स्टॉक मार्केट में फ्रैक्टल एनालिटिक्स की कमजोर एंट्री

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नुकसान में आईपीओ निवेशक\

नई दिल्ली, 16 फरवरी (हि.स.)। सिटीबैंक, फ्रेंकलिन टेंपलटन और फिलिप्स जैसी बड़ी कंपनियों को ग्लोबल एंटरप्राइज एआई सर्विस देने वाली कंपनी फ्रैक्टल एनालिटिक्स के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में कमजोर एंट्री कर अपने आईपीओ निवेशकों को निराश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 900 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे।

आज बीएसई पर इसकी लिस्टिंग बिना किसी बदलाव के 900 रुपये के स्तर पर ही हुई, जबकि एनएसई पर इसकी लिस्टिंग 2.67 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 876 रुपये के स्तर पर हुई। लिस्टिंग के बाद बिकवाली का दबाव बन जाने के कारण इसकी चाल में और गिरावट आ गई। दिन भर का कारोबार होने के बाद कंपनी के शेयर एनएसई पर 847.15 रुपये के स्तर पर और बीएसई पर 847.40 रुपये के स्तर पर बंद हुए। इस तरह पहले दिन के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को 5.8 प्रतिशत का नुकसान हो गया।

फ्रैक्टल एनालिटिक्स का 2,840 करोड़ रुपये का आईपीओ 9 से 11 फरवरी के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से एवरेज रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 2.81 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 4.41 गुना सब्सक्राइब हुआ था। नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में सिर्फ 1.11 गुना सब्सक्रिप्शन आ पाया था।

इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 1.10 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 0.65 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इस आईपीओ के तहत 1,030 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए गए हैं, जबकि ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिए एक रुपये फेस वैल्यू वाले 2,01,15,554 शेयर बेचे गए हैं। आईपीओ में नए शेयर की बिक्री के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपने पुराने कर्ज को कम करने, नए ऑफिस का सेटअप करने, आर एंड डी तथा मार्केटिंग में निवेश करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में उतार-चढ़ाव होता रहा है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 194.40 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। अगले वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 54.70 करोड रुपए का शुद्ध नुकसान हो गया। हालांकि इसके अगले साल 2024-25 में कंपनी को 220.60 करोड रुपये का शुद्ध लाभ हुआ। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही में यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 70.90 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में लगातार तेजी आई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 2,043.70 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 2,241.90 करोड़ रुपये के स्तर पर और 2024-25 में उछल कर 2,816.20 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही में यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 1,594.30 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।

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