
नई दिल्ली, 23 जनवरी (हि.स.)। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाई जाती है। ऐसे में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन में नेताजी को पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।प्रधानमंत्री ,रक्षा मंत्री एवं नेताओं ने भी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर श्रद्धांजललि अर्पित कीं।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने नेताजी की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका निडर नेतृत्व, अदम्य साहस और भारत की स्वतंत्रता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता पराक्रम का सच्चा प्रतीक है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने आजाद हिंद फौज के संस्थापक और महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस को नमन करते हुए देशवासियों को पराक्रम दिवस की शुभकामनाएं दीं।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ‘जय हिंद’ और “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा” जैसे नारों के माध्यम से देश में क्रांति की चेतना जगाने वाले नेताजी को याद किया। उन्होंने कहा कि मातृभूमि के प्रति नेताजी का समर्पण और सांप्रदायिकता के खिलाफ उनका दृढ़ रुख आज भी प्रेरणास्रोत है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने नेताजी को महान क्रांतिकारी बताते हुए कहा कि उनके साहस, दृढ़ संकल्प और नेतृत्व ने देश को स्वतंत्रता के मार्ग पर अग्रसर किया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेताजी को भारत माता का सच्चा सपूत बताते हुए कहा कि आजाद हिंद फौज की स्थापना कर उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी। उन्होंने प्रदेशवासियों को पराक्रम दिवस की शुभकामनाएं दीं।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी नेताजी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका साहस, त्याग और संकल्प भारतीय इतिहास में राष्ट्रगौरव का अमिट प्रतीक है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कृतज्ञ राष्ट्र के साथ नेताजी सुभाष चंद्र बोस का भावपूर्ण स्मरण किया
नई दिल्ली, 23 जनवरी (हि.स.)। कृतज्ञ राष्ट्र आज आजाद हिंद फौज के नेता सुभाष चंद्र बोस को उनकी जयंती पर याद कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक्स हैंडल पर उनका भावपूर्ण स्मरण किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि नेताजी के त्याग ने उन्हें हमेशा प्रेरित किया है। उनकी जयंती पराक्रम का प्रतीक है। उनके विचार सदैव आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।
प्रधानमंत्री ने इस अवसर एक्स पर अलग-अलग पोस्ट किए हैं। एक में उन्होंने लिखा, ”नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने मुझे हमेशा बहुत प्रेरित किया है। 23 जनवरी 2009 को ई-ग्राम विश्वग्राम योजना शुरू की गई थी। यह गुजरात के आईटी सेक्टर को बदलने के मकसद से शुरू की गई एक अनोखी योजना थी। यह योजना हरिपुरा से शुरू की गई थी। हरिपुरा का नेताजी के जीवन में अहम स्थान है। मैं कभी नहीं भूलूंगा कि हरिपुरा के लोगों ने मेरा कैसे स्वागत किया और उसी सड़क पर जुलूस निकाला जिस पर नेताजी बोस चले थे।”
उन्होंने लिखा, ”नेताजी के सम्मान में उनके जन्मदिन को पराक्रम दिवस घोषित किया गया है। 2021 में मैंने कोलकाता में नेताजी भवन का दौरा किया। इसी भवन से नेताजी ने अपनी महान यात्रा शुरू की थी। ‘नेताजी की जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाते हुए राष्ट्र उनके अदम्य साहस, संकल्प और राष्ट्र के लिए उनके अद्वितीय योगदान को याद करता है। उन्होंने निडर नेतृत्व और अटूट देशभक्ति का उदाहरण पेश किया। उनके आदर्श आज भी पीढ़ियों को एक मजबूत भारत बनाने के लिए प्रेरित करते हैं।”
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लिखा, ”औपनिवेशिक सोच को खत्म करने की हमारी कोशिशों और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रति हमारी श्रद्धा का एक शानदार उदाहरण इंडिया गेट के पास देश की राजधानी के बीचों-बीच उनकी भव्य मूर्ति लगाने के हमारे फैसले में देखा जा सकता है। यह भव्य मूर्ति आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देगी।”
अमित शाह ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती पर किया नमन
नई दिल्ली, 23 जनवरी (हि.स.)। केन्द्रीय गृह एवं सहकारितामंत्री अमित शाह ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर उन्हें नमन किया। साथ ही पराक्रम दिवस का स्मरण किया ।
अमित शाह ने एक्स पर कहा कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का ऐसा नाम हैं, जिनके स्मरण मात्र से ही मन में देशप्रेम का ज्वार उमड़ पड़ता है। उन्होंने युवाओं को संगठित कर आज़ाद हिंद फौज के माध्यम से प्रथम सैन्य अभियान चलाया और वर्ष 1943 में अंडमान-निकोबार में तिरंगा फहराकर आजाद भारत की घोषणा की।
गृहमंत्री ने कहा कि नेताजी का जीवन और उनके पराक्रम की गाथाएं प्रत्येक युवा को पढ़नी चाहिए, ताकि राष्ट्ररक्षा के संकल्प को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके। उन्होंने नेताजी के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि देश की आजादी के लिए उन्होंने अपना सर्वस्व समर्पित किया।
अमित शाह ने आगे कहा कि आज पूरा देश मां भारती के महान सपूत नेताजी सुभाष चंद्र बोस की स्मृति में पराक्रम दिवस मना रहा है। नेताजी जैसे व्यक्तित्व बहुत कम जन्म लेते हैं। उन्होंने अनेक कष्टों और संघर्षों को सहते हुए जर्मनी से लेकर रूस और जापान तक हजारों किलोमीटर की यात्रा की, जो देश को आज़ाद कराने की उनकी अदम्य जिजीविषा को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि सुभाष चंद्र बोस का त्यागपूर्ण जीवन और विशाल व्यक्तित्व आने वाली पीढ़ियों को देश के प्रति संघर्ष, समर्पण और स्वाभिमान के लिए सर्वस्व अर्पण करने की प्रेरणा देता रहेगा।