कर्नाटक में सबसे अधिक समय तक मुख्यमंत्री रहने का सिद्धारमैया ने बनाया रिकाॅर्ड

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रिकॉर्ड तोड़ने के लिए राजनीति नहीं की: सिद्धारमैया

बेंगलुरु, 06 जनवरी (हि.स.)। आज कर्नाटक की राजनीति के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। सिद्धारमैया ने राज्य में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले देवराज अरसू का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के लिए 6 जनवरी का दिन ऐतिहासिक है, क्योंकि उन्होंने राज्य में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड बनाया है। सिद्धारमैया अब तक 7 वर्ष और 239 दिन तक मुख्यमंत्री रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने देवराज अरसू के 2,789 दिनों के मुख्यमंत्री कार्यकाल के रिकॉर्ड तोड़ दिया। सिद्धारमैया अब राजनीतिक हलकों में ‘दखले रामैया’ के नाम से जाने जानें लगे हैं।

पहली बार 2013 में बने थे मुख्यमंत्री

कांग्रेस पार्टी के सशक्त नेता सिद्धारमैया अपनी राजनीतिक सूझबूझ और जनसमर्थन के बल पर नेतृत्व के शिखर पर पहुंचे हैं।

सिद्धारमैया ने पहली बार 2013 में मुख्यमंत्री का पद संभाला और 2013 से 2018 तक पांच साल का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा किया। अपने पहले कार्यकाल के दौरान सिद्धारमैया ने 1,829 दिनों तक मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। इसके बाद वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी की स्पष्ट बहुमत से जीत के बाद सिद्धारमैया ने 20 मई, 2023 को दूसरी बार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। आज उन्हाेंने अपने दूसरे कार्यकाल में सबसे लंबे कार्यकाल का देवराज अरसू का रिकॉर्ड तोड़ दिया है और राज्य के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्री बन गए हैं। इस बीच, सिद्धारमैया ने राज्य का बजट पेश करने में एक नया रिकॉर्ड भी बनाया है। उन्होंने अब तक कुल 16 बजट पेश किए हैं, जिससे वे कर्नाटक के इतिहास में सबसे अधिक बजट पेश करने वाले मुख्यमंत्री बन गए हैं।

लोक दल से कांग्रेस तक का राजनीतिक सफर

सिद्धारमैया के राजनीतिक करियर की शुरुआत लोक दल से हुई। बाद में वे जनता दल में शामिल हो गए और राज्य की राजनीति में एक प्रभावशाली नेता के रूप में उभरे। उन्होंने 2006 में जनता दल छोड़ दिया और कांग्रेस में शामिल हो गए। सिद्धारमैया ने कांग्रेस पार्टी को संगठित करने के लिए कड़ी मेहनत की और पार्टी के एक मजबूत नेता के रूप में उभरे।

मुख्यमंत्री के रूप में सबसे लंबे समय तक सेवा करने वालों की सूची में देवराज अरसू (7 वर्ष 239 दिन) शीर्ष पर हैं, उनके बाद एस. निजलिंगप्पा (7 वर्ष 175 दिन), रामकृष्ण हेगड़े (5 वर्ष 216 दिन) और बीएस. येदियुरप्पा (5 वर्ष 82 दिन) का स्थान आता है।

रिकॉर्ड तोड़ने के लिए राजनीति नहीं की: सिद्धारमैया

मैसूरु, 06 जनवरी (हि.स.)। समाज में आज भी असमानता मौजूद है और जब तक यह समाप्त नहीं होती तथा सभी को समान न्याय नहीं मिलता, तब तक वे संघर्ष करते रहेंगे और जनता के लिए काम करते रहेंगे। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने यह बात मंगलवार को मैसूरु स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत के दौरान कही।

राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री देवराज अरसू के शासनकाल के रिकॉर्ड की बराबरी करने से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि उन्होंने कभी रिकॉर्ड तोड़ने के उद्देश्य से राजनीति नहीं की। यह रिकॉर्ड संयोगवश बना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें यह जानकारी तक नहीं थी कि देवराज अरसू ने कितने वर्षों तक राज्य का नेतृत्व किया था। यह सब जनता के आशीर्वाद और समर्थन से संभव हो पाया है।

मुख्यमंत्री पद का कार्यकाल पूरा करने से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि इस विषय में निर्णय पार्टी नेतृत्व को लेना है। हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि वे अपना कार्यकाल पूरा करेंगे।

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि लंबे राजनीतिक जीवन ने उन्हें संतोष दिया है और जनता के लिए काम करना उनके लिए खुशी की बात है। उनके अनुसार राजनीति का असली अर्थ गरीबों, दलितों और पिछड़े वर्गों के हितों की रक्षा करना और उनके लिए काम करना है।

अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कभी मुख्यमंत्री बनने का सपना नहीं देखा था। उनकी अधिकतम इच्छा विधायक बनने की थी, लेकिन परिस्थितियों और अवसरों के चलते वे विधायक बने, मंत्री, उपमुख्यमंत्री, विपक्ष के नेता और अंततः मुख्यमंत्री भी बने। उन्होंने कहा कि उन्हें मिले अवसरों और जनता के विश्वास के कारण यह सब संभव हो सका।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवराज अरसू और वे दोनों मैसूरु से हैं और दोनों ने लंबे समय तक मुख्यमंत्री के रूप में सेवा दी है, हालांकि दोनों का कार्यकाल अलग-अलग कालखंडों में रहा। देवराज अरसू 1972 से 1980 तक मुख्यमंत्री रहे, जबकि वे स्वयं दो बार मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने दोहराया कि जब तक समाज में असमानता और अन्याय रहेगा, तब तक वे जनता के हितों के लिए संघर्ष करते रहेंगे।———

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