अमृतसर मंदिर ग्रेनेड हमला : एनआईए ने पंजाब के 3 सीमावर्ती जिलों में 10 ठिकानों पर की छापेमारी

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नई दिल्ली, 22 जनवरी (हि.स.)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अमृतसर के ठाकुर द्वारा सनातन मंदिर पर हुए ग्रेनेड आतंकी हमले के मामले में गुरुवार को पंजाब के तीन सीमावर्ती जिलों में कई ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई 2025 में हुए इस आतंकी हमले की जांच के तहत की गई, जिसमें अमृतसर, तरनतारन और गुरदासपुर जिलों के कुल 10 स्थानों पर तलाशी ली गई।

एनआईए के अनुसार, छापेमारी के दौरान मोबाइल फोन, अन्य डिजिटल उपकरण और अहम दस्तावेज समेत कई आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है। एजेंसी ने बताया कि 14 मार्च 2025 की रात अमृतसर के शेरशाह रोड स्थित खंडवाला क्षेत्र में ठाकुर द्वारा सनातन मंदिर के बाहर विस्फोट हुआ था। जांच में सामने आया कि यह हमला विदेश में बैठे आतंकी आकाओं के निर्देश पर किया गया था, जिन्होंने इलाके में आतंक फैलाने के लिए विस्फोटक और हथियारों की व्यवस्था की थी।

एनआईए की जांच में यह भी सामने आया कि यह मंदिर हमला पंजाब में हुए कई ग्रेनेड हमलों की श्रृंखला का हिस्सा था, जिन्हें अलग-अलग आतंकी संगठनों से जुड़े लोगों ने एक साजिश के तहत अंजाम दिया। एजेंसी के मुताबिक, मामले की जांच में यह खुलासा हुआ है कि विदेश में बैठे हैंडलर भारत में लोगों की भर्ती कर रहे थे और उन्हें फंडिंग देकर ग्रेनेड हमले करवाए जा रहे थे।

एजेंसी ने बताया कि राज्य पुलिस से जांच अपने हाथ में लेने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि अमृतसर मंदिर पर ग्रेनेड फेंकने की घटना को आरोपित विशाल और गुरसिदक ने अंजाम दिया था। इनमें से विशाल को एनआईए ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि गुरसिदक की मौत हो चुकी है।

जांच में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपितों को विस्फोटक शरणजीत कुमार ने उपलब्ध कराया था, जो कादियां, बटाला का रहने वाला है। शरणजीत घटना के बाद झारखंड और बिहार भाग गया था, जहां से उसे सितंबर में एनआईए ने गिरफ्तार किया। एजेंसी के अनुसार, शरणजीत को विदेश में बैठे आतंकी हैंडलरों से विस्फोटक और ग्रेनेड की खेप मिली थी।

एनआईए ने बताया कि शरणजीत ने गुरदासपुर जिले में एक स्थान पर तीन हैंड ग्रेनेड और एक पिस्तौल छिपाकर रखी थी, जिसे बाद में एजेंसी ने बरामद कर लिया।

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