैं और तेज आवाजों से आसपास के लोग परेशान हैं। अनुमान है कि लगभग 500 से अधिक नारियल के पेड़ जल गए हैं। जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और सांसद मौके पर हालात पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने बताया कि पांच किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने लिया संज्ञान

राज्य के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने घटना की जानकारी ली और ओएनजीसी के 05 नंबर कुएं में लगी आग के संबंध में अधिकारियों से पूछताछ की। उन्होंने राज्य मंत्री अत्चन्नायडू, सुभाष और अन्य अधिकारियों से बातचीत कर राहत कार्यों को तेज़ करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया कि गांववासियों को कोई परेशानी न हो और उन्हें सुरक्षित जगहों पर स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने आग पर काबू पाने के लिए तुरंत कदम उठाने और जिला अधिकारियों को ओएनजीसी प्रतिनिधियों के साथ समन्वय करने का निर्देश भी दिया।

मास्क वितरण और सुरक्षा उपाय

राज्य के मंत्री अत्चन्नायडू ने कहा कि स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि लोगों को मास्क वितरित किए जाएं, ताकि वे गैस के असर से सुरक्षित रह सकें। उन्होंने ओएनजीसी के तकनीकी विशेषज्ञों को तुरंत घटनास्थल पर पहुंचने का आदेश दिया और राहत कार्यों की निगरानी करने को कहा है।

यह घटना क्षेत्र के निवासियों और कर्मचारियों के लिए गंभीर खतरा बनी हुई है, और अधिकारियों द्वारा राहत एवं सुरक्षा कार्य जारी है।———-

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