एसडीएम काेर्ट में भिड़े रीडर और अधिवक्ता

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हाथरस, 02 फ़रवरी (हि.स.)। एसडीएम काेर्ट में सोमवार को रीडर और अधिवक्ताओं के बीच विवाद हो गया, जो मारपीट में बदल गया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाते हुए कोतवाली में अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई हैं।

रीडर मुकुट बिहारी ने अपनी शिकायत में बताया कि 2 फरवरी को सुबह करीब 11:20 बजे वह अपने पटल पर काम कर रहे थे। उसी दौरान अधिवक्ता पुष्पेंद्र सिंह के जूनियर विमल कुमार बिना वकालतनामा दाखिल किए बंधक पत्र जमा करने की बात कहने लगे। नियमों के अनुसार वकालतनामा आवश्यक होने की बात पर विवाद शुरू हो गया। रीडर का आरोप है कि जूनियर ने अपने सीनियर अधिवक्ता को फोन कर उकसाया, जिसके बाद पुष्पेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे। अधिवक्ताओं ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी और उन पर हमला कर दिया। बचाव करने पर उन्हें दीवार में पटककर पीटा गया, जिससे उनके हाथ में फ्रैक्चर हो गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने किसी तरह बीच-बचाव कर उनकी जान बचाई।

दूसरी ओर, अधिवक्ता विमल कुमार ने आरोप लगाया है कि वह दोपहर करीब 12:30 बजे अपने एक पक्षकार के निजी मुचलके दाखिल कराने एसडीएम न्यायालय पहुंचे थे। उसी दौरान रीडर मुकुट बिहारी ने मुचलका दाखिल करने के बदले सुविधा शुल्क की मांग की। इनकार करने पर रीडर नाराज हो गए और उनके साथ गाली-गलौज व अभद्र व्यवहार करने लगे। विरोध करने पर रीडर ने फाइल सिलने वाला सूजा उठाकर उन पर हमला किया और लात-घूंसे मारे, जिससे उनकी उंगली और शरीर के अन्य हिस्सों में चोट आई। वरिष्ठ उप निरीक्षक बृजेश पांडेय ने बताया कि अधिवक्ता का मेडिकल करा दिया गया है। दोनों प्रार्थना पत्रों की जांच की जा रही है।

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