प्रतिवर्ष 55 करोड़ यात्रियों को सेवाएं उपलब्ध कराता है परिवहन निगम : दयाशंकर सिंह

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लखनऊ, 31 दिसंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बुधवार काे बताया कि वर्तमान में परिवहन निगम के 280 बस स्टेशनों से प्रतिवर्ष लगभग 55 करोड़ यात्रियों को परिवहन की सुविधा उपलब्ध करायी जाती है। यात्रियों की सुविधा को सर्वाेच्च प्राथमिकता के व नवाचार अंतर्गत यात्रियों को सुगम, सुरक्षित, उच्चीकृत सुविधाओं के लिए नीतिनिर्माण कर सुविधाओं को समुन्नत बनाना, परिवहन निगम की प्रमुख प्राथमिकता है।

परिवहन मंत्री ने सिटिजन फस्ट इनिशिएटिव के अंतर्गत प्रदेश के बस स्टेशनों पर यात्री उन्मुख सेवाओं, साफ-सफाई, सुरक्षा एवं संचालन से सम्बन्धित व्यवस्था प्रभावी रुप से लागू करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि प्रवेश द्वार पर यात्री सहायता डेस्क किराया सूची, समय सारिणी, प्लेटफॉर्म जानकारी, शिकायत/राहत डेस्क की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये। हिंदी व अंग्रेज़ी में रूट, प्लेटफॉर्म, टिकट काउंटर, शौचालय, निकास आदि के साइन बोर्ड की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये।

मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड-रियल टाइम बस आगमन व प्रस्थान जानकारी उपलब्ध कराये जाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। दिव्यांगों के लिये शौचालय की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। उक्त श्रेणी के यात्रियों के लिये रैम्प, व्हीलचेयर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये।

परिवहन मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि ए श्रेणी के बस स्टेशन पर ए०सी० व नॉन ए०सी० वेटिंग रूम एवं अन्य श्रेणी के बस स्टेशनों पर नॉन ए०सी० वेटिंग रूम की सुविधा यात्रियों को उपलब्ध करायी जाये। वेटिंग रूम एवं यात्री शेड में बैठने की पर्याप्त जगह, आरामदायक कुर्सियां, पंखें एवं लाइट की समुचित व्यवस्था की जाये। जी०पी०एस० के माध्यम से वाहनों का आगमन प्रस्थान आटोमैटिकली अंकित होना सुनिश्चित किया जाय।

उन्हाेंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। यात्रियों की सुरक्षा हेतु पुलिस सहायता केन्द्र के लिये स्थान उपलब्ध कराया जाय। चिकित्सा सुविधा (फर्स्टएड) की सुविधा बस स्टेशन पर अनिवार्य रूप से रखी जाय।

परिवहन मंत्री ने साफ सफाई के विशेष निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शौचालय स्वच्छता मानक निरंतर सफाई, पानी, साबुन, सेनेटाइजर, दिव्यांग अनुकूल टॉयलेट की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये एव पब्लिक टायलेट की सफाई सुनिश्चित की जाय। कचरा प्रबंधन-सूखा व गीला कूड़ा डस्टबिन, नियमित कूड़ा संग्रह, वाहन के माध्यम से बस स्टेशन परिसर को स्वच्छ रखा जाये।

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