नाबालिग लड़कों से कराई उठक-बैठक
बांग्लादेश में डक्सू नेता का वीडियो वायरल, नाबालिग लड़कों से कराई उठक-बैठक
ढाका, 27 जनवरी (हि.स.(। बांग्लादेश में ढाका यूनिवर्सिटी सेंट्रल स्टूडेंट्स यूनियन (डक्सू) के कार्यकारी सदस्य सरबा मित्रा चकमा का नाबालिग लड़कों को सरेआम सजा देते हुए एक वायरल वीडियो सामने आया है। इससे परिसर में ‘विजिलेंटे’ (खुद कानून हाथ में लेने) की बढ़ती संस्कृति पर फिर से सवाल उठ रहे हैं। यह वीडियो क्लिप 06 जनवरी को शाम 4:44 बजे ढाका यूनिवर्सिटी के सेंट्रल खेल के मैदान में रिकॉर्ड की गई है। इसमें सरबा मित्रा चकमा कई बच्चों को कान पकड़कर बार-बार उठक-बैठक करने का आदेश देते दिख रहे हैं। उठक-बैठक बांग्लादेश के कानून के तहत प्रतिबंधित है।
ढाका ट्रिब्यून अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल क्लिप में मित्रा को बच्चों के पास हाथ में छड़ी लिए हुए भी देखा जा सकता है। बाद में इसी घटना के दो और वीडियो सामने आए। इनमें सजा दोहराई जा रही थी। एक और क्लिप में बच्चों के एक और समूह को भी इसी तरह की सजा दी जा रही थी। इन क्लिप के वायरल होने पर मित्रा के खिलाफ सोशल मीडिया में गुस्सा फैल गया। कई लोगों ने सरबा मित्रा पर अपने अधिकार का गलत इस्तेमाल करने, बच्चों को अपमानित करने और कानून को अपने हाथ में लेने का आरोप लगाया।
बढ़ती आलोचना के बीच सरबा मित्रा ने सोमवार को फेसबुक पोस्ट में अपने इस्तीफे की घोषणा की। पछतावा जताया और दावा किया कि उन्होंने यह सब परिसर की सुरक्षा के लिए किया। डक्सू अधिकारियों और यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कहा कि उन्हें इस्तीफा या इस संबंध में कोई औपचारिक पत्र नहीं मिला है। रंगामती सदर उपजिला के सरबा मित्रा चकमा, समाजशास्त्र के तीसरे साल के छात्र हैं। उन्हें इस्लामी छात्र शिबिर समर्थित ओइक्योबोद्धो छात्र जोट पैनल से डक्सू कार्यकारी सदस्य चुना गया था। वह वहां एकमात्र आदिवासी प्रतिनिधि हैं। गठबंधन ने उन्हें “फासीवाद विरोधी आंदोलन के एक प्रमुख चेहरे” के रूप में प्रचारित किया था और परिसर में गरिमा और न्याय का वादा किया था। आलोचक अब उन वादों और उनकी कार्यशैली के विरोधाभासों को उजागर कर रहे हैं।
पिछले कई महीनों में सरबा मित्रा पर सड़क पर सामान विक्रेताओं, आगंतुकों और कथित आवारा लोगों से जुड़े अभियान के दौरान शारीरिक हमले, डराने-धमकाने और अनधिकृत “नैतिक पुलिसिंग” के बार-बार आरोप लगे हैं। विजय एकत्तर हॉल के आवासीय छात्र सिफत रिजवान ने बताया कि 16 जनवरी को दोएल चट्टार प्रवेश द्वार पर एक बाहरी टूर बस को लेकर हुए विवाद के बाद सरबा मित्रा साथियों के साथ आए और बस ड्राइवर व हेल्पर पर हमला किया। एक पूर्व छात्र ने हस्तक्षेप करने की कोशिश की, तो सरबा मित्रा ने उसे नजरअंदाज कर दिया।
एक अन्य छात्र जिया हॉल के राशिदुल इब्राहिम ने कहा कि पिछले साल नवंबर में सरबा मित्रा ने शहीद मीनार पर ड्रग्स ले जाने के संदेह में एक बाइकर को हिरासत में लिया और उससे पूछताछ की। जब कुछ नहीं मिला बाइक को नुकसान पहुंचाया। रात को उसी जगह सरबा मित्रा और उसके साथियों ने एक जोड़े से पूछताछ की। उसी महीने एक वीडियो सामने आया जिसमें सरबा मित्रा एक बुजुर्ग व्यक्ति को छड़ी से धमकाते हुए दिख रहे थे।
टीचर-स्टूडेंट सेंटर के एक कर्मचारी ने सुरक्षा कारणों से नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सरबा मित्रा ने लगभग एक महीने पहले सेंटर फॉर एडवांस्ड रिसर्च इन आर्ट्स एंड सोशल साइंस के पास कई सड़क दुकानदारों पर हमला किया था। रमना काली मंदिर गेट के पास के दुकानदारों ने भी इसी तरह की घटनाओं की पुष्टि की।
ढाका यूनिवर्सिटी के प्रॉक्टर सैफुद्दीन अहमद ने कहा कि वायरल वीडियो में जो हरकतें दिखीं, वे “पूरी तरह से उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर थीं।” उन्होंने कहा, “किसी भी डक्सू सदस्य को सजा देने का कोई अधिकार नहीं है,” और इस बात की पुष्टि की कि वाइस चांसलर की मंजूरी से एक कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि इस्तीफा देने से जांच नहीं रुकेगी। डक्सू के उपाध्यक्ष अबू शादिक कायमे ने इस घटना को मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया। डक्सू के महासचिव एसएम फरहाद ने कहा कि लिखित आवेदन के बिना किसी भी इस्तीफे पर विचार नहीं किया जाएगा।
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