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आतंकवाद को बढ़ाने वालों से पानी साझा नहीं कर सकता भारत: एस. जयशंकर

चेन्नई, 02 जनवरी (हि.स.)। केंद्रीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पाकिस्तान को कड़े और स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जो देश लगातार आतंकवाद को बढ़ावा देता है, वह भारत से जल संसाधनों को साझा करने की मांग नहीं कर सकता। उन्होंने साफ किया कि भारत अपनी सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा।

तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान संस्थान के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि भारत अपने नागरिकों को आतंकवाद से बचाने के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि विदेश नीति में यह स्पष्ट रूप से तय होना चाहिए कि कौन मित्र देश है और कौन शत्रु। भारत आतंकवाद को किसी भी रूप में स्वीकार नहीं कर सकता।

एस. जयशंकर ने कहा कि जो पड़ोसी देश लगातार आतंकवाद का समर्थन करता है, उसके खिलाफ भारत को खुद को सुरक्षित रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का पूरा अधिकार है। इस अधिकार का उपयोग कैसे और कब किया जाएगा, यह पूरी तरह भारत का संप्रभु निर्णय है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि भारत को क्या करना चाहिए या क्या नहीं करना चाहिए, यह कोई बाहरी ताकत तय नहीं कर सकती।

विदेश मंत्री ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि कोई देश एक साथ भारत में आतंकवाद फैलाने का प्रयास भी नहीं कर सकता और भारत से उसके जल संसाधनों को साझा करने की अपेक्षा भी नहीं रख सकता। उन्होंने कहा कि एक देश ने यह तय कर लिया है कि वह इच्छानुसार, स्थायी रूप से और बिना किसी पछतावे के आतंकवाद को जारी रखेगा।

जयशंकर ने आगे कहा कि वर्षों से आतंकवाद को बढ़ावा देने के कारण पाकिस्तान को एक अच्छा पड़ोसी देश नहीं कहा जा सकता। ऐसे में वह पड़ोसी होने से मिलने वाले किसी भी लाभ की उम्मीद भी नहीं कर सकता। भारत अपनी सुरक्षा, संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाता रहेगा।

विदेश मंत्री के इस बयान को भारत की सख्त और स्पष्ट विदेश नीति का संकेत माना जा रहा है, जिसमें आतंकवाद के मुद्दे पर किसी भी तरह की नरमी की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी गई है।

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