बीसीसीएल की स्टॉक मार्केट में जोरदार एंट्री, आईपीओ निवेशकों को जबरदस्त मुनाफा

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नई दिल्ली, 19 जनवरी (हि.स.)। कोयले का उत्पादन करने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी कोल इंडिया की सब्सिडरी भारत कोकिंग कोल लिमिटिड (बीसीसीएल) के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में जोरदार एंट्री करके अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 23 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई पर इसकी लिस्टिंग करीब 96 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 45.21 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर 145 रुपये के स्तर पर हुई। हालांकि लिस्टिंग के बाद मुनाफा वसूली शुरू हो जाने के कारण इस शेयर की चाल में थोड़ी गिरावट भी आई। सुबह 10:30 बजे तक का कारोबार होने के बाद कंपनी के शेयर 41.09 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। इस तरह अभी तक के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को 78.65 प्रतिशत का मुनाफा हो चुका है।

बीसीसीएल का 1,071.11 करोड़ रुपये का आईपीओ 9 से 13 जनवरी के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से शानदार रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 143.85 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 310.81 गुना (एक्स एंकर) सब्सक्राइब हुआ था। वहीं नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 240.49 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 49.37 गुना, एंप्लॉयीज के लिए रिजर्व पोर्शन 5.17 गुना और शेयर होल्डर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 87.20 गुना सब्सक्राइब हुए थे। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 46.57 करोड़ शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत जारी किए गए हैं।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में उतार चढ़ाव होता रहा है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 664.78 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 1,564.46 करोड़ रुपये हो गया। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी मुनाफे में कमी आई। इस साल कंपनी को 1,240.19 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 की अवधि में कंपनी को 123.88 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी मामूली उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 13,018.57 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 14,652.53 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में थोड़ा कम होकर 14,401.63 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 की अवधि में कंपनी को 6,311.51 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।

इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 664.72 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 1,805.73 करोड़ रुपये हो गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक ये 1,006.52 करोड़ रुपये के स्तर पर था। कंपनी पर कर्ज के बोझ की बात करें तो 30 सितंबर 2025 तक इस पर 1,559.13 करोड़ रुपये का कर्ज था।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 891.31 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 2,493.89 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 2,356.06 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी 30 सितंबर 2025 तक ये 459.93 करोड़ रुपये के स्तर पर रहा।

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