रतन टाटा की जयंती पर राष्ट्र ने किया नमन, नेताओं ने उनके नैतिक नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण में योगदान को किया याद

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नई दिल्ली, 28 दिसम्बर (हि.स.)। भारत के अग्रणी उद्योगपति और पद्म विभूषण रतन टाटा की जयंती के अवसर पर रविवार को देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक जगत की प्रमुख हस्तियों ने उनके नैतिक नेतृत्व, परोपकार, नवाचार और राष्ट्र निर्माण में दिए गए अमूल्य योगदान को स्मरण किया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “रतन टाटा ने यह सिद्ध किया कि सच्ची सफलता केवल व्यावसायिक उपलब्धियों में नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा में निहित होती है। उनकी विरासत आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।”

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रतन टाटा को दूरदर्शी नेतृत्व का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में नवाचार और करुणा का अनूठा संगम देखने को मिला। उन्होंने भारतीय उद्यमिता को वैश्विक पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई और राष्ट्रीय विकास में उद्योग की भूमिका को नए सिरे से परिभाषित किया।

केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि रतन टाटा का जीवन सत्यनिष्ठा, विनम्रता और मानवीय करुणा से ओत-प्रोत था। उन्होंने उद्योग जगत में नैतिक मूल्यों को सर्वोपरि रखा और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य किया।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने रतन टाटा को भारतीय उद्योग जगत का दिग्गज और दूरदर्शी नेता बताते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देकर देश के भविष्य को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा कि रतन टाटा के नेतृत्व में भारतीय उद्योग ने मूल्यों से समझौता किए बिना वैश्विक मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। उन्होंने यह साबित किया कि नैतिकता और व्यावसायिक सफलता एक साथ चल सकती हैं।

अभिनेता और नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने रतन टाटा को सच्चे अर्थों में ‘भारत रत्न’ बताते हुए कहा कि वे उदार हृदय वाले, अद्भुत इंसान और अत्यंत विनम्र व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने समाज को सेवा और संवेदनशीलता का संदेश दिया।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि रतन टाटा का संपूर्ण जीवन व्यापार में उत्कृष्टता और परोपकार को समर्पित रहा। उन्होंने न केवल उद्योग जगत को नई दिशा दी, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी को भी व्यवसाय का अभिन्न अंग बनाया।

उल्लेखनीय है कि रतन टाटा को भारतीय उद्योग के आधुनिकीकरण, वैश्वीकरण और सामाजिक सरोकारों को सशक्त करने के लिए विशेष रूप से जाना जाता है। उनकी जयंती पर राष्ट्र ने एक बार फिर उनके विचारों, मूल्यों और राष्ट्रहित में किए गए कार्यों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

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