इज़राइल ने सात वैश्विक संस्थाओं से संबंध तोड़े

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तेल अवीव, 14 जनवरी (हि.स.)। इज़राइल ने संयुक्त राष्ट्र के छह निकायों सहित सात वैश्विक संस्थाओं पर इजराइल विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए उनसे संबंध तोड़ने की घोषणा की है।

इजराइल के विदेशमंत्री गिदोन सा’आर ने मंगलवार को यह घोषणा की। फैसले के कारणों का उल्लेख करते हुए उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की संस्थाओं में इजराइल विरोधी रवैया अपनाये जाने का आरोप लगाया है। सा’आर ने सात अक्टूबर को यौन हिंसा के मामलों को नजरअंदाज करने के लिए महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए संयुक्त राष्ट्र संस्था की निंदा की और उस पर फिजूलखर्ची करने का आरोप जड़ा।

द टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट के अनुसार, विदेशमंत्री गिदोन सा’आर ने बताया कि इजराइल ने तुरंत प्रभाव से, बच्चों और सशस्त्र संघर्ष के लिए महासचिव के विशेष प्रतिनिधि के कार्यालय, लैंगिक समानता एवं महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए संयुक्त राष्ट्र संस्था यूएन वीमन, व्यापार और विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन, पश्चिमी एशिया के लिए संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक आयोग, सभ्यताओं का संयुक्त राष्ट्र गठबंधन, संयुक्त राष्ट्र ऊर्जा तथा प्रवासन एवं विकास पर वैश्विक मंच (जीएफएमडी) को छोड़ने का फैसला किया है। जीएफएमडी संयुक्त राष्ट्र की संस्था नहीं है।

उन्होंने इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि वह बच्चों और सशस्त्र संघर्ष के लिए महासचिव के विशेष प्रतिनिधि के कार्यालय के साथ सहयोग खत्म कर रहा है, क्योंकि उसने सशस्त्र संघर्ष में बच्चों पर अपनी वार्षिक रिपोर्ट में हमास और फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद के साथ इज‍़राइली सेना (आईडीएफ) को भी काली सूची में डाल दिया था।

इज़राइली विदेश मंत्रालय ने अन्य छह संस्थाओं पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा है कि वह अन्य वैश्विक निकायों के बारे में भी विचार कर रहा है।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले अमेरिका भी संयुक्त राष्ट्र की संस्थाओं समेत करीब 68 वैश्विक निकायों से बाहर हो चुका है।

पोंगल पर मादी की तमिल युवाओं से सस्टेनेबल खेती की अपील

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ई दिल्ली, 14 जनवरी (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पोंगल के अवसर पर तमिल युवाओं से सस्टेनेबल कृषि को अपनाने और पर्यावरण के अनुकूल खेती में अग्रणी भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि खेती को इस तरह विकसित किया जाना चाहिए, जिससे थाली भी भरी रहे, जेब भी भरी रहे और धरती भी सुरक्षित रहे। प्रधानमंत्री ने प्रकृति संरक्षण, जल प्रबंधन, नेचुरल फार्मिंग, एग्रीटेक और वैल्यू एडिशन को आने वाले समय की जरूरत बताते हुए युवाओं से इन क्षेत्रों में नवाचार के साथ आगे आने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के आवास पर आयोजित पोंगल समारोह में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने पारंपरिक अनुष्ठान किए, गोसेवा की और उपस्थित लोगों को संबोधित किया। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने पोंगल को वैश्विक पर्व बताते हुए कहा कि यह उत्सव किसान, धरती और सूर्य के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है तथा प्रकृति, परिवार और समाज के बीच संतुलन का संदेश देता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि तमिल संस्कृति भारत ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता की साझा विरासत है और पोंगल जैसे पर्व एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने तिरुक्कुरल में कृषि और किसानों के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि किसान राष्ट्र निर्माण के मजबूत स्तंभ हैं और उनके प्रयासों से आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई ताकत मिल रही है।

