
नई दिल्ली, 09 फ़रवरी (हि.स.)। संसद में जारी गतिरोध के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से संसद भवन परिसर में सोमवार को मुलाकात के बाद नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने उम्मीद जतायी कि विपक्षी सदस्यों को मंगलवार को अपनी बात रखने की अनुमति दी जाएगी। राहुल ने कहा कि विपक्ष चर्चा चाहता है और अब देखना है कि सरकार क्या रुख अपनाती है।
बिरला से राहुल की यह मुलाकात उस समय हुई जब लोकसभा में बजट पर चर्चा से पहले उनको अन्य विषय पर आसन से बोलने की अनुमति नहीं मिलने के बीच कांग्रेस सदस्यों के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दो बार के स्थगन के बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।राहुल ने संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बातचीत में कहा, ”पूर्व थल सेनाध्यक्ष एमएम नरवणे की किताब का मुद्दा उठने के बाद सरकार ने उन्हें बोलने से रोका। तीन-चार बार उन्हें बोलने नहीं दिया गया। पहले कहा गया कि किताब का हवाला नहीं दे सकते, फिर पत्रिका का हवाला भी नहीं देने दिया गया। रक्षा मंत्री ने कहा कि किताब प्रकाशित नहीं हुई है, जबकि किताब प्रकाशित हो चुकी है और विपक्ष के पास उसकी प्रति भी मौजूद है।”
कांग्रेस नेता ने कहा कि विपक्ष को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलने का अवसर नहीं दिया गया, जबकि सत्ता पक्ष के एक सदस्य ने कई किताबों का हवाला देते हुए आपत्तिजनक बातें कहीं और उस पर कोई आपत्ति नहीं जताई गई। विपक्षी सांसदों का निलंबन भी एक बड़ा मुद्दा है। इसके अलावा विपक्षी सदस्यों पर प्रधानमंत्री को धमकी देने वाले आरोप पूरी तरह गलत हैं। राहुल ने कहा कि अगर किसी ने प्रधानमंत्री पर हमला करने की बात कही है तो तुरंत एफआईआर दर्ज कर उस व्यक्ति को गिरफ्तार किया जाए।
इस मुलाकात से पहले राहुल ने लोकसभा में कहा था कि वे आज लोकसभा अध्यक्ष से मिले थे और उन्हें व्यक्तिगत रूप से बोलने का आश्वासन दिया गया था। बजट चर्चा से पहले कुछ मुद्दे उठाने की अनुमति मांगी थी।