हाई कोर्ट ने निजी स्कूलों की फीस को विनियमित करने को पैनल गठित करने के सरकारी आदेश पर रोक लगाने से किया इनकार

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नई दिल्ली, 08 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार के उस नोटिफिकेशन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है, जिसमें दिल्ली के निजी स्कूलों को फीसों रेगुलेट करने के लिए स्कूल स्तरीय कमेटियां गठित करने का आदेश दिया गया था। चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि ये कमेटियां 10 जनवरी की बजाय 20 जनवरी तक गठित की जा सकती हैं।

कोर्ट ने कहा कि स्कूल प्रबंधन की ओर से कमेटी को प्रस्तावित फीस जमा करने की अंतिम तिथि 25 जनवरी की बजाय 5 फरवरी होगी। याचिका दिल्ली के निजी स्कूलों ने दायर किया था। याचिका में दिल्ली स्कूल एजुकेशन (ट्रांसपेरेंसी इन फिक्सेशन एंड रेगुलेशन ऑफ फीस) एक्ट की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई थी। याचिका में दिल्ली के शिक्षा निदेशालय के 24 दिसंबर 2025 के नोटिफिकेशन को भी चुनौती दी गई थी। इसी नोटिफिकेशन में ये आदेश दिया गया था कि निजी स्कूल 10 जनवरी तक स्कूल स्तरीय फीस रेगुलेशन कमेटी का गठन करें। कमेटी में एक चेयरपर्सन, प्रिंसिपल, पांच अभिभावक , तीन शिक्षक और शिक्षा निदेशालय का एक प्रतिनिधि शामिल होगा।

सुनवाई के दौरान निजी स्कूलों की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने दिल्ली शिक्षा निदेशालय के नोटिफिकेशन पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि ये नोटिफिकेशन कानून का उल्लंघन करता है। याचिका का विरोध करते हुए दिल्ली सरकार ने कहा कि ये पूरे तरीके से संवैधानिक है और इसका मकसद स्कूलों की ओर से मनमानी फीस वसूलने पर रोक लगाना है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि वो नोटिफिकेशन पर तो रोक नहीं लगाएगी लेकिन वो इसे लागू करने की समय सीमा बढ़ा देगी।

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