प्रधानमंत्री ने मिशन लाइफ, एक पेड़ मां के नाम, अमृत सरोवर, पर ड्रॉप मोर क्रॉप जैसे अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि अगली पीढ़ी के लिए मिट्टी और पानी का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने तमिलनाडु में नेचुरल फार्मिंग से जुड़े युवाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए तमिल युवाओं से सस्टेनेबल खेती की इस मुहिम को और विस्तार देने का आह्वान किया।

शैडोफैक्स आईपीओ के प्राइस बैंड,साइज की घोषणा,20 को लॉन्चिंग

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नई दिल्ली, 14 जनवरी (हि.स.)। लॉजिस्टिक सर्विस देने वाली कंपनी शैडोफैक्स के पब्लिक इश्यू (आईपीओ) के लिए प्राइस बैंड और उसके साइज की घोषणा कर दी गई है। इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 118 रुपये से लेकर 124 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 120 शेयर का है। इस इश्यू का साइज 1,907.27 करोड़ रुपये का है।

शैडोफैक्स का ये इश्यू सब्सक्रिप्शन के लिए 20 जनवरी को खुलेगा। निवेशक इसमें 22 जनवरी तक बोली लगा सकेंगे। क्लोजिंग के बाद 23 जनवरी को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 27 नवंबर को अलॉटेड शेयर डिमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 28 जनवरी को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं।

इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम से कम 1 लॉट यानी 120 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 14,880 रुपये का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर 1,93,440 रुपये के निवेश से अधिकतम 13 लॉट में 1,560 शेयर के लिए बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 15.38 करोड़ शेयर जारी किए जा रहे हैं। इनमें 1,000 करोड़ रुपये के 8.06 करोड़ नए शेयर जारी हो रहे हैं। इसके अलावा 907.27 करोड़ रुपये के 7.321 करोड़ शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जाएंगे।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए न्यूनतम 75 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए अधिकतम 10 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए अधिकतम 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है। वहीं केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो प्रॉस्पेक्टस में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 142.64 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में घट कर 11.88 करोड़ रुपये रह गया। 2024-25 में कंपनी मुनाफे में आ गई। इस साल कंपनी को 6.06 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 के अंत तक कंपनी को 21.04 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 1,422.89 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 1,896.48 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 2,514.66 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2025 के अंत तक कंपनी को 1,819.80 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 66.69 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में घट कर 40.33 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 132.33 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही के अंत यानी 30 सितंबर 2025 तक कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 147.44 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) की बात करें, तो 2022-23 में कंपनी 113.47 करोड़ रुपये के ओवरऑल नुकसान में थी, लेकिन 2023-24 में कंपनी की अर्निंग में सुधार हुआ जिसके कारण ईबीआईटीडीए 11.37 करोड़ रुपये के स्तर पर और फिर 2024-25 में बढ़ कर 56.19 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी 30 सितंबर 2025 तक ये 64.34 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।

सुजैन ने ऋतिक−सबा आजाद पर लुटाया प्यार,किया खास पोस्ट

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अभिनेता ऋतिक रोशन और सुजैन खान भले ही साल 2014 में अलग हो चुके हों, लेकिन दोनों के बीच आज भी दोस्ती और आपसी सम्मान का रिश्ता कायम है। 10 जनवरी को ऋतिक ने अपना 52वां जन्मदिन मनाया। इस खास मौके को लेकर सुजैन खान ने सोशल मीडिया पर एक भावुक और खूबसूरत पोस्ट शेयर किया। सुजैन के इस पोस्ट में खास बात यह रही कि उन्होंने न सिर्फ अपने पूर्व पति ऋतिक के लिए प्यार जताया, बल्कि उनकी गर्लफ्रेंड सबा आजाद के लिए भी दिल से शुभकामनाएं दीं। हालांकि, इस खुलेपन और अपनापन भरे अंदाज को लेकर सुजैन को सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का भी सामना करना पड़ा।

