मनी लॉन्ड्रिंग में जेल में बंद पूर्व सीएम के बेटे चैतन्य को मिली जमानत

अपराध

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बिलासपुर, 02 जनवरी (हि.स.)। छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े मामले में विगत पांच माह से जेल में बंद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को आज उच्च न्यायालय बिलासपुर ने जमानत दे दी। चैतन्य बघेल को धन शोधन रोधी अधिनियम (मनी लॉन्ड्रिंग) की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया था।

उच्च न्यायालय बिलासपुर के न्यायाधीश अरविंद वर्मा की सिंगल बेंच ने यह निर्णय सुनाया है। फिलहाल, उन्हें ईओडब्ल्यू और ईडी मामले में जमानत मिली है। अन्य मामलों में जांच जारी है।

उनकी जमानत याचिका पर बहस पूरी होने के बाद उच्च न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रखा था। अदालत ने आज शुक्रवार को चैतन्य बघेल की जमानत को लेकर आदेश जारी कर दिया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी ) के वकील सौरभ पांडे ने बताया कि छत्तीसगढ़ उच्च ने न्यायालय ने चैतन्य को शराब घोटाले से जुड़े दो मामलों में जमानत दी है। वे लगभग 168 दिनों के बाद जेल से रिहा होंगे।

गौरतलब है कि शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार चैतन्य बघेल 18 जुलाई 2025 से रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। उन्हें उनके जन्मदिन पर उनके भिलाई स्थित घर से प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के ईडी तहत गिरफ्तार किया गया था। जबकि भ्रष्टाचार के मामले में सितंबर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने उन्हें तब गिरफ्तार किया, जब वे पहले से ही जेल में थे। ईडी ने शराब घोटाले की जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा/एसीबी, रायपुर ने इंडियन पीनल कोड और प्रिवेंशन ऑफ़ करप्शन एक्ट, 1988 की अलग-अलग धाराओं के तहत दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू की है। यह राहत उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और छत्तीसगढ़ एंटी-करप्शन ब्यूरो की ओर से दर्ज केसों में मिली है।

जांच एजेंसियों के अनुसार यह घोटाला 2019 से 2022 के बीच हुआ, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा। ईडी का आरोप है कि चैतन्य बघेल इस पूरे शराब सिंडिकेट के संरक्षक थे और उन्होंने करीब 1,000 करोड़ रुपये का लेन-देन व्यक्तिगत रूप से संभाला। वहीं, एसीबी का दावा है कि चैतन्य बघेल को हिस्से के तौर पर 200 से 250 करोड़ रुपये मिले । इस पूरे घोटाले की कुल रकम 3,200 करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकती है। इस घोटाले में राजनेता, आबकारी विभाग के अधिकारी, कारोबारी सहित कई लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज है।

बचाव पक्ष के वकील फैजल रिजवी ने बताया था कि पप्पू बंसल के बयान को आधार मानते हुए चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी की गई है जो सही नहीं है। ईडी की जांच में चैतन्य बघेल ने लगातार सहयोग किया है, जांच में भी शामिल हुए हैं लेकिन एक बार भी उनका बयान नहीं लिया गया। सीधे उनकी गिरफ्तारी की गई है। उनका अपराध सिर्फ यही है कि वह पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे हैं।

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