रामलला प्रतिष्ठा दिवस की वर्षगांठ पर रिलीज हुआ गीत ‘मेरे राम’

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लखनऊ, 21 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की राम नगरी अयोध्या में 22 जनवरी 2024 को राम मंदिर का भव्य उद्घाटन हुआ था, जहां रामलला की मूर्ति स्थापित की गई। उस ऐतिहासिक दिन के ठीक एक दिन पहले बुधवार 2026 में भगवान राम पर एक हिंदी गीत ‘मेरे राम’ रिलीज हुआ है। हालांकि इस गीत का संबंध न तो अयोध्या से है, न मूर्ति स्थापना से। यह उस राम का गीत है जो हर पल, हर क्षण आपके साथ रहते हैं और मन से पुकारिये तो हर समस्या का समाधान बनकर प्रकट हो जाते हैं। इस गीत के गीतकार हिंदी-भोजपुरी के प्रख्यात कवि मनोज भावुक हैं।

भोजपुरी फिल्म ‘मेहमान’ का यह गीत आज ही एस. आर. के म्यूजिक चैनल पर रिलीज हुआ है। दिसंबर 2025 में सिनेमाघरों में रिलीज इस फिल्म के नायक अरविंद अकेला कल्लू हैं। यह गीत उन्हीं की आवाज़ में है।

निर्माता रोशन सिंह और सह-निर्माता शर्मिला आर. सिंह निर्मित्त इस फिल्म के निर्देशक लाल बाबू पंडित हैं। इस भोजपुरी फिल्म के 9-10 गीतों में सिर्फ यही एक गीत हिंदी में है। शायद राम की व्यापकता को ध्यान में रखकर इसे हिंदी में रखा गया है। इस राम गीत के संगीतकार भोजपुरी फिल्मों के ख्यातिलब्ध लेखक-निर्देशक-संगीतकार रजनीश मिश्रा हैं।

गीतकार मनोज भावुक ने बताया कि आज के भोजपुरी फिल्म के गीतों ने लोगों को भोजपुरी सिनेमा से ही दूर कर दिया है। ऐसे में गीतकार मनोज भावुक एक उम्मीद की किरण बन कर आये हैं। वह शैलेन्द्र, मजरूह, अंजान और लक्ष्मण शाहाबादी के भोजपुरी गीतों की याद दिलाते हुए आज के जमाने की बात करते हैं।

जहां तक फिल्म की बात है तो फिल्म ‘मेहमान’ एक पारिवारिक मनोरंजक फिल्म है, जो समाज को एक सकारात्मक संदेश देती है। फिल्म में अरविंद अकेला कल्लू के साथ दर्शना बनिक, पूजा ठाकुर, समर्थ चतुर्वेदी, संजय पांडेय, विनोद मिश्रा, श्रद्धा नवल, रामसुजन सिंह, बीना पांडेय, संजीव मिश्रा, सोनू पांडेय, स्वस्तिका, अनु पांडेय, रिंकू आयुषी, अखिलेश वर्मा, माधवी श्री और विष्णु कुमार जैसे दमदार कलाकारों ने अभिनय किया है।

दरअसल गीतकार मनोज भावुक और संगीतकार रजनीश मिश्रा की जोड़ी जब भी साथ आती है, कमाल ही करती है। बात चाहे, फिल्म ‘मेहंदी लगा के रखना’ के गीत “तोर बउरहवा रे माई” की हो या हाल ही में रिलीज फिल्म ‘दुल्हिनिया नाच नचावे’ या फिल्म’ आपन कहाये वाला के बा’ के सभी गीतों की, इस जोड़ी ने इतिहास रचा है।

मनोज भावुक सिर्फ गीतकार ही नहीं, बल्कि टेलीविजन पत्रकार, सुप्रसिद्ध साहित्यकार, संपादक और जाने-माने शायर भी हैं। भोजपुरी सिनेमा पर लिखी उनकी पुस्तक ‘भोजपुरी सिनेमा के संसार’ उन्हें इस सिनेमा का इनसाइक्लोपीडिया कहा जाने का हक़ देती है। उन्हें फ़िल्मफेयर, फ़ेमिना, दिल्ली प्रेस, भारतीय भाषा सम्मान एवं अनेक अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त है।

गीत बोल

ये अन्धी गलियां हैं, इनमें भटक रहे नर-नारी

रंक की बात करूँ क्या मै, जब राजा यहाँ भिखारी

तुम बिन सब कुछ लगे अधूरा, तुम बिन सब बेकाम

… मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम

तोड़ के सारे बंधन मै भी द्वार तुम्हारे आया

नींद से जागा, होश में आया, तुम बिन मन घबराया

तुम ही हो रघुवर मेरे इस चित्त में आठों याम

… मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम

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