सुजैन ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें ऋतिक रोशन अपने दोनों बेटों के साथ नजर आ रहे हैं। वीडियो में ऋतिक की गर्लफ्रेंड सबा आजाद और सुजैन के मौजूदा पार्टनर अर्सलान गोनी की झलक भी दिखाई देती है। इस वीडियो के जरिए सुजैन ने एक खुशहाल और परिपक्व रिश्ते की तस्वीर पेश की, जिसे कई फैंस ने सराहा तो कुछ लोगों को यह रास नहीं आया। वीडियो के साथ सुजैन ने कैप्शन में लिखा, “क्योंकि तुम हमेशा हम सबके लिए तारों भरा आसमान रहोगे… हैप्पी बर्थडे रे.. तुम्हें और सबू को खूब प्यार और जिंदगी की बेहतरीन चीजें मिलें… यहां से अनंत तक, हमें परिवार की तरह जुड़े रहना है… हम सभी धन्य हैं और यूनिवर्स हम सबकी रक्षा करेगा।”

ऋतिक रोशन और सुजैन खान बचपन के दोस्त रहे हैं, जिनकी प्रेम कहानी दिसंबर 2000 में शादी के बंधन तक पहुंची। हालांकि 14 साल की शादी के बाद दोनों ने साल 2014 में आपसी सहमति से तलाक ले लिया, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने रिश्तों को सम्मान और समझदारी के साथ निभाने की मिसाल पेश की। तलाक के बाद भी ऋतिक और सुजैन ने बेहतरीन को-पेरेंटिंग का उदाहरण कायम रखा है। वे अक्सर अपने बच्चों के साथ फैमिली इवेंट्स, वेकेशन और अहम मौकों पर एक साथ नजर आते हैं। बच्चों के हर बड़े माइलस्टोन को मिलकर सेलिब्रेट करना उनके परिपक्व रिश्ते को दर्शाता है।

‘द राजा साब’ की कमाई में गिरावट, ‘धुरंधर’ की मजबूत पकड़

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‘बाहुबली’ जैसी मेगा ब्लॉकबस्टर देने वाले प्रभास से उनकी हर नई फिल्म को लेकर दर्शकों की उम्मीदें आसमान छूती हैं। जब अभिनेता ने पहली बार हॉरर-कॉमेडी जॉनर की फिल्म ‘द राजा साब’ साइन की, तो इसे लेकर काफी उत्साह देखा गया। 9 जनवरी को रिलीज हुई इस फिल्म से निर्माताओं और दर्शकों को बड़ी कमाई की उम्मीद थी, लेकिन रिलीज के महज पांच दिनों में ही इसके बॉक्स ऑफिस आंकड़े निराशाजनक साबित हो रहे हैं। करीब 400 करोड़ के भारी बजट में बनी इस फिल्म के लिए लागत निकालना भी अब मुश्किल नजर आने लगा है।

फिल्म ने पहले दिन शानदार शुरुआत करते हुए सभी को चौंका दिया था। सैकनिल्क की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘द राजा साब’ ने ओपनिंग डे पर 53.75 करोड़ रुपये की कमाई की। दूसरे दिन यह आंकड़ा गिरकर 26 करोड़ रहा, जबकि तीसरे दिन फिल्म 19.1 करोड़ ही जुटा पाई। असली झटका कारोबारी दिनों में लगा, जब चौथे दिन कमाई घटकर 6.6 करोड़ और पांचवें दिन सिर्फ 4.85 करोड़ रुपये रह गई। पांच दिनों में फिल्म का कुल घरेलू कलेक्शन 119.45 करोड़ रुपये तक पहुंच पाया है।

