उत्तर प्रदेश अब रुकने वाला नहीं, विकसित भारत का बनेगा मजबूत स्तंभ : वैश्य नटवर गोयल

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मीरजापुर, 24 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की पहचान अब अराजकता या भय से नहीं, बल्कि सुरक्षा, सुशासन और स्वरोजगार से होती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब बीमारू नहीं, बल्कि विकास का ब्रांड बन चुका है। उत्तर प्रदेश अब सिर्फ देश का सबसे बड़ा राज्य नहीं, बल्कि भारत के विकास का मजबूत स्तंभ बन चुका है। यह बातें उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड के उपाध्यक्ष वैश्य नटवर गोयल ने उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस-2026 के अवसर पर भव्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही।

महुवारिया स्थित जीआईसी मैदान पर ‘विकसित उत्तर प्रदेश–विकसित भारत’ की थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में सरकार की विकास नीति, सांस्कृतिक विरासत और जनकल्याण योजनाओं का सशक्त प्रदर्शन देखने को मिला। कार्यक्रम का शुभारंभ फीता काटकर व दीप प्रज्वलन कर किया गया।

अब व्यापारी डरता नहीं, देर रात तक व्यापार करता है

अपने उद्बोधन में गोयल ने कहा कि एक समय था जब व्यापारी शाम ढलते ही दुकानें बंद कर लेते थे, लेकिन आज योगी सरकार में व्यापारी सम्मानित और सुरक्षित है। महिलाएं निर्भय होकर आवागमन कर रही हैं और कानून व्यवस्था प्रदेश की पहचान बन चुकी है। उन्होंने कहा कि लघु उद्योगों को 5 लाख रुपये तक बिना ब्याज और बिना गारंटी ऋण देकर सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर बना रही है। एक जनपद–एक उत्पाद योजना से स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान मिल रही है।

15.22 करोड़ की सौगात, महिला शक्ति को नई उड़ान

कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को 15 करोड़ 22 लाख रुपये की धनराशि सीआईएफ एवं आरएफ के अंतर्गत डेमो चेक के रूप में प्रदान की गई। इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

योजनाएं मंच पर, लाभ जमीन पर

उत्तर प्रदेश दिवस के मंच से विकास की झलक साफ दिखी। वृद्धावस्था पेंशन स्वीकृति पत्र बांटे गए। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना व विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत डेमो चेक व टूल किट दिए गए। किसानों को फसल बीमा प्रमाण पत्र, 15 दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल, मेधावी छात्रों को सम्मान और जल संरक्षण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र दिया गया।

संस्कृति ने बांधा समा

संस्कृति विभाग, लखनऊ के कलाकारों और स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत लोकनृत्य, लोकगीत और देशभक्ति गीतों ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। बिरसा मुंडा के जीवन पर आधारित प्रस्तुति ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

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