सीएम योगी ने विधान भवन के गुंबद पर प्रदेश की गौरवगाथा दर्शाने वाले ध्वनि एवं प्रकाश कार्यक्रम का किया शुभारंभ

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लखनऊ, 18 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की विधानमंडलीय परंपरा और सांस्कृतिक गौरव के इतिहास में आज रविवार को एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अध्यक्ष विधान सभा सतीश महाना की उपस्थिति में विधान भवन के भव्य गुंबद पर उत्तर प्रदेश की गौरवगाथा को दर्शाते हुए अत्याधुनिक ‘प्रोजेक्शन मैपिंग’ तकनीक के माध्यम से ध्वनि एवं प्रकाश कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

इस भव्य और प्रभावशाली प्रस्तुति के माध्यम से उत्तर प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, गौरवशाली इतिहास, सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक चेतना तथा राजनीतिक यात्रा का सजीव एवं दृश्यात्मक चित्रण किया गया। आधुनिक तकनीक और रचनात्मक प्रस्तुति के समन्वय से तैयार इस कार्यक्रम ने दर्शकों को प्रदेश की ऐतिहासिक यात्रा से जोड़ते हुए एक अविस्मरणीय अनुभव प्रदान किया। यह अभिनव प्रयोग देश की विधान सभाओं में अपनी तरह का प्रथम प्रयास है, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत उपस्थित अधिकारियों ने सराहा ।

यह अभिनव एवं दूरदर्शी पहल अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश विधानसभा सतीश महाना की परिकल्पना, मार्गदर्शन एवं सतत प्रयासों का प्रतिफल है। उनके नेतृत्व में विधान सभा परिसर को न केवल विधायी गतिविधियों का केंद्र, बल्कि प्रदेश की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं लोकतांत्रिक चेतना का प्रतीक बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। अध्यक्ष की सोच है कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से लोकतंत्र की गरिमा, प्रदेश की विरासत और विकास यात्रा को देश और दुनिया के सामने प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया जाए।

इस आयोजन के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों से पधारने वाले पीठासीन अधिकारियों एवं विधानमंडलीय अधिकारियों को उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा, सांस्कृतिक वैभव, ऐतिहासिक धरोहर तथा लोकतांत्रिक मूल्यों से परिचित कराने का प्रयास किया जाएगा। यह कार्यक्रम न केवल उत्तर प्रदेश की उपलब्धियों को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करेगा, बल्कि विधायी संस्थाओं के बीच संवाद, सहयोग और नवाचार को भी नई दिशा प्रदान करेगा।

मीडिया प्रभारी श्रीधर अग्निहोत्री ने बताया कि सम्मेलन की समस्त व्यवस्थाएं अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश विधानसभा सतीश महाना की सोच, दूरदृष्टि एवं मार्गदर्शन पर आधारित हैं। सम्मेलन के दौरान उत्तर प्रदेश की विधायी परंपराओं, नवाचारों तथा प्रशासनिक श्रेष्ठ प्रथाओं पर व्यापक विमर्श किया जाएगा। साथ ही, विभिन्न सत्रों के माध्यम से लोकतांत्रिक संस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर विचार-विमर्श होगा।

उल्लेखनीय है कि इसी क्रम में कल 19 जनवरी से लखनऊ में ‘86वां अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन ’ तथा भारत की विधान सभाओं एवं विधान परिषदों के सचिवों का 62वां सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मेलन तीन दिनों तक चलेगा, जिसमें देशभर से पीठासीन अधिकारी, विधानमंडलीय सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारी प्रतिभाग करेंगे। सम्मेलन का उद्घाटन अध्यक्ष, लोकसभा ओम बिरला द्वारा किया जाएगा।

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