बिजनौर,22 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के बिजनाैर जनपद में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और वन विभाग के बीच हुए विवाद मामले में जिलाधिकारी ने जांच के आदेश दिए हैं। इस मामले में एडीएम प्रशासन अंशिका दीक्षित व एसपी सिटी कृष्ण गोपाल की एक संयुक्त टीम गठित कर दी है।
उल्लेखनीय है कि बीती 20 जनवरी को मेरठ-पौड़ी हाईवे पर गांव जीवनपुरी के पास आरक्षित वन क्षेत्र में निर्माण कार्य चल रहा था। आरोप है कि एनएचएआई के कर्मचारी जेसीबी के जरिए पेड़ों की जड़ें उखाड़ रहे थे। सूचना मिलने पर वन विभाग के एसडीओ ज्ञान सिंह, वन क्षेत्राधिकारी महेश चंद्र गौतम और वन दरोगा योगेंद्र कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान वन विभाग की टीम और एनएचएआई के इंजीनियर अनूप सिंह के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जो बाद में मारपीट में बदल गई। वन विभाग की टीम ने इंजीनियर को हिरासत में ले लिया! इसके बाद दोनों पक्षों में तनाव व्याप्त हो गया। घटना के बाद दोनों ओर से थाना शहर कोतवाली में तहरीर दी गई है।
यह मामला शासन स्तर तक पहुंचने के बाद जिलाधिकारी जसजीत कौर ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए अपर जिलाधिकारी प्रशासन अंशिका दी क्षित और एसपी सिटी कृष्ण गोपाल दाे सदस्यीय टीम गठित की है। डीएम ने कहा कि “पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। जांच टीम की रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले में एनएचएआई के इंजीनियर आशीष शर्मा का कहना है कि उक्त निर्माण के सम्बन्ध में नगर पालिका किरतपुर में शिकायत की गई है। वहां बताया गया है कि उक्त निर्माण के लिए पालिका परिषद द्वारा कोई परमिशन नहीं दी गई है। इस मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
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