अमेरिका के बिना यूरोप अपनी रक्षा नहीं कर सकताः नाटो प्रमुख

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ब्रुसेल्स (बेल्जियम), 27 जनवरी (हि.स.)। उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के महासचिव मार्क रट ने सोमवार को चेतावनी दी कि यूरोप अमेरिका के बिना खुद की रक्षा नहीं कर सकता और उसे इस स्थिति में पहुंचने के लिए सैन्य क्षमता के विस्तार पर दोगुना से कहीं अधिक खर्च करना होगा।

एक समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, मार्क रट ने यहां यूरोपीय संसद की विदेश मामलों की समिति और सुरक्षा और रक्षा समिति के संयुक्त सत्र में कहा, “अगर कोई यहां सोचता है कि यूरोपीय संघ, या पूरा यूरोप, अमेरिका के बिना खुद की रक्षा कर सकता है, तो सपने देखते रहें। आप नहीं कर सकते। हम नहीं कर सकते। हमें एक-दूसरे की जरूरत है।”

उन्होंने कहा कि अमेरिका भी अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नाटो पर निर्भर है। रट ने नाटो सहयोगियों के बीच आपसी निर्भरता पर जोर देते हुए कहा, “अगर आप सच में अकेले चलना चाहते हैं और जो लोग इसके लिए गुहार लगा रहे हैं, वे भूल जाएं, आप पांच प्रतिशत के साथ कभी वहां नहीं पहुंच सकते। आपको अपनी खुद की परमाणु क्षमता बनानी होगी जिसमें अरबों-खरबों यूरो खर्च होंगे। आप हार जाएंगे, फिर, उस स्थिति में, आप हमारी आजादी के अंतिम रक्षक को खो देंगे।”

मार्क रट ने नाटो और यूरोपीय संघ के बीच घनिष्ठ समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही उनकी संयुक्त ताकत को भी स्वीकार किया। उन्होंने कहा, “ईयू लचीलेपन में बहुत अच्छा है, लेकिन ईयू विनियमन के मामले में बहुत सख्त है। और यहां, हमें विशेष रूप से विनियमन में ढील की जरूरत है।” उनकी यह टिप्पणी ग्रीनलैंड को लेकर चल रहे तनाव के बीच आई है। यह तनाव अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के डेनिश क्षेत्र को हासिल करने के कथित विवादास्पद प्रयास के बाद शुरू हुआ है।

ट्रंप ने स्विट्जरलैंड के दावोस में रट से मिलने के बाद अपना लहजा नरम किया और घोषणा की कि उन्होंने ग्रीनलैंड पर एक फ्रेमवर्क डील पर चर्चा की है जो उनकी सुरक्षा चिंताओं को दूर करेगी और रूसी और चीनी प्रभाव का मुकाबला करेगी। रट ने कहा कि ग्रीनलैंड और आर्कटिक सुरक्षा पर दो तरह पर सहमति बनी है, जिसमें एक इस बात पर ध्यान केंद्रित कर रही है कि गठबंधन सामूहिक रूप से रूस और चीन को आर्कटिक क्षेत्र में अपनी उपस्थिति बढ़ाने से कैसे रोक सकता है। इसमें नाटो अधिक सक्रिय भूमिका निभाएगा।

उन्होंने कहा कि दूसरी बात डेनमार्क, ग्रीनलैंड और अमेरिका के बीच है। उन्होंने कहा, “यह डेनमार्क, ग्रीनलैंड और अमेरिका पर निर्भर है कि वे ऐसा करें। नाटो इसमें शामिल नहीं होगा।” उन्होंने कहा, “मेरे पास डेनमार्क की ओर से बातचीत करने का कोई अधिकार नहीं है, इसलिए मैंने नहीं किया, और मैं नहीं करूंगा।” मास्को-कीव युद्ध पर मार्क रट ने इस बात पर जोर दिया कि यूक्रेन के लिए बुनियादी रक्षा जरूरतों को पूरा करना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने यूक्रेन को लड़ाई में बनाए रखने में अमेरिकी समर्थन की अहम भूमिका पर जोर दिया।

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