40वें दिन भी ‘धुरंधर’ ने दिखाई मजबूती

दूसरी ओर रणवीर सिंह और अक्षय खन्ना स्टारर जासूसी एक्शन-ड्रामा ‘धुरंधर’ अब भी बॉक्स ऑफिस पर टिके रहने की कोशिश कर रही है। फिल्म ने रिलीज के 40वें दिन 2.50 करोड़ रुपये की कमाई की, जो 39वें दिन के 2.35 करोड़ से थोड़ा बेहतर है। इसके साथ ही घरेलू बॉक्स ऑफिस पर फिल्म का कुल कलेक्शन 810.50 करोड़ रुपये हो चुका है। ओवरसीज कमाई जोड़ने के बाद ‘धुरंधर’ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन करीब 1262.5 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

पूर्व केंद्रीयमंत्री रविशंकर प्रसाद के सरकारी आवास में आग लगी

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नई दिल्ली, 14 जनवरी (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता, सांसद और पूर्व केंद्रीयमंत्री रविशंकर प्रसाद के सरकारी आवास (मदर टेरेसा क्रिसेंट रोड स्थित आवास संख्या 21) पर बुधवार सुबह 8ः05 बजे अचानक आग लग गई। दमकल विभाग ने इसकी पुष्टि की।

दमकल विभाग के अनुसार, शुरुआती कॉल में आग लगने की जगह कोठी नंबर-2 बताई गई। त्वरित जांच के बाद स्पष्ट हुआ कि आग रविशंकर प्रसाद के आवास पर लगी है। दमकल विभाग की तीन गाड़ियां भेजी गईं। साथ ही दिल्ली पुलिस और स्थानीय प्रशासन भी तुरंत सतर्क हो गया।

दमकल विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, आग घर के एक कमरे में रखे बिस्तर में लगी। इससे कमरे में भारी धुआं भर गया। दमकलकर्मियों ने करीब आधा घंटे की मशक्कत के बाद सुबह 8:30 बजे तक आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच जारी है। प्राथमिक तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है।

प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं

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−केंद्रीय गृह एवं सहकारितामंत्री अमित शाह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज देशवासियों को मकर संक्रांति शुभकामनाएं दी

−शुभकामनाएं देने वालों में विपक्षी नेता और कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हैं।

नई दिल्ली, 14 जनवरी (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज देशवासियों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दी हैं। आज देशभर के पवित्र सरोवरों, कुओं और नदियों में डुबकी लगाने के लिए लोगों की भीड़ लगी हुई है। भगवान राम की तपोस्थली चित्रकूट के धार्मिक स्थानों में भी लोग मकर संक्रांति की पूजा करने से पूर्व स्नान कर रहे हैं। केंद्रीय गृह एवं सहकारितामंत्री अमित शाह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज देशवासियों को मकर संक्रांति शुभकामनाएं दी हैं। शुभकामनाएं देने वालों में विपक्षी नेता और कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज सुबह व्हाट्स ऐप पर संदेश लिखा, ” सभी देशवासियों को मकर संक्रांति की असीम शुभकामनाएं। तिल और गुड़ की मिठास से भरा भारतीय संस्कृति एवं परंपरा का यह दिव्य अवसर हर किसी के जीवन में प्रसन्नता, संपन्नता और सफलता लेकर आए। सूर्य देव सबका कल्याण करें।”

मकर संक्रांति पर चित्रकूट के भरतकूप पर पांच दिवसीय मेले की शुरुआत हो गई है। चित्रकूट के रामघाट पर स्नानार्थियों की भीड़ सुबह से जुटी है। भरतकूप पर पांच तीर्थों के पवित्र जल से स्नान की खास मान्यता है। रामचरित मानस के अयोध्याकांड की चौपाई- ” भरतकूप अब कहिहहिं लोगा, अतिपावन तीरथ जल योगा। प्रेम सनेम निमज्जत प्राणी, होईहहिं विमल कर्म मन वाणी।।” भरतकूप के महात्म का बोध कराती है।

