संस्कृति, विकास एवं नवाचार के मॉडल के रूप में उभरी अयोध्या: त्रिपाठी

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-प्रदेश के महापौर सम्मेलन में एक-दूसरे से साझा किए गए नवाचार

अयोध्या, 28 दिसंबर (हि.स.)। प्रदेश के महापौर सम्मेलन में नवाचारों पर मंथन किया गया। महापौरों ने अपने यहां किए गए नवाचार से परिचित कराया तो अन्य महापौर ने उसे अपनाने का संकल्प जताया। दीप प्रज्ज्वलन के साथ शुरू हुए सम्मेलन में अयोध्या के महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा कि अयोध्या संस्कृति, विकास और नवाचार के मॉडल के रूप में विश्व फलक पर उभरी है।

उन्होंने कहा कि कभी अयोध्या के प्रवेश द्वार पर कोयला मंडी की कालिख डराती थी। कोयला मंडी के विस्थापन के लिए किए गए खुद के संघर्ष को याद करते हुए उन्होंने कहा कि अब प्रवेश द्वार अयोध्या की भव्यता का एहसास कराता है। उन्होंने पेयजल एवं स्वच्छता के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचार की चर्चा करते हुए बताया कि स्मारक में रानी हो की मूर्ति लगने से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में दो हजार वर्षों का संबंध जीवंत हुआ है। राम की पैड़ी पर नित्य दीपावली का दृश्य रहता है। तीन पारियों में नगर की सफाई मानव श्रम के साथ ऑटोमेटिक स्वीपिंग मशीन से कराई जा रही है। हर घर तक सरयू जल पहुंचाने की योजना जल्द ही साकार होगी। अयोध्या की सीमा में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं को राम गाथा से जुड़ी पेंटिंग और ध्वनि विस्तारक यंत्र से गूंजने वाली रामधुन आध्यात्मिक चेतना का एहसास कराती है। नगर की सरकार आपके द्वार अभियान से समस्या निदान के साथ ही जनता की पसंद से विकास की गाथा लिखी जा रही है। दक्षिण भारत को अयोध्या के विभिन्न प्रकल्पों से जोड़कर भावनात्मक रूप से एक किया जा रहा है।

महापौर संघ के अध्यक्ष उमेश गौतम ने बताया कि बाबा विश्वनाथ के बाद प्रदेश का दूसरा कॉरिडोर बरेली में नाथ कॉरिडोर बन रहा है। महाभारत काल के मंदिर बरेली की पहचान हैं। वहां वाटर बॉडी का इस तरीके से रखरखाव किया जा रहा है कि वह पर्यावरण संरक्षण का केंद्र बन रहा है। उन्होंने पार्षदों को व्यवस्थित ढंग से कार्य करने की सलाह दी। पार्षद से सांसद और प्रदेश अध्यक्ष तक पहुंचने का उदाहरण भी दिया।

कानपुर की प्रमिला पांडेय ने राममंदिर आंदोलन से अपने जुड़ाव का वर्णन करते हुए विवाह के लिए गरीबों को मंगलमभवन मात्र 11 हजार रुपये में उपलब्ध कराने का उदाहरण दिया। उन्होंने पार्षदों को आने वाली चुनौतियों से निपटाने का तरीका बताया।

झांसी के महापौर बिहारी लाल आर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश न केवल अपराध मुक्त हुआ है, बल्कि विकसित उत्तर प्रदेश रामराज्य के रूप में पूरी देश में पहचाना जा रहा है। उन्होंने रानी लक्ष्मीबाई को याद करते हुए भगवान राम की अयोध्या और चित्रकूट के पुराने रिश्ते को रेखांकित किया।

लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल ने बताया कि 6.50 लाख मैट्रिक टन कूड़ा हटवा कर प्रेरणास्थल का निर्माण कराया है, जहां श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीनदयाल उपाध्याय, अटल बिहारी वाजपेयी की 65 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित हुई है। उन्होंने बताया कि 1200 इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने से पेट्रोल वहां बंद कर खर्च पर नियंत्रण पाया है। गमला बनाने की मशीन, मियावाकी पार्क, नारियल के गोले से जूट निकालकर रस्सी बनाने की मशीन लगाने के नवाचारों से परिचित कराया।

सहारनपुर के महापौर डॉ. अजय सिंह ने कहा कि आज का पार्षद कल का विधायक है, इसलिए अपने कार्यकाल में ऐसे कार्य करें, जो नजीर बने। उन्होंने भाषा संकुल का निर्माण, गोबर से पेंट एवं पेस्टिसाइड बनाने के नवाचारों पर प्रकाश डाला। मुरादाबाद के विनोद अग्रवाल ने स्मार्ट सिटी बनाने की दिशा में किए गए कार्य एवं विरासत संरक्षण, हनुमान वाटिका, संस्कृति पथ, रामपथ, टैक्स वृद्धि आदि प्रकल्पों की जानकारी दी। गोरखपुर के डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने अर्बन फ्लड मैनेजमेंट एवं जल के प्राकृतिक शुद्धिकरण के प्रकल्प की जानकारी दी। निशा नायर ने नगर निगम के सफाई संबंधी प्रेजेंटेशन दिया। सम्मेलन के पूर्व प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम का प्रसारण किया गया। नगर विकास मंत्री डॉ.एके शर्मा जूम के माध्यम से सम्मेलन से जुड़े। अपने संबोधन में अयोध्या की उपेक्षा के लिए पिछली सरकारों को जिम्मेदार ठहराया और नगर निगम की उपलब्धियां पर विस्तार से प्रकाश डाला।

नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया। संचालन अपर नगर आयुक्त डॉ. नागेंद्र नाथ ने किया। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह, भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष प्रिया अग्रवाल विशेष रूप से मौजूद रहीं।अतिथियों का स्वागत भगवान राम की प्रतिमा, रामचरितमानस, हृदय में राम पुस्तक, शाल भेंट कर उपसभापति राजेश गौड़, पार्षद अनुज दास, बृजेंद्र सिंह, विशाल पाल, अनिल सिंह, चंदन सिंह, अभय श्रीवास्तव, संतोष सिंह, दीप कुमार, अमित गुप्त, विश्वजीत, अजय पांडे, विनय जायसवाल, हरिशचंद्र गुप्त, अंकित तिवारी, सूर्यकुमार तिवारी सूर्या, रमाशंकर, सौरभ सिंह, धर्मेंद्र मिश्र, सुफियान, जगतनारायन यादव, सुल्तान अंसारी, सलमान हैदर ने किया। इस मौके पर स्मारिका का विमोचन किया गया।

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