
हल्द्वानी, 08 फरवरी 2026 (हि.स.)।उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय ने उप कारागार हल्द्वानी में कैदियों को उच्च शिक्षा से जोड़ने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया है। विश्वविद्यालय ने जेल परिसर में विशेष अध्ययन केंद्र स्थापित किया, जिससे कैदी अब जेल में रहते हुए भी विभिन्न पाठ्यक्रमों में निःशुल्क प्रवेश ले सकेंगे।
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय ने हल्द्वानी उप कारागार में बंद कैदियों को उच्च शिक्षा से जोड़ने के लिए रविवार को एक विशेष अध्ययन केंद्र स्थापित किया। इसके जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
इस मौके पर विश्वविद्यालय के निदेशक (क्षेत्रीय सेवाएं) प्रो. गिरिजा पांडे ने कहा कि शिक्षा का लाभ सभी तक पहुंचना चाहिए और इस पहल से कैदियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह कदम कैदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में मदद करेगा।
उपनिदेशक प्रो. एम एम जोशी ने विश्वविद्यालय के विभिन्न पाठ्यक्रमों और निःशुल्क प्रवेश की जानकारी दी। सहायक क्षेत्रीय निदेशक रेखा बिष्ट ने बताया कि यह अध्ययन केंद्र कैदियों को उच्च शिक्षा में समान अवसर प्रदान करने की दिशा में विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
डिप्टी जेलर अमित कुमार और रचित बाउंटियल ने भी इस पहल की सराहना की और कहा कि शिक्षा प्रत्येक व्यक्ति का मौलिक अधिकार है।
जेल अधीक्षक प्रमोद कुमार ने भी कार्यक्रम की सफलता और महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में उप कारागार से कैदी उपस्थित रहे और उन्होंने इस पहल को लेकर उत्साह व्यक्त किया। विश्वविद्यालय का यह कदम न केवल कैदियों के पुनर्वास के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि समाज में शिक्षा की सर्वसुलभता और समान अवसर की भावना को भी मजबूत करता है।