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उप्र बजट : श्री अयोध्या तीर्थ विकास परिषद को 150 करोड़ व नैमिषारण्य, काशी, मथुरा क्षेत्र के लिए 100-100 करोड़ रुपये का प्रावधान

-पर्यटन क्षेत्र में बढ़ेगी महिला भागीदारी, महिला गाइडों की लाइसेंस शुल्क को माफ करने की घोषणा

-पर्यटन नीति-2022 के प्रावधानों का वर्ष 2032 तक होगा विस्तार, 50 हजार नये होम स्टे कमरे बनाने का लक्ष्य

-मुख्यमंत्री पर्यटन स्थल विकास योजना के तहत 500 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान

लखनऊ, 11 फरवरी(हि.स.)। उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में आज वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में पर्यटन और संस्कृति को विशेष महत्व देते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। जिसमें सबसे उल्लेखनीय घोषणा महिला गाइडों से लिये जाने वाले लाइसेंस शुल्क को माफ करना और यूपी पर्यटन नीति-2022 के प्रवाधानों और लाभों का विस्तार 2032 तक करने की रही। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में पर्यटकों के लिए आवसीय सुविधा के विकास के लिए वर्ष 2026-27 में 50 हजार नये होमस्टे कमरों के विकास का लक्ष्य रखा है।

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने अपने बजट भाषण में मुख्यमंत्री पर्यटन स्थलों के विकास कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि ये प्रदेश की आध्यात्मिक धरोहर और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ प्रदेश में पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में ठोस कदम है। साथ ही वित्त मंत्री ने पिछले नौ वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप पर्यटन क्षेत्र में हासिल हुई उपलब्धियों के लिए आभार भी व्यक्त किया।

वित्त मंत्री ने पर्यटन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने उद्देश्य से बजट भाषण में महिला गाइडों के लिए 10 हजार रुपये के गाइड लाइसेंस शुल्क को माफ करने की घोषणा की है। साथ ही वित्त मंत्री ने यूपी पर्यटन नीति 2022 के प्रावधानों और लाभों को वर्ष 2032 तक बढ़ाने की घोषणा की है। साथ ही पर्यटकों के लिए आवासीय सुविधा में वृद्धि के लिए 50 हजार नये होम स्टे कमरे बनाने का लक्ष्य रखा गया है। जिन्हें हैरीटेज, शहरी व ग्रामीण के साथ-साथ सुविधाओं के आधार पर सिल्वर तथा गोल्ड के दो स्तरों में वर्गीकरण किया जाएगा। वहीं ब्रान्डेड संचालकों को होम स्टे आवास पट्टे पर लेने की अनुमति भी प्रदान की गई है। इनके 100 प्रतिशत डिजिटल पंजीकरण, सिंगल विन्डों क्लीरियन्स सिस्टम की सुविधा दी भी जाएगी।

पर्यटन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की प्रगति को उल्लेख करते हुए वित्त मंत्री ने बजट भाषण में बताया कि वर्ष 2025 के पहले छह महीनों में प्रदेश में सर्वाधिक में लगभग 122 करोड़ पर्यटक आए। प्रदेश में पर्यटकों के इस बढ़ते हुए प्रवाह को देखते हुए मुख्यमंत्री पर्यटन स्थल विकास योजना के तहत बजट में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं अयोध्याधाम में पर्यटन अवस्थापना के लिए श्री अयोध्या तीर्थ विकास परिषद को 150 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। वहीं नैमिषारण्य तीर्थक्षेत्र, विंध्यवासिनी धाम और वाराणसी में पर्यटक सुविधाओं के विस्तार के लिए 100-100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही धर्मार्थ कार्य विभाग की ओर से जनपद मिर्जापुर के त्रिकोणीय क्षेत्र, माँ विन्ध्यवासिनी मंदिर, माँ अष्टभुजा मंदिर, माँ काली खोह मंदिर के परिक्रमा पथ एवं जनसुविधा स्थलों को विकासित किये जाने के लिए 200 करोड़ रूपये की राशि प्रस्तावित की गई है। इसके अलावा, प्रदेश के संरक्षित मंदिरों के जीर्णोद्धार और पुनर्निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये का प्राविधान है, जो पवित्र स्थलों की गरिमा बढ़ाने के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधा में भी बढ़ोत्तरी करेगा।

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने पर्यटन, संस्कृति और धर्माथ कार्य विभाग की उपलब्धियां बताते हुए कहा अयोध्या में रामपथ का निर्माण कार्य अब पूर्ण होने की ओर अग्रसर है, जिससे लाखों श्रद्धालुओं को सुगम यात्रा का अनुभव मिलेगा। साथ ही काशी में वैदिक विज्ञान केन्द्र और प्रयागराज में निषादराज गुहा सांस्कृतिक केन्द्र की स्थापना भी की जा चुकी है। वहीं बलरामपुर में थारू जनजाति को समर्पित संस्कृति संग्रहालय, वाराणसी में स्व. लाल बहादुर शास्त्री और बटेश्वर में भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी के गांव में संग्रहालय और संकुल का निर्माण पूरा होकर लोकार्पित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि लखनऊ के ऐशबाग में भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर स्मारक एवं सांस्कृतिक केन्द्र का निर्माण कार्य जारी है। साथ ही अयोध्या, मथुरा-वृन्दावन, काशी-सारनाथ, प्रयागराज जैसे प्रदेश के प्रमुख तीर्थ स्थलों में अवसंरचना और पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।

बजट 2026-27 की ये सभी घोषणाएं उत्तर प्रदेश को पर्यटन और सांस्कृतिक के हब के रूप में स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगीं। साथ ही प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों के विकास से स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने, रोजगार सृजन एवं प्रदेश की समृद्ध विरासतों के संरक्षण, संवर्धन के साथ उन्हें पर्यटकों की फेवरेट डेस्टिनेशन बनाने में भी सहायक सिद्ध होंगी। यह बजट प्रदेश की आस्था, संस्कृति और विकास के अद्भुत समन्वय का उदाहरण है।

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