देसी व्यंजनों को ग्लोबल पहचान दिलाएगी योगी सरकार

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उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस पर लांच हुई ‘एक जनपद–एक व्यंजन’ योजना

ओडीओसी: अब दुनिया चखेगी उत्तर प्रदेश का हर स्वाद

लखनऊ, 24 जनवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वर्ष 2018 में उत्तर प्रदेश में शुरू की गई एक जनपद-एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना ने स्थानीय उद्योगों, कारीगरों और निर्यात को नई दिशा दी है। ओडीओपी के सफल क्रियान्वयन से प्रदेश के लाखों कारीगरों को स्वरोजगार मिला, निर्यात बढ़ा और यूपी की पहचान वैश्विक बाजारों तक पहुंची।

अब इसी सफलता मॉडल को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश की समृद्ध पाक-कला विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य से “एक जनपद–एक व्यंजन” यानी ओडीओसी (वन डिस्ट्रिक्ट-वन कुजीन) योजना की शुरुआत की है। यूपी दिवस के अवसर पर केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस योजना को शुरू करने की आधिकारिक घोषणा की।

ओडीओसी योजना का उद्देश्यओडीओसी योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जनपद से एक विशिष्ट, ऐतिहासिक और पारंपरिक व्यंजन की पहचान की जाएगी। इस योजना के प्रमुख उद्देश्य हैं-. प्रदेश की पारंपरिक पाक-कला विरासत का संरक्षण व संवर्धन. व्यंजन तैयार करने वाले स्थानीय कारीगरों, हलवाइयों का पंजीकरण. चयनित व्यंजनों का गुणवत्ता मानकीकरण, ब्रांडिंग और मार्केटिंग. राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यंजनों को पहचान दिलाना. स्थानीय आजीविका, स्वरोजगार व एमएसएमई सेक्टर को बढ़ावा

ओडीओपी की तर्ज पर ओडीओसी भी जमीनी स्तर पर रोजगार सृजन का एक प्रभावी माध्यम बनेगी, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। पैकेजिंग जीआई टैग और ई-कॉमर्स से स्थानीय व्यंजनों को वैश्विक मंच मिलेगा।इस योजना के अंतर्गत इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग के सहयोग से फूड पैकेजिंग, शेल्फ लाइफ बढ़ाने और सुरक्षित परिवहन पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। स्थानीय उद्यमियों को एफएसएसएआई सर्टिफिकेशन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। पारंपरिक फूड वेंडर्स को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स से जोड़ा जाएगा। चयनित व्यंजनों की जीआई टैगिंग कर उनकी प्रामाणिकता और अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही पर्यटन विभाग के सहयोग से प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों, धार्मिक स्थलों और महोत्सवों में ओडीओसी फूड स्टाल लगाए जाएंगे, जिससे पर्यटक एक ही स्थान पर उत्तर प्रदेश के विविध स्वादों का अनुभव कर सकें।

दुनिया तक पहुँचेगा यूपी का स्वादप्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि उत्तर प्रदेश का लगभग हर जनपद किसी न किसी विशिष्ट व्यंजन के लिए प्रसिद्ध है। जैसे आगरा का पंछी पेठा, मथुरा का ब्रजवासी पेड़ा, अयोध्या का रामआसरे पेड़ा, अलीगढ़ (इगलास) का चमचम, बाराबंकी की चंद्रकला, पूर्वांचल का बाटी-चोखा व लिट्टी-चोखा, लखनऊ की रेवड़ी व मलाई मक्खन, काशी की लौंगलता व मलइयो, संडीला (हरदोई) के लड्डू और कानपुर के समोसे। ऐसे सैकड़ों व्यंजन हैं, जो अपने शहर में तो लोकप्रिय हैं, लेकिन राज्य या देश से बाहर इन्हें सीमित पहचान मिली है। ओडीओसी योजना के माध्यम से यूपी के सभी 75 जनपदों के इन ऐतिहासिक व स्वादिष्ट व्यंजनों को दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।

गोरखपुर, 24 जनवरी (हि.स.)। एक जनपद, एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के जरिये जिलों के विशिष्ट उत्पादों तथा शिल्प को राष्ट्रीय और वैश्विक ख्याति दिलाने के बाद उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार अब जिलों के देसी व्यंजनों को ग्लोबल पहचान दिलाने जा रही है। इसका माध्यम बनेगा एक जनपद, एक व्यंजन (ओडीओसी) योजना। ओडीओसी में मंडलवार क्लस्टर तय कर व्यंजनों को शामिल किया गया है। गोरखपुर मंडल के क्लस्टर में लिट्टी चोखा मुख्य व्यंजन होगा। जबकि इसके साथ बुढ़ऊ चाचा की बर्फी, लहसुन वाले छोले समोसे, खोया आधारित मिठाई राम कचौरी, गुड़, मीठा समोसा, मालपुआ, दही चूड़ा, गुड़ की जलेबी, केला चिप्स, पेड़ा और लाल खोरमा को भी मंडल के अलग-अलग जिलों की व्यंजन सूची में स्थान दिया गया है।

वर्ष 2018 में उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ओडीओपी योजना शुरू की थी। इस योजना ने जिलों तक सिमटे रहे स्थानीय उत्पादों और विशिष्ट शिल्प को ग्लोबल पहचान दिलाने के साथ कारोबार और इसके जरिये रोजगार को नई ऊंचाई दी है। अब इस वर्ष के उत्तर प्रदेश दिवस पर लांच ओडीओसी योजना के माध्यम से जिलों के खास जायकों को व्यापक पहचान और बाजार दिलाने की तैयारी है। ओडीओसी (एक जिला एक व्यंजन) योजना से सरकार हर जिले के विशिष्ट व्यंजन को बड़े फलक पर पहचान दिलाएगी। साथ ही गुणवत्ता, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग में भी व्यंजन के व्यापार से जुड़े कारोबारियों की मदद करेगी। इन व्यंजनों को जीआई (भौगोलिक संकेतक) टैग भी दिलाया जाएगा और पर्यटन विभाग के सहयोग से प्रमुख पर्यटन स्थलों पर ओडीओसी में शामिल व्यंजनों के स्टॉल्स भी लगाए जाएंगे।

जिला प्रशासन ने बताया कि गोरखपुर मंडल के व्यंजन क्लस्टर में लिट्टी चोखा को शामिल किया गया है। गोरखपुर सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में देसी जायके के रूप में लिट्टी चोखा काफी मशहूर है। इसके साथ ही गोरखपुर मंडल के जिलों में कोई न कोई व्यंजन ऐसा है जो जिले के जायके के रूप में पहचान बना चुका है।

व्यंजन क्लस्टर

गोरखपुर मंडल (लिट्टी चोखा/राम कचौरी)

गोरखपुर – लिट्टी चोखा/लहसुन वाले छोले समोसे/बुढ़ऊ चाचा की बर्फी

महराजगंज – लिट्टी चोखा/रामकचौरी/गुड़/मीठा समोसा

देवरिया – मालपुआ/लिट्टी चोखा/दही चूड़ा/गुड़ की जलेबी

कुशीनगर – केला चिप्स/पेड़ा/लाल खोरमा

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