वैश्विक चुनौतियों के बीच रिकार्ड बना रहा हमारा निर्यात: आर्थिक सर्वेक्षण

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नई दिल्ली, 29 जनवरी (हि.स.)। वैश्विक चुनौतियों के बीच देश का निर्यात लगातार रिकार्ड बना रहा है। साल 2005 से 2024 तक भारत का सेवा क्षेत्र का निर्यात ढाई गुना बढ़ा है और इसकी हिस्सेदारी वैश्विक सेवाओं के निर्यात में लगभग 2 प्रतिशत से बढ़कर 4.3 प्रतिशत हो गई है। इसी अवधि में वस्तु व्यापार (मर्चेंडाइज) निर्यात भी दोगुना होकर 1 प्रतिशत से बढ़कर 1.8 प्रतिशत तक पहुंच गया है। वित्तवर्ष 2025-26 में भारत का कुल निर्यात रिकॉर्ड 825.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया! इसमें सेवा क्षेत्र का योगदान सबसे अधिक रहा। यह पिछले वित्तवर्ष की तुलना में 13.6 प्रतिशत बढ़कर 387.6 बिलियन डॉलर के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद भवन में पेश किए आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में यह जानकारी दी। सर्वेक्षण में बताया गया कि वैश्विक झटकों और अनिश्चितताओं के बावजूद भारत का निर्यात लगातार बढ़ रहा है। वित्तवर्ष 2025-26 में देश का कुल निर्यात रिकॉर्ड 825.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है। साथ ही दूरसंचार उपकरणों के निर्यात में 51.2 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई। इलेक्ट्रॉनिक्स, दवाइयां और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में निर्यात में तेजी से उछाल आया।

कृषि निर्यात की बात करें तो पिछले पांच सालों में कृषि निर्यात में 16 बिलियन डॉलर की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। साल 2020-21 में जहां कृषि निर्यात 34.5 बिलियन डॉलर था, यह वित्तवर्ष 2025-26 तक बढ़कर 51.1 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया है। आने वाले चार सालों में कृषि, समुद्री उत्पादों और खाद्य-पेय पदार्थों का संयुक्त निर्यात 100 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की संभावना है।

आर्थिक सर्वेक्षण में बताया गया कि देश की वैश्विक व्यापार में हिस्सेदारी लगातार बढ़ा रही है, नए बाजारों और उत्पादों में विविधता आ रही है और उच्च मूल्य वाले विनिर्माण क्षेत्रों में मजबूत प्रदर्शन कर रहा है।

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