
कानपुर, 18 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने रविवार को स्वरूप नगर स्थित राजकीय बाल सुधार गृह (बालिका) का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बालिकाओं से सीधे संवाद कर शैक्षणिक, आवासीय, पोषण तथा मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
राज्यपाल ने बालिकाओं को कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़ने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि संस्थागत देखरेख का उद्देश्य केवल संरक्षण नहीं, बल्कि बालिकाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त नागरिक बनाना है। संवाद के दौरान बालिकाओं ने राज्यपाल के प्रश्नों के उत्तर आत्मविश्वास के साथ दिए।
राज्यपाल ने कहा कि शिक्षित और संस्कारित बेटियां समाज को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यदि बालिकाएं नियमित रूप से डायरी लेखन की आदत डालें तो इससे आत्ममूल्यांकन, अनुशासन और लक्ष्यबद्ध जीवन शैली विकसित होती है।
राज्यपाल ने राजभवन से लाई गई पुस्तकें एवं अन्य उपयोगी सामग्री बालिकाओं को भेंट की। बालिकाओं ने भी स्वयं निर्मित पेंटिंग्स और स्मृति चिह्न राज्यपाल को भेंट कर आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर की उन छात्राओं से भी राज्यपाल ने बातचीत की, जो बालिका गृह की बालिकाओं की मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग से जुड़ी हैं। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि मानसिक परामर्श बालिकाओं के भावनात्मक संतुलन और पुनर्वास के लिए अत्यंत आवश्यक है।
राज्यपाल ने परिसर में स्थित पुस्तकालय, रसोईघर, भंडारगृह तथा आवासीय कक्षों सहित अन्य सुविधाओं का निरीक्षण किया। राजभवन की टीम ने व्यवस्थाओं का समग्र मूल्यांकन कर रिपोर्ट भी तैयार की, जिसके आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
इस दौरान मंडलायुक्त के. विजयेंद्र पांडियन, पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल, जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन व विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय पाठक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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