चित्रकूट प्रभु श्रीराम वनवास काल में आए थे। तभी भरत अयोध्या की जनता के साथ भइया राम को मनाने यहां पधारे थे। साथ में राज्याभिषेक के लिए समस्त तीर्थों का जल भी लेकर आए थे। भगवान श्रीराम 14 साल वनवास के लिए दृढ़ प्रतिज्ञ थे। अयोध्या वापस जाने और राज्याभिषेक से इनकार करने पर भरत निराश हो गए थे और श्रीराम के आदेश पर सभी तीर्थों का जल और सामग्री कूप में छोड़ दी थी। तब से इस कूप का नाम भरतकूप हो गया। मकर संक्रांति पर मंदाकिनी तट रामघाट, सूर्यकुंड, भरतकूप, वाल्मीकि आश्रम लालापुर, साईपुर. पालेश्वर नाथ पहाड़ी. मंदाकिनी-यमुना संगम स्थल कनकोटा, तुलसी जन्मस्थली राजापुर, परानू बाबा बरगढ़, शबरी जल प्रपात, मारकंडेय आश्रम में लोग स्नान के लिए जुटे हुए हैं।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने एक्स पोस्ट में कहा कि ऊर्जा, उमंग और उत्साह के पर्व मकर संक्रांति की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। यह पर्व सभी के जीवन में असीम खुशियाँ और समृद्धि लेकर आए। केंद्रीयमंत्री नितिन गडकरी ने देशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि मकर संक्रांति का यह पावन पर्व सभी के जीवन में उत्तम स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि लेकर आए। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मकर संक्रांति, उत्तरायण, माघ बिहू और पोंगल की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ये पर्व नवचेतना, शुभ आरंभ और प्रकृति की शाश्वत लय के प्रतीक हैं। ये भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत में गहराई से रचे-बसे हैं और एकता में विविधता, संतुलन व सामंजस्य को दर्शाते हैं।

अल्पसंख्यक मामलो के मंत्री किरेन रिजिजू, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी देशवासियों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दी हैं।

सब्सक्रिप्शन को लॉन्च हुआ आर्मर सिक्योरिटी इंडिया का आईपीओ,

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19 तक लगा सकते हैं बोली

नई दिल्ली, 14 जनवरी (हि.स.)। सिक्योरिटी सर्विस मुहैया कराने वाली कंपनी आर्मर सिक्योरिटी इंडिया का 26.51 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 19 जनवरी तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 20 जनवरी को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 21 जनवरी को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 22 जनवरी को एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 55 रुपये से लेकर 57 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 2,000 शेयर का है। आर्मर सिक्योरिटी इंडिया के इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 4,000 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,28,000 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 46.50 लाख नए शेयर जारी हो रहे हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए सिर्फ 0.99 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 46.88 प्रतिशत हिस्सा, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 47.10 प्रतिशत हिस्सा और मार्केट मेकर्स के लिए 5.03 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए सौभाग्या कैपिटल ऑप्शंस प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि स्काई लाइन फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। वहीं एनएनएम सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 2.26 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 2.62 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछल कर 3.97 करोड़ रुपये हो गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 में कंपनी को 2.90 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 28.97 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 33.10 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 36.56 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 19.69 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।

इस अवधि में कंपनी के कर्ज का बोझ भी लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 85 लाख रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 1.80 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 4.69 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2025 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 6.01 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 3.48 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में घट कर 2.24 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस उछल कर 6.21 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही के अंत तक ये 9.12 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया था।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 3.12 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 3.67 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 4.97 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2025 के अंत तक ये 4.30 करोड़ रुपये के स्तर पर रहा।

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निपा वायरस :संक्रमित नर्सों की हालत बेहद गंभीर,राज्य−केंद्र सतर्क

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कोलकाता, 14 जनवरी (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में निपा वायरस को लेकर चिंता बढ़ गई है। उत्तर 24 परगना के बारासात स्थित एक निजी अस्पताल में निपा वायरस से संक्रमित दो नर्सों की हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई है। दोनों नर्स फिलहाल वेंटिलेशन पर हैं। इस मामले में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सीधे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बात की थी और हर संभव मदद का आश्वासन दिया था।

घटना सामने आते ही राज्य सरकार हरकत में आ गई है। केंद्र सरकार की ओर से भी हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया गया है। राज्य और केंद्र के स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने बारासात के अस्पताल का निरीक्षण किया है। साथ ही यह जांच की जा रही है कि दोनों नर्स कैसे संक्रमित हुईं और पिछले कुछ दिनों में वे किन-किन लोगों के संपर्क में आई थीं। दोनों नर्सों के परिवार और संपर्क में आए लोगों को भी मॉनिटरिंग में रखा गया है और उन्हें क्वॉरेंटाइन किया गया है।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से ‘संपर्क जांच’ का काम तेज कर दिया गया है। जिन लोगों का भी दोनों नर्सों से संपर्क रहा है, उनकी पहचान कर नमूने लिए जा रहे हैं और सभी को पृथकवास में रहने का निर्देश दिया गया है।

राज्य स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने बुधवार सुबह इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि आपात स्थिति से निपटने के लिए कोलकाता के बेलियाघाटा संक्रामक रोग अस्पताल को पूरी तरह तैयार रखा गया है। अस्पताल में 10 आपातकालीन बेड और वार्ड में 68 बेड तैयार हैं। वेंटिलेशन की सुविधा भी सुनिश्चित की गई है।

अस्पताल की रोगी कल्याण समिति के सदस्य स्वपन समाद्दार ने बताया कि निपा वायरस को लेकर बैठक की जा चुकी है और सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन पूरी सावधानी बरतें। आधा खाया फल न खाएं, फल के रस की दुकानों से दूरी बनाए रखें और फल को गर्म पानी से धोकर ही सेवन करें।

सूत्रों के अनुसार, संक्रमित दोनों नर्स कुछ दिन पहले पूर्व बर्धमान जिले के कटवा भी गई थीं। वहां वे जिन लोगों के संपर्क में आई थीं, उनकी सूची तैयार की जा रही है। अब तक 48 लोगों की पहचान की गई है और सभी की स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखी जा रही है। पूरे मामले की निगरानी के लिए स्वास्थ्य भवन की ओर से एक विशेष टीम गठित की गई है और मानक कार्यप्रणाली तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वयं पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं। राज्य सरकार ने लोगों से अपील की है कि अनावश्यक घबराहट न फैलाएं और सतर्क रहें। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है।

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कैसे फैलता है निपा वायरस

चिकित्सकों के अनुसार निपा वायरस का मुख्य स्रोत चमगादड़ होते हैं। चमगादड़ों द्वारा खाए गए अधखाए फलों के माध्यम से यह वायरस फैल सकता है। कभी-कभी संक्रमित व्यक्ति के इस्तेमाल किए गए सामान से भी संक्रमण का खतरा रहता है।

जनस्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती दौर में इसके लक्षण सामान्य होते हैं, जैसे बुखार, सांस लेने में तकलीफ, सिरदर्द, पेट खराब होना, कमजोरी और भूख कम लगना। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

विशेषज्ञों ने बताया कि निपा वायरस तेजी से नहीं फैलता, लेकिन इसमें मृत्यु दर काफी अधिक होती है, जो 40 से 75 प्रतिशत तक हो सकती है। इसलिए हाथ साबुन से बार-बार धोना, फल और सब्जियां अच्छी तरह साफ कर खाना और अधखाए फल या ताजे रस से परहेज करना बेहद जरूरी है।

मकर संक्रांति पर गंगा स्नान के लिए उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

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उत्तरकाशी के गंगा घाटों में बुधवार को ब्रह्म मुहूर्त से ही हजारों श्रद्धालुओं ने भागीरथी गंगा में स्नान कर पर्व मनाया।

कोलकाता, 14 जनवरी (हि. स.)। मकर संक्रांति के अवसर पर कोलकाता और हावड़ा सहित गंगा तटवर्ती इलाकों में बुधवार सुबह से ही श्रद्धालुओं का भारी जमावड़ा देखने को मिला। गंगा स्नान के लिए लोगों का उत्साह सुबह से दोपहर तक बना रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु पुण्य स्नान और पूजा-अर्चना के लिए घाटों पर पहुंचे।गंगा सागर में भी श्रद्धालुओं ने स्नान किया।मकर संक्रांति के अवसर पर कड़ाके की ठंड के बावजूद उत्तरकाशी के गंगा घाटों में बुधवार को ब्रह्म मुहूर्त से ही हजारों श्रद्धालुओं ने भागीरथी गंगा में स्नान कर पर्व मनाया।

।हालांकि इस वर्ष मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त रात आठ बजे के बाद प्रारंभ होकर अगले दिन मंगलवार दोपहर 12 बजे तक रहेगा, लेकिन परंपरा के अनुसार 14 जनवरी को ही पर्व मनाए जाने के कारण श्रद्धालुओं ने सोमवार को गंगा स्नान किया। हावड़ा, हुगली, कोलकाता और उत्तर 24 परगना के अलावा नदिया समेत अन्य जिलों से भी लोग गंगा के दोनों तटों पर पहुंचे।

घाटों पर महिलाओं, पुरुषों, युवाओं और बुजुर्गों की बड़ी संख्या मौजूद रही। श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाकर पूजा-अर्चना की। इस दौरान घाटों पर बड़ी संख्या में पुरोहित भी मौजूद थे, जिन्होंने वैदिक रीति-रिवाज के अनुसार पूजा और क्रियाकर्म संपन्न कराया।

पुरोहित भीम बनर्जी ने बताया कि परंपरा के अनुसार 15 दिसंबर से 14 जनवरी तक का समय ‘खरमास’ माना जाता है, जिसे पितृपक्ष का ही एक हिस्सा माना जाता है। इस अवधि में शुभ कार्य नहीं किए जाते। मकर संक्रांति के दिन पुण्य स्नान के साथ यह अवधि समाप्त हो जाती है और इसके बाद शुभ कार्यों की शुरुआत की जाती है। इसी कारण इस दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व है।

उन्होंने बताया कि गंगासागर में स्नान का अपना अलग धार्मिक महत्व है, लेकिन मान्यता है कि राजा सगर के 60 हजार पुत्रों को जिस गंगा से मुक्ति मिली, उस गंगा में कहीं भी स्नान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी आस्था के चलते सोमवार को गंगा तटवर्ती शहरों और गांवों से हजारों श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए पहुंचे।

देव डोलियों के साथ मकर संक्रांति पर उत्तरकाशी में गंगा स्नान, भक्तिमय हुआ माहौल

उत्तरकाशी, 14 जनवरी (हि. स.)।मकर संक्रांति के अवसर पर कड़ाके की ठंड के बावजूद उत्तरकाशी के गंगा घाटों में बुधवार को ब्रह्म मुहूर्त से ही हजारों श्रद्धालुओं ने भागीरथी गंगा में स्नान कर पर्व मनाया।

तड़के चार बजे से पौराणिक मणिकर्णिका घाट, लक्षेश्वर, शंकर मठ, नाकुरी, देवीधार, गंगोरी अस्सी गंगा तट सहित अन्य स्नान घाटों पर श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। देव डोलियों की मौजूदगी और ढोल-नगाड़ों के साथ निकले जुलूसों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा रहा।

स्नान पर्व के दौरान बाड़ाहाट, बाड़ागड्डी, रनाड़ी, डुंडा, धनारी और टिहरी क्षेत्र से कंडार देवता, हरिमहाराज, खंडधारी माता, नाग देवता, रिंगाली देवी, नागराजा, त्रिपुरा माता, राजराजेश्वरी सहित अनेक देवी-देवताओं की डोलियां उत्तरकाशी पहुंचीं।

वहीं यमुना घाटी क्षेत्र में स्थित गंगा-यमुना एवं केदार गंगा के संगम स्थल गंगनानी कुंड में भी सुबह से ही श्रद्धालुओं की ओर से स्नान किया गया। प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के पर्याप्त इंतजाम किए